Quotes by Dr Reenu singh in Bitesapp read free

Dr Reenu singh

Dr Reenu singh

@singhreenu1612gmail.com945880


अल्फाज कहां चुप से रहते हैं,
चुप रहकर भी बहुत कुछ कहते हैं,
सुुन ले जो खामोशी की आवाजें ,
वैसे शक्स अब कहां मिलते हैं ,

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लम्हा लम्हा तरसते रहे, हम जिस लम्हे के लिए ..
वो लम्हा भी मिला हमें,बस एक लम्हे के लिए..

"सुबह की रोशनी नयी आशा लेकर आती है....
ढलते ढलते शाम कुछ ख्वाहिशे ले जाती है...
रुह कहा अपनी बाते हर किसी से कह पाती है...
रुठ ना जाए कुछ कीमती रिश्ते, इसलिए बस चुप रह जाती है"

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"वो जो कहते है,हम उनके खास है
मालुम है हमें ,वो औरों के भी तो पास हैं"

शाम अब कहां तन्हा सी लगती है...
तेरी मौजूदगी नजदीक सी लगती है...
हम खडे है उसी पुरानी गली में...
जो गली तुझे गैर सी लगती है...

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