Quotes by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH) in Bitesapp read free

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

@ganeshptewarigmail.com064906


लोभी समझे अर्थ को, जीवन का आधार। अर्थ लाभ को सोचकर, करता वह व्यवहार।।
दोहा --383
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

धन की महिमा बहुत पर, धन से ज्ञान महान। धन को रखते हम मगर, हमको रखता ज्ञान।।
दोहा-- 382
(नैश के दोहे से उद्धृत)
------गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

षट शिकार हैं शत्रु पर, प्रबल शत्रु है राग। शान्ति मनुज को मिले जब, होगा इसका त्याग।।
दोहा--381
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

साथ सज्जनो से करो, करना है यदि साथ। दूर दुर्जनो से रहो, रखो बचाकर हाथ।।
दोहा --380
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

कुछ करना यदि चाहते, करिए
परउपकार। और दूसरों से सदा, रखिए सद्व्यवहार।।
दोहा--379
(नैश के दोहे से उद्धृत)
---- गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

निन्दक बन कर मत रहो, करो सदा सद्कर्म। निन्दा की आदत बुरी, छोड़ो यह दुष्कर्म।। दोहा--378
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

यदि तुम चाहो बोलना, बोलो केवल सत्य। अथवा चुप हो बैठिए, बोलो नहीं असत्य।।
दोहा --377
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

दोष भाग्य पर डालकर, करता नर दुष्कर्म। अशुभ-अशुभ करता रहा, किया नहीं शुभ कर्म।।
दोहा--376
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

छोड़ जगत के लाभ को, सदा करो पुरुषार्थ। जब आए संतोष धन, खर्च करो धमार्थ।।
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More

प्रियभाषी मिलते बहुत, इनकी है भरमार। हितभाषी पर जगत में, मिलते हैं दो चार।। दोहा--374
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

Read More