JANVI - राख से उठती लौ by Luqman Gangohi in Hindi Novels
प्रस्तावना"वो कहते हैं न, कि लड़कियां कमजोर होती हैं...पर मैंने तो देखा है-एक लड़की अपने टूटने की आवाज़ भी अंदर ही दबा ल...
JANVI - राख से उठती लौ by Luqman Gangohi in Hindi Novels
सपनों की शुरुआत(जहाँ आसमान अभी दूर था, लेकिन आंखों में उसका अक्स था...)कानपुर के बाहरी इलाके में बसा एक छोटा-सा गांव, जि...
JANVI - राख से उठती लौ by Luqman Gangohi in Hindi Novels
अनकहे रिश्ते"कभी-कभी जो हमें सहारा लगता है, वही हमारी सबसे बड़ी सीख बन जाता है।"यह वह दौर है जब जानवी के जीवन में पंकज आ...
JANVI - राख से उठती लौ by Luqman Gangohi in Hindi Novels
जहां रिश्ते टूटे, वहां एक रिश्ता बना"कुछ रिश्ते खून से नहीं, समय और समझ से बनते हैं... और वो सबसे गहरे होते हैं।"जानवी उ...