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यादों के समुद्र में डूब कर रोज, तेरी मुस्कान के मोती चुनती हुं..! तू चला गया मुझे छोड़कर पर मैं, अब भी तेरी यादों को बुनती हूं..!! - Soni shakya
जब आती है 'तन्हाई' हर ज़ख्म हरा कर जाती है.. शब्दों की इस भीड़ में हमें तो खामोशियां ही रास आती है.. - Soni shakya
लगाव था तो तर्क देकर चल दिए तुम..! प्रेम होता तो शायद--रूक जाते..!! - Soni shakya
हसरतें भी सबसे गहरी वही होती है जो... दिल में तो बसती है मगर तक़दीर में नहीं.. - Soni shakya
आंखों का कसूर बस इतना था कि.. दर्द दिल में था जो उससे छुपाया ना गया.. - Soni shakya
छीन का अल्फाज मेरे खामोशी का तोहफा दिया.. और उस पर इल्जाम ये कि तुम कुछ बोलती क्यों नहीं.. - Soni shakya
हमने तो रिश्ता जोड़ लिया खामोशी से पर, दिल का शोर है कि खत्म ही नहीं होता.. कदम बढ़ाना चाहा जो दुनिया की ओर, पांव दिल की दहलीज से बाहर ही नहीं निकलता.. - Soni shakya
बड़े नादान हो... पत्थर का बनाकर दिल, पिघलने की उम्मीद रखते हो.. - Soni shakya
जो बिखर गया है उसे पेबंद नहीं चाहिए.. अब इस टुटे दिल को और मरहम नहीं चाहिए.. - Soni shakya
बेशक! मिला होगा कोई हमसे ज्यादा चाहने वाला तुझको.. जिसकी खातिर एक पल में भुला दिया तूने मुझको.. अब ना कोई शिकायत करेंगे ना शिकवा होगा.. पर वो मुझसा तो बिल्कुल नहीं होगा.. दावा है जब भी गले लगाओगे उसको.. अनायास ही हम याद आएंगे तुझको.. - Soni shakya
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