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विधि के विधान को नहीं बदला जा सकता महामृत्युंजय मंत्र देने वाला अपनी पत्नी को नहीं बचा पाया, प्रेम सिखाने वाला राधा को अपना नहीं बना पाया, नारी का सम्मान करने वाला अपनी अर्धांगिनी को सम्मान नहीं दिला पाया, इसलिए कल की चिंता छोड़ दो जो लिखा है वो होकर ही रहेगा।। ✍️ अंतिमा 😊
कभी में अपने दिल के खालीपन को भर पाऊंगी। किसी को अपना प्यार की लूटा पाऊंगी, मुझे इंतजार है ऐसे शख्स का.... जिसे में अपना कह सकू। मेरी प्रार्थनाओं में उसका नाम हो, जिसके साथ में दुनिया देख सकूं। मुझे इंतजार है ऐसे शख्स का.... जो सामाजिक वातावण में मुझ पर अपना अधिकार जताए, मेरे सम्पूर्ण अस्तित्व पर उसके रिश्ते की मुहर लग जाए। जिसके लिए में शान से सोलह श्रृंगार कर सकूं, उनकी दीर्घायु के लिए मेरे आराध्य से दुआ कर सकूं। मुझे इंतजार है ऐसे शख्स का...... जो फूल देकर अपना प्यार ना जताकर, मुझे फूलों की तरह रख कर अपना प्यार जताए। मेरे मन में उमड़े प्रेम के सैलाब को उस पर झलका सकूँ, चाय की चुस्कियों के साथ बच्चपन वाली बेवकूपिया साँझा कर सकूं। रोज आइने के सामने तैयार होकर पूछ सकू कैसी लग रही हु मैं। मुझे इंतजार है ऐसे शख्स का.... जिसे मेरे चेहरे की भाव-भंगिमा से मेरे मूड का पता लगा ले, मेरे ख्वाबों की हकीकत को बदलने में मेरा साथ दे। वो सिर्फ मुझ से प्रेम करे , मैं उसकी फिक्र करूं। "क्या बनाऊं खाने में " वाली टेशन दूर करे। मुझे इंतजार है ऐसे शख्स का...... मेरी सारी दुनिया उसमें सिमट जाए, जीवनसाथी के रूप में एक अच्छा दोस्त मिल जाए जो मेरे दिल के खालीपन को दूर कर जाए। ✍️ अंतिमा 😊
काश मेरे भी एक भाई होता , घर की जिम्मेदारियों का बोझ मुझ पर ना होता । कुत्ते - बिल्लियों की तरह दिन- भर उससे लड़ती रहती , फिर भी अपनी जान से बढ़कर उसको रखती। राखी का त्यौहार दिवाली से कम नहीं मनाती, हा रक्षाबंधन वाले दिन फनी reels उसके साथ बनाती । " बता ना क्या दिलाएगा मुझे रक्षाबंधन पर" यह पूछ- पूछ कर उसका जीना हराम कर देती। भाई के होने से मेरा काम हल्का हो जाता, घर का वंश आगे बढ़ जाता। होता किसी से झगड़ा मेरा, मैं भी अकड़ के साथ कह पाती " तुझे मेरा भाई देख लेगा" आता है रक्षाबंधन का त्यौहार जब, मन मेरा रोने को करता है। ना राखी खरीदने का दिल करता है, ना ही यह त्यौहार मनाने की उमंग होती है । तुम्हारी ही कमी है भाई, बस इसी बात पर जिंदगी आकर रूकी है। होता तेरा साथ तो में बेफिक्र हो जाती, परीक्षा दिलाने की बात हो, या फिर सारी दुनियादारी से बेखबर हो जाती। महफूज़ रहती तेरा साथ तो किसी की नजर मुझ पर ना पड़ती, काश एक भाई होता तो मैं बिन भाई की बहन नहीं कहलाती।। ✍️ अंतिमा 😊
तुम भी मेरी तरह हो क्या.... किसी की भी बातों में आ जाती हों। 7 दिन में गोरे करने का वादा करने वाली क्रीम को देख कर तुम्हारा दिल भी उस वादे को निभाने का होता है। तो मुबारक हो तुम भी मेरी तरह मूर्खो की टोली में शामिल हो गई। मैने देखा क्रीम के डिब्बे पर लिखा है " रंग तुम्हारा बदल देंगे" कितनी अजीब है ये दुनिया जो रंग देख कर इंसान तोलेंगे। ✍️ अंतिमा 😊
मैं बिल्कुल सिंपल लड़की हु कह कर तुम्हे उलझन में नहीं डालूंगी। मुझे पसंद है सजना संवरना.... तुम लाओ उपहार में श्रृंगार तो में खुशी खुशी स्वीकार करूंगी। सुनो तुम्हारी दुविधा को आसान कर दूं मूझे बालों में गजरा लगाना पसंद है। ✍️ अंतिमा 😊
