The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
माना जिंदगी में है बहुत परेशानियां फिर भी उतारकर उम्र की ये चादर वक्त बेवक्त करते रहिए थोड़ी नादानियां। सरोज प्रजापति ✍🏻 😍☔🫶🤩🤩💃 - Saroj Prajapati
मां के निधन के लगभग एक महीने बाद रतन स्कूल लौटा था। टीचर ने उसे अपने पास बुलाकर सांत्वना दी तो वह रोने लगा। उसे रोता देख टीचर के साथ-साथ उसके दोस्तअजय की भी आंखें भर आईं। टीचर ने उसे हिम्मत बंधाते हुए सभी को उसका ध्यान रखने के लिए कहा।नन्हा रतन मां के असमय जाने के दुख में ऐसा डूबा कि पढ़ने लिखने से लेकर हंसना मुस्कुराना तक भूल गया । अजय और उसके दूसरे दोस्त उसे हर तरह से समझाकर हार चुके थे लेकिन वो अपनी मां के दुख से बाहर ही नहीं निकल पा रहा था।बच्चे तो आखिर बच्चे ही थे। कब तक उसके पीछे लगे रहते इसलिए धीरे-धीरे सभी अपने आप में मस्त हो गए लेकिन अजय वह कैसे अपने जिगरी दोस्त को अकेला छोड़ देता!लंच में सब खेलने के लिए बाहर चले जाते लेकिन अजय,रतन के साथ क्लास में ही बैठा रहता। मान मनुहार कर उसे खाना खिलाता और चटपटी बातें कर उसे हंसाने की कोशिश करता।आखिर अजय की दोस्ती रंग लाई। रतन अपने दुख से उबर फिर से मुस्कराने लगा था। अब फिर से दोनों दोस्त कक्षा की गतिविधियों में बढ़चढकर हिस्सा लेते और खेलते कूदते,उधम मचाते। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
फिर कुछ ऐसा घटता है,दुविधा का बादल छंटता है उसकी सत्ता पर विश्वास और अटल हो उठता है।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
इंसानों से नहीं किताबों से उलझो यकीन मानिए ये उलझन आपके दिल को सुकून पहुंचाएगी। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
जिंदगी में लग रही हो बार बार ठोकर तो करें ना अपना समय बर्बाद तुरंत जाकर कराएं आंखों का इलाज !! हर छोटी-बड़ी बात में ढूंढें ना ज्ञान।।😜🤩 saroj Prajapati ✍🏻
मिरे तोड़ भरोसे को वो मुझसे वफ़ा की उम्मीद रखता है नजरों से गिरा जो एक बार क्या फिर दिल में जगह पा सकता है !! सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
अहम और वहम हो जिसके साथी भला जरूरत उसे किस दुश्मन की। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
खूब आजमाइशें ले रही है तू जिंदगी अब कोई एक आध ख्वाहिश तो पूरी कर कब तक बेनतीजा देती रहूं तेरे मैं इम्तिहान नतीजों की कोई एक तारीख तो मुकर्रर कर।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
कोशिशें थी एक तरफा ....... रिश्ता आखिर कब तक चलता भला!! सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
बचपन गया बचपना तो अभी जिंदा है बरसात देख मन आज भी बन जाता परिंदा है पहले सोचते थे काश आज टीचर छुट्टी मार जाए और आज देख बारिश सोचते हैं बच्चे कम आए ना हम बदलें,ना स्कूल बदला और ना बदली बरसात बदला बस्ता जिम्मेदारियां और ख्वाहिशों का आकाश। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser