Quotes by Ruchi Dixit in Bitesapp read free

Ruchi Dixit

Ruchi Dixit Matrubharti Verified

@ruchidixit324gmail.com8469
(488.3k)

प्रेम और औपचारिकता में फर्क
यह है कि,,,
प्रेम उस खाली जगह में
भी बार-बार उपस्थिति तलाशता है और औपचारिकता
कभी सहुलियत में याद आने पर,,,,,
प्रेम में संवाद प्रतीक्षा होती है और औपचारिकता में सहुलियत,,,,
औपचारिकता में व्यस्तता प्रबल होती है
जबकि प्रेम में कमजोर,,,
- Ruchi Dixit

Read More

हम किसी बात पर तर्क कर
सकते हैं किन्तु तर्क पुष्ट होने पर भी
हम उस बात कि पुष्टि नहीं कर
सकते जिसे तर्कों से नहीं समझा
जा सकता,,,,,,,
- Ruchi Dixit

Read More

नही कहुँगी कुछ अब!
आँखों के निकलते आँसुओं
अन्तर उठती पीर से केवल सुनुँगी
बस सुनुगी निशब्द बिना व्यवहारिक
परिवर्तन के,,,,,,,,
- Ruchi Dixit

Read More

मैं ही सही हूँ मैं यह नहीं मानती
मैं मानती हूँ मैं कुछ नहीं जानती
पहली सीढ़ी रास्ता नहीं बनाता
यह सोच जी में नहीं आता जब
जब पग धरे ही न उस पर....
प्रयास उस पर चढ़कर आगे बढ़ने
का है...
हाँ और भी रास्ते हैं मंजिल तक
पहुंचने के मगर जो मेरे आगे है
उस पर पहले माथ धरना है,,
- Ruchi Dixit

Read More

सच था या सब छला गया
वक्त का पहिया चला गया
बदली न दशा बदली बदली लेकिन ...
सूखा सूखा सब सहा गया ...
भ्रम बादल का या भ्रम बदली
बदली न अन्तर दशा टली
अनन्त कोश में सब्र रचा है बाकी या बचा गया,,,- Ruchi Dixit

Read More

..
- Ruchi Dixit

लौटा देना उन्हें वह सबकुछ
जिन्होंने खोया है , देने के
अफसोस तलेें प्रेम भला कब पनपा है,
लेने के बोझ से प्रेम भला जीवित
कब बचा है??
- Ruchi Dixit

Read More

...

- Ruchi Dixit

......





- Ruchi Dixit

......
- Ruchi Dixit