सदियों से तुम मेरी by Pooja Singh in Hindi Novels
घने जंगल के बीचोंबीच फैली वह प्राचीन गुफा आज भी रहस्यों से भरी थी। चट्टानों से रिसता पानी सदियों पुरानी कहानियों का साक्...
सदियों से तुम मेरी by Pooja Singh in Hindi Novels
सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर दिव्या के कमरे में फैल रही थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँख खुल गई थी। वह कुछ पल यूँ...
सदियों से तुम मेरी by Pooja Singh in Hindi Novels
कॉलेज का दिन सामान्य रूप से खत्म हो चुका था। सूरज ढलने लगा था और आसमान में हल्की नारंगी आभा फैल रही थी। स्टूडेंट्स अपने-...
सदियों से तुम मेरी by Pooja Singh in Hindi Novels
अगली सुबह दिव्या देर तक सो नहीं पाई। रात की घटना बार-बार उसकी आँखों के सामने घूम रही थी। वह छाया, वह डर… और फिर अर्जुन क...
सदियों से तुम मेरी by Pooja Singh in Hindi Novels
अगले कुछ हफ़्तों में दिव्या की जिंदगी में अजीब सा संतुलन आने लगा। कॉलेज के दिन सामान्य रूप से गुजरने लगे और अर्जुन हमेशा...