वशीकारिणी by Pooja Singh in Hindi Novels
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... "  सही पहचाना में तेरी...
वशीकारिणी by Pooja Singh in Hindi Novels
..... अब आगे.......शक्ति अपनी इच्छा को ढूंढ़ने के लिये उस पेपर पर लिखे पते पर जाने के लिए सबसे पूछता है... पर किसी को उस...
वशीकारिणी by Pooja Singh in Hindi Novels
मुझे याद है हमारे सात साल पहले ज़ब मैं औऱ इच्छा पहली बार कॉलेज गए थे , ये तब की फोटो है..काश! मैंने अपने प्यार को तभी बता...
वशीकारिणी by Pooja Singh in Hindi Novels
सच का पहला दरवाज़ाउस आदमी की आवाज़ में अजीब सी ठंडक थी।शक्ति उसकी तरफ देखता रहा, जैसे शब्द उसके कानों तक पहुँच ही नहीं र...