Quotes by Aarushi Singh Rajput in Bitesapp read free

Aarushi Singh Rajput

Aarushi Singh Rajput

@aarushisinghrajpute
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किसी के न होने का एहसास सबको होता है,
मगर जो आज हमारे पास है, उसकी कदर शायद ही कोई करता है।
लोग अक्सर उन चीज़ों के पीछे भागते रहते हैं, जो उनसे दूर हो चुकी होती हैं…
और जो बिना किसी शिकायत के उनके साथ खड़ा रहता है, उसकी मौजूदगी उन्हें तब तक महसूस नहीं होती, जब तक वो भी खामोशी से दूर न हो जाए।

शायद इंसान की फितरत ही ऐसी है…
जो नहीं है, उसकी कमी सबको खलती है,
और जो है… उसकी कीमत किसी को नहीं समझ आती।🙂‍↕️😕

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पता नहीं अमीरी किसे कहते हैं…

मैंने तो खाली हाथों को भी
दूसरों के लिए बहुत कुछ देते देखा है,
और भरे हाथों को भी
दूसरों के सामने खाली देखा है।

कुछ लोग जेब से अमीर होते हैं,
मगर ज़मीर से बेहद गरीब।
और कुछ ऐसे होते हैं,
जिनके पास देने को शायद कुछ खास नहीं होता,
फिर भी उनका दिल इतना बड़ा होता है
कि अपनी आखिरी खुशी भी बाँट देते हैं।

मैंने ऐसे लोग भी देखे हैं
जो दूसरों की जरूरत में अपने हिस्से का सुख छोड़ देते हैं,
और ऐसे भी…
जिनके पास सब कुछ होता है,
फिर भी किसी के लिए कुछ करने से पहले
हिसाब लगाने लगते हैं।

इसलिए अब किसी के कपड़े, महल, गाड़ी
या जेब देखकर उसकी हैसियत नहीं आँकती।

क्योंकि वक्त ने सिखा दिया है…
अमीरी बैंक बैलेंस से नहीं,
नीयत से दिखाई देती है।

जिसे अपने होने पर इतना घमंड है,
उसे याद रखना चाहिए—
दौलत विरासत में मिल सकती है,
मगर औकात अपने कर्मों से बनानी पड़ती है।

और हाँ…
हमारे पास शायद दिखाने को बहुत कुछ नहीं,
लेकिन इतना जरूर है
कि किसी के सामने अपनी इंसानियत बेचकर
अमीर बनने की जरूरत नहीं पड़ी।

बाकी दुनिया जिसे अमीरी समझती है,
उसे मुबारक…
हमें तो अपने ज़मीर का अमीर होना ही काफी है। 🖤

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Pata hai sabse dangerous kya hota hai?
Na khushi, na dukh… bas kuchh mehsoos hi na hona.

Log samajhte hain sab theek hai,
kyunki tum na ro rahe ho, na kisi se shikayat kar rahe ho.

Magar andar hi andar kuchh dheere-dheere khatam hota rehta hai…

bina kisi awaaz ke, bina kisi ko pata chale.🙂‍↕️

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“My life. My chapters. My story.” #aestheic

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“मेरी ज़िंदगी एक किताब है,
और इसके हर chapter की कहानी मैं खुद लिखती हूँ।
कौन किरदार बनेगा, कौन पन्ना बनकर रह जाएगा,
ये फैसला भी अब मैं खुद करती हूँ।”

Aarushi Singh Rajput🖤😈

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Hey guys, how are you all doing?

I hope you all are doing well. So today I want to discuss one of my stories with you friends. I've written a new story called "RAJPUTANA - The War of Love and Revenge", and almost 14-15 chapters have already been published.

Basically, this story is set in the 10th century it's not completely real, but I've added a lot of historical culture into it.

I've shown two religions in this story, so if anyone has any issue with that, I want to clarify beforehand that this is just a normal story, and there's no intention of hurting anyone's feelings. So please take it just as a novel, don't take it too seriously.

I hope you friends will enjoy reading "RAJPUTANA - The War of Love and Revenge". And if anyone likes the story, please please do comment, and also let me know where you're from that way we'll know from where all my story is being read.

Well, you friends probably already know me, but still let me tell you I am your dear friend, writer Aarushi Singh Rajput. I've published this story on several platforms, and I have other stories too on different platforms, so please read those as well.

My dear friends, I just want to say that if you friends are enjoying "RAJPUTANA - The War of Love and Revenge", then please please do comment and leave a review. I hope you friends will like the story.

Alright, I talk too much, bye bye!

