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"क्या मैं तुम्हें पसंद कर सकता हूँ? नहीं, सच तो यह है कि मैं तुमसे पहले ही प्यार कर चुका हूँ, और अब मैं इसे और नहीं छुपा सकता।"
चाहे कुछ भी हो जाए, अगर तुम मेरे रास्ते में आई, तो मैं तुम्हें ढूंढ ही लूंगा। भले ही तुम कहीं दूर किसी दूसरी दुनिया में क्यों न हो, ढूंढ निकालूंगा।"
"अगर हम इस ज़िंदगी में नहीं मिल पाए, तो मैं अगली ज़िंदगी में तुम्हें ढूंढूंगा। मैं समय की हर सीमा को पार करके तुम्हारे पास वापस आऊंगा।"
एक नज़्म लिखी कही रखी हैं सुनो तो सुनाऊं क्या क्या कहती हो खत में भेजु तकिए तले छुपाऊं क्या कमबख्त ये दूरी कैसी बाहों को भुलाऊं क्या एक नज़्म लिख रखी हैं तेरे लिए उस संग आ जाऊ क्या.... - Alone Soul
नफ़रत , मोहब्बत, इनायत , इबादत, इजाज़त,का असर था हां वो थी मेरी पहली मोहब्बत पहली मोहब्बत पर मुझे घमंड था - Alone Soul
मत देख जिंदगी में कितने पल है ये देख की हर पल में कितनी जिंदगी है - Alone Soul
https://www.matrubharti.com/book/19972448/pahla-pyaar-1 नया काम ..
मुझे नहीं चाहिए तू किसी हिस्से में न आज न कल न किसी किस्से में - Alone Soul
अब हासू भी न ये दुनिया जालिम समझ रही है मेरी मुस्कुराहटों को मेरी कातिल समझ रही है
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