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मैं सच कहती रही, लोग नाराज़ होते रहे, झूठ कहते तो शायद सब अपने होते। आज समझ आया मुझे इस दुनिया का रंग, यहाँ चेहरे हँसते हैं, पर दिल रोते हैं। — A Singh
yahi zindagi hai
mahakal🕉️🕉️
कभी अकेले बैठकर ज़रा सोचना, कि असल में किसने किसको खोया है। हमने तो तुम्हें दिल से चाहा था, अब वक़्त बताएगा… आख़िर किसने किसके लिए रोया है। — A Singh 💔✨
तुम्हें क्या बताएं कि तुमसे कितना प्यार करते हैं, ये लफ्ज़ों में कहाँ बयां हो पाता है। कभी अकेले मिलना हमसे, तब तुम्हें पता चलेगा कि बेवफा कौन था… और वफ़ा किसने निभाया है। — A Singh 💔
"हर दिन एक नई कहानी लिखी जाती है, और कलम हमारे अपने हाथ में होती है। किरदार को अगर संजीदगी से लिखा, तो कहानी यादगार बन जाएगी, पर अगर भटक गए अपने ही रास्ते से, तो हम अपनी ही कहानी का एक अधूरा पन्ना बन जाएंगे।" — A Singh ✍️✨
"आज रंगों का त्यौहार है, पर तू तो गटर का राजकुमार है! तेरे गले में चप्पल का ऐसा हार सजेगा, कि मोहल्ले का कुत्ता भी तुझे देखकर रास्ता बदलेगा। नली के कीचड़ में जब तू लेटा हुआ मिलेगा, कसम से भाई, तू ही होली का असली 'गुलाब' खिलेगा!" _ A singh
रंगों की दुनिया में तुम काले नजर आओगे, आज गटर के पानी से ही तुम नहाओगे। गले में चप्पल का ऐसा हार सजेगा, जो भी देखेगा, बस तुम पर ही हंसेगा! _ A singh
"शक्ल पर कालिख, गले में टूटी चप्पल, हाथ में पिचकारी और इरादे बिल्कुल चंचल। दोस्त मेरा आज गटर में ऐसा लेटा है, जैसे नाली ने उसे गोद लिया हुआ बेटा है!" happy Holi _ A singh
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