Yours, writer Aarushi Singh Rajput ❤️

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चेहरा साफ़, मन में दाग,
सामने ताली, पीछे गाली।
मुँह पर आप, पीठ पीछे साँप,
बस यही है आजकल लोगों का रिवाज़।

सामने प्यार की बातें, पीछे जलन का हिसाब,
मतलब निकल जाए तो बदल जाता है जनाब।
चेहरे पर मुस्कान और दिल में हज़ार राज़,

कौन अपना है और कौन नकली—समझना नहीं आसान आज।

इसलिए अब हम भी थोड़ा संभलकर रहते हैं,

हर मीठी बात करने वाले को अपना नहीं कहते हैं।

क्योंकि इस दुनिया में चेहरे नहीं, नीयत पहचाननी पड़ती है,
और हर मुस्कुराते इंसान की कहानी थोड़ी पढ़नी पड़ती है।
बाकी हम तो जैसे हैं वैसे ही हैं, जनाब...

साफ़ दिल वाले हैं, इसलिए शायद आजकल के रिवाज़ों से थोड़े अलग हैं!! 😌🖤

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ज़िंदगी इतनी सस्ती नहीं कि हर वक़्त यही सोचते रहें
कौन बात कर रहा है और कौन नहीं।
ध्यान अपने सपनों पर रखो, लोग खुद जुड़ते चले जाएँगे।😈

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Hey Friends! ❤️

कैसे हैं आप सब?

वैसे तो मैंने इस कहानी के कई chapters पहले से लिख रखे हैं, लेकिन उन्हें public करने में थोड़ा time लगता है। इसलिए अगर कभी chapters के बीच थोड़ा gap हो जाए, तो उम्मीद है आप समझेंगे। 😊

वैसे आपको "OBJECTION, MS. SINGHANIA!" कैसी लग रही है? अगर कहानी पसंद आ रही है, तो please मुझे comment करके ज़रूर बताइए। आपकी ratings और reviews मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं, क्योंकि उन्हीं से मुझे पता चलता है कि मुझे कहाँ सुधार करना चाहिए और आगे आपको क्या पढ़ना पसंद आएगा।

आज मैंने एक साथ दो chapters upload किए हैं। साथ ही मैं इस कहानी को दूसरे platform पर भी publish कर रही हूँ, ताकि आप जहाँ comfortable हों, वहीं इसे पढ़ सकें।

और हाँ... मैं एक नई कहानी पर भी काम कर रही हूँ, जिसका नाम है "Raaz"। यह थोड़ी mystery/horror based story है। मैंने पहले कभी इस genre में ज़्यादा नहीं लिखा, इसलिए यह मेरे लिए भी एक नया experience है। अगर कहीं कोई कमी रह जाए, तो उम्मीद है आप मुझे माफ़ करेंगे... और अगर पसंद आए, तो अपना प्यार ज़रूर देंगे। ❤️

बस इतना ही...

Take care, my dear readers! 💖

Milte hain next chapter mein...

Bye Bye! 👋✨

Aarushi Singh Rajput ✍️

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आज वीरता, स्वाभिमान और राजपूती आन-बान-शान के प्रतीक Maharana Pratap जी की जयंती है।
उनका जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था।
आज उनकी जयंती को पूरे 486 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उनका साहस, त्याग और स्वाभिमान आज भी हर राजपूत के दिल में जिंदा है। ❤️‍🔥
उन्होंने हमें सिखाया कि
“हालात कितने भी कठिन क्यों न हों,
लेकिन अपने सम्मान और मातृभूमि के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए।” ⚔️
महाराणा प्रताप ने जंगलों में रहना स्वीकार किया, घास की रोटी खाई, कठिन जीवन जिया…
लेकिन कभी भी मुगल सम्राट Akbar की अधीनता स्वीकार नहीं की।
हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक युद्ध नहीं था,
वो राजपूती स्वाभिमान की पहचान था। 🚩🦁
एक राजपूत होने के नाते आज दिल गर्व से भर जाता है कि
हम उस वीर भूमि और उस इतिहास से जुड़े हैं
जहाँ सम्मान के लिए लोग अपना सब कुछ कुर्बान कर देते थे। ❤️
“हम उस वंश से हैं
जहाँ तलवारें सिर्फ युद्ध नहीं,
सम्मान की रक्षा के लिए उठती थीं। ⚔️”
“राजपूत होना सिर्फ एक जाति नहीं,
यह साहस, स्वाभिमान और वफादारी की पहचान है। 👑”
“आज भी हमारे खून में वही जुनून बहता है,
जो कभी महाराणा प्रताप की तलवार में बहता था। 🔥”
“ना झुके थे, ना झुकेंगे…
क्योंकि हमारे इतिहास में महाराणा प्रताप जैसे वीर बसते हैं। 🚩”
“जिस मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे शेर को जन्म दिया,
उस मिट्टी को मेरा बार-बार प्रणाम। 🙏”
आज के दिन हर राजपूत को अपने इतिहास, अपने संस्कार और अपने स्वाभिमान पर गर्व होना चाहिए। ❤️‍🔥⚔️
जय महाराणा प्रताप 🚩
जय मेवाड़ 🦁
जय राजपूताना ⚔️

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