वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत by vikram kori in Hindi Novels
‎ पार्ट - 1‎सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भाग...
वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत by vikram kori in Hindi Novels
‎ PART–2‎सुहानी को घर पहुँचते ही एहसास हुआ कि कुछ छूट गया है।‎‎बैग खोला।‎डायरी थी।‎चाबियाँ थीं।‎मोबाइल था।‎‎लेकिन चार्जर...
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‎ part -3‎‎सुहानी मोबाइल को देखे जा रही थी।‎‎स्क्रीन पर वही शब्द रुके हुए थे—‎“Harsh is typing…”‎‎उसने एक पल के लिए आँखे...