Quotes by Ganesh Kumar in Bitesapp read free

Ganesh Kumar

Ganesh Kumar

@ganeshkumar6818


एक गलत चुनाव...

ज़िंदगी तबाह हो गई,
जिसे अपना समझकर चुना था,
उसी के हाथों खुद को
हर दिन थोड़ा-थोड़ा टूटते देखा है।

हमने उसे अपना पूरा जहाँ समझ लिया,
और उसने हमें
अपनी ज़िंदगी का एक हिस्सा भी नहीं समझा।

जिसके साथ उम्र बिताने के सपने देखे थे,
आज उसी की यादें
रातों की नींद छीन लेती हैं।

गलती बस इतनी थी कि
हमने इंसान को नहीं,
अपने प्यार को सच मान लिया।

काश उस दिन दिल की जगह
दिमाग से फैसला लिया होता,
तो शायद आज
हम खुद से इतनी नफरत न करते।

अब किसी से शिकायत भी क्या करें...
फैसला हमारा था,
गलती हमारी थी,
और सज़ा भी हम ही भुगत रहे हैं।

**कुछ गलत फैसले
सिर्फ रिश्ते नहीं छीनते,
वो इंसान से उसकी हँसी,
उसका सुकून
और जीने की वजह तक छीन लेते हैं।**

आज भी खुद से एक सवाल करता हूँ—
आखिर मैंने उसे ही क्यों चुना था?
जिसे पाने के लिए
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी दाँव पर लगा दी,
उसी को पाकर
मैं अपनी ही ज़िंदगी हार गया...

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मजबूत भी टूटते हैं मशहूर भी टूटते हैं
वत्त्त की चोट के आगे गुरूर भी टूटते हैं

पता है, जब आप किसी के लिए अपना सब कुछ कर देते हो…
अपना समय, अपनी खुशियाँ, अपनी नींद तक दाँव पर लगा देते हो।

लेकिन वही इंसान एक दिन आपको ये एहसास दिला दे कि
**“तुमने मेरे लिए किया ही क्या है…”**

तब दर्द सिर्फ़ उस बात का नहीं होता,
दर्द इस बात का होता है कि
**जिसे अपना समझकर सब कुछ किया,
उसे कभी आपका कुछ भी नज़र ही नहीं आया।** 💔

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इंसान जब समझदार होता है
तो सबसे पहले दिखावा छोड़ता है

“ज़िंदगी में कुछ फैसले ऐसे भी लेने पड़ते हैं,
जहाँ सही होकर भी हर रोज़ टूटना पड़ता है…
ना जीने की खुशी बचती है, ना मरने की हिम्मत,
बस अंदर ही अंदर घुट-घुट कर मरना पड़ता है…!”

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जिंदगी की खूबसूरती इसी में है
की कुछ भी हमेशा एक जैसा नहीं रहता.....

जिंदगी में कुछ रास्ते सब्र के होते है,
और कुछ रास्ते सफर के ,,

साइकोलॉजी फैक्ट्

वफादार औरत कभी बहस नहीं करती वो हमेशा चीजें ठीक करने की कोशिश करती हैं!

ये अंतिम अध्याय है "माधव"

जो हमारे साथ अच्छा करते हैं,
उनका शुक्रिया।
जो हमारे साथ अच्छा नहीं कर रहे हैं, उनका?
उनका भी शुक्रिया करना है।
उनका शुक्रिया हम इसलिए करते हैं, क्योंकि उनके हमारे जीवन में आने की वजह से हमारा अहंकार घटता है, आत्मा की शक्ति बढ़ती है।
हम उनकी वजह से झुकते हैं,
झुकते हैं और झुकते हैं।
वो झुकें या नहीं झुकें,
उनकी वजह से हमारी शक्ति बहुत बढ़ जाती है।
उनकी वजह से हमारे अंदर क्षमा करने की ताकत आती जाती है। उनकी वजह से हमारे अंदर दूसरों के व्यवहार में भी स्टेबल रहने की ताकत आती जाती है।
उनका तो सबसे ज्यादा शुक्रिया करना चाहिए।
सबसे ज्यादा शुक्रिया करना चाहिए। थैंक यू, थैंक यू।
आप करते जाओ,
मैं राइट करते जाओ तो मेरी ताकत क्या होती जाएगी?
बढ़ती जाएगी।
अगर हमारे सब महिमा ही करते रह गए,
तो तो पता ही नहीं चलेगा,
किसी दिन अहंकार ही न बढ़ जाए।

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