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સમસ્ત માસુમ ભાવનાઓનો અંત થયાં પછી શરું થાય છે વાસ્તવિક જીવન... 🌸
मुसलल धूप में चलना, चिरागों कि तरह जलना, ये हंगामे तो मुझको वक्त से पहले थका देंगे... 🌸
समुंदर कि रेत पर लिखें गये नाम कि तरह, कुछ रिश्ते भी एक लहर आने तक ही चलते हैं... 🌸
हाथी, घोड़े, तोप, तलवारें, फौज तो तेरी सारी है, पर जंजीर में जकड़ा राजा मेरा अब भी सब पे भारी है... जब-जब हिंदवी स्वराज्य, धर्म और स्वाभिमान की बात होगी, तब-तब छत्रपति संभाजी महाराज का नाम अग्नि की तरह चमकेगा। 🚩 उन्होंने केवल तलवार से युद्ध नहीं लड़ा, बल्कि अपने अदम्य साहस, अटूट आत्मसम्मान और धर्मनिष्ठा से इतिहास में अमरता प्राप्त की। असंख्य यातनाएँ सह लीं, मगर अपने धर्म और संस्कारों के आगे कभी झुके नहीं। उनका जीवन हर हिंदू के लिए प्रेरणा, गर्व और वीरता का प्रतीक है। छत्रपति संभाजी महाराज केवल एक राजा नहीं थे, वे हिंदू स्वाभिमान की जीवित पहचान थे। उनकी आँखों में स्वराज्य का सपना था और हृदय में धर्म की ज्वाला। उन्होंने अपने पराक्रम से यह बता दिया कि वीरता केवल युद्ध जीतने में नहीं, बल्कि सत्य और धर्म के लिए अंत तक अडिग रहने में होती है। उनका बलिदान इतिहास के पन्नों में नहीं, हर हिंदू के हृदय में आज भी जीवित है। ❤️ आज उनकी जन्म जयंती पर पूरा राष्ट्र गर्व और श्रद्धा से नतमस्तक है। आइए, उनके साहस, त्याग और स्वाभिमान से प्रेरणा लेकर अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सम्मान को और मजबूत करें। “धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज” केवल एक नाम नहीं, बल्कि हिंदू अस्मिता की अमर गूंज हैं। 🚩 Remember this name : संभाजी राजे 🌸🚩 सनातन धर्म 🙏🏻🚩
कभी भी किसी भी इंसान को समझाया नहीं जा सकता, क्योंकि समझाने के बाद भी, इंसान वही करता है जो उन्हें करना होता है... इंसान कि फितरत मायने रखती है, गर सामनेवाला समझदार हो, ओर उसमें वो भाव वो लगाव होगा जो आपमें है, तो वो आपको महसूस करेगा, आप की बातों को समझेगा, ओर अपने आप में सुधार लायेगा जिस से आपका दिल ना दुखें, लेकिन बबुल के पेड़ से आम कि उम्मीद नहीं लगाईं जा सकती वो अपना स्वभाव कभी नहीं बदलेगा, और दुखी आप होंगे... बेहतर है जो जेसा है उसे स्वीकार कर लीजिए, या छोड़ दीजिए... जीवन सरल हो जायेगा... 🌸🌸🌸
માતૃત્વ એ ફક્ત જૈવિક સંબંધ કે માતૃત્વની શારીરિક પ્રક્રિયા નથી, પરંતુ કરુણા, પ્રેમ અને અસ્તિત્વ ની ચેતનાની સર્વોચ્ચ સ્થિતિ છે... "માં" એ સંબંધનું સૌથી સર્વોચ્ચ શિખર છે... 🌸❤️
જેણે મનગમતો ખજાનો ખોયો હોય, એણે પછી પાંચ પચીસ નો મોહ ન હોય... 🌸
"पेड़" गिरतीं हुईं पत्तियों से कभी नहीं पूछते, खुद से अलग होने का कारण... 🌸
"મુજ વીતી તુજ વીતશે" એવું શા માટે કહેવું ? "મેં માણ્યું તું માણજે" એમ ન કહી શકાય...? 🌸
ચુંટણી એ વૈચારિક યુદ્ધ છે, તેને વ્યક્તિગત ક્યારેય ના બનાવવું જોઈએ...
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