ये जो तुम कहते हो ना " चेहरे में कुछ नहीं रखा मन साफ होना चाहिए" गलत कहते हो..... मैने अक्सर देखा है लोगों को सुंदर चेहरों में अच्छाइयां नजर आती है सारे कुकर्मों पर सुंदरता का पर्दा गिर जाता है। हर चीज आसानी से मिल जाती है फिर वो क्लास के notes हो या अपने जीवनसाथी का चुनाव हो। सुंदरता को हर जगह आगे आने का मौका मिलता है चाहे फिर पहली पंक्ति में आकर खड़ा होने का मौका या कम मेहनत में अच्छे अंक प्राप्त कर कक्षा में प्रथम आने का मौका। हा जिसे तुम Beauty with Brain का नाम देते हो हर स्थान पर सुंदरता को प्राथमिकता दी जाती है मैने देखा है लोग सुंदरता में इतने खो जाते है उनका बात करने का तरीका बदल जाता है "तू" की जगह "आप" कह कर संबोधित किया जाता है मेरी सोच कर ही रूह काफने लगती है... मैं किसी पुरुष की प्राथमिकता नहीं बन पाऊंगी सुंदरता के समुद्र में डूबे पुरुष का दूसरा विकल्प होना मेरा दुर्भाग्य होगा। ओर तुम कहते हो चेहरे में कुछ नहीं रखा। ✍️ अंतिमा 😊
मैं उम्र के उस पड़ाव में हूं..... जहां सिर्फ अकेला रहना अच्छा लगता है। इस दुनिया से मोह खत्म हो गया खुद में इतना डूब रही हूं अब बस मन रूपी समंदर के गर्त में अंधेरा नजर आ रहा है ना मैं किसी की आदत बन पाई ना ही कोई मेरे बिना रह सका मैं बस अकेली रह गई। ✍️ अंतिमा 😊
बहोत अजीब लड़की हूं मैं अकेली रहती हु तो जिंदगी फीकी लगने लग जाती है लोगो के साथ रहू तो सिर दर्द होने लग जाता है खुश रहने की कोशिश करूँ तो future याद आ जाता है मायूस रहने लग जाऊं तो जिंदगी जीने की ख्वाईश होती है मैं खुद बात नहीं कर पाती... और लोगों की बातों से irritate हो जाती हूं। मैं तो कुछ नहीं सहती बोलकर सब सह लेती हूं। मीठा खा कर तीखा खाने की आती है तो तीखा खा कर मीठा खाने का मन करता है कभी छोटी बात पर भी खुल कर हँस देती हूं तो कभी बिना वजह रोने लग जाती हूं। दिल से नर्म इतनी दूसरों के दुख को अपना मान लेती हूं तो कभी जरूरत पड़ने पर अपनों के लिए पत्थर भी बन जाती हूं। बाहर घूमने का दिल करता है लेकिन घर से बाहर निकला नहीं जाता। पता नहीं मैं किसी लड़की हूं। ✍️ अंतिमा 😊
मैं खुद पर संदेह करके खुद को कमजोर कर रही हूँ जबकि लोग मेरी क्षमता से डरे हुए है मैं कलयुग की द्रोपति हु लाज बचाने किसी कृष्ण को नहीं बुलाऊंगी ✍️ अंतिमा 😊
कितना आसान है कहना " कोई बात नहीं अगली बार मेहनत करना"। हा मैं मानती हु मेहनत मैं फिर से कर लूंगी। लेकिन पहले जैसे आत्मविश्वास कहा से ला पाऊंगी खुद से नजरे कैसे मिला पाऊँगी घरवालो को कैसे बता पाऊंगी उनकी बेटी असफल हो गई। तुम सोचो मुझ पर क्या गुजर रही है मैं कैसा महसूस कर रही हु भविष्य में चारों तरफ बस अंधकार दिख रहा है। कई मैं काजल की कोठरी में तो नहीं आ गई मेरे कान्हा ने कहा बस मेहनत करो मेरा प्रश्न है कान्हा तुमसे क्या कमी रह गई थी मेरी मेहनत मे क्या मैं सफल होने लायक नहीं थी। दिल के हजार टुकड़े को कैसे समेट पाऊंगी। तुम नहीं आए माधव अपनी सखी की लाज बचाने मैं खुद से शिकायत कर रही हु क्यों किया मैंने तुम पर भरोसा। मैं अपनी प्रार्थनाओं को वापस लेती हु और तुम्हे धन्यवाद देती हु। मुझे फिर से याद दिलाने के लिए कोई भरोसे के लायक नहीं होता। अब बस मुझे खुद हिम्मत करके लोगो का सामना करना होगा। ✍️ अंतिमा 😊
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