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जख्म तो वही देते है जिन्हें हक़ होता है वरना गैर तो धक्का लगने पर भी माफ़ी माँग लेते है - ziya
कभी सुबह यादे आते हो तो कभी शाम को यादे आते हो आईने मे खुद को देखु तो तुम यादे आते हो
? Dangerous Queen 👑 (एक डार्क पावर कविता) वो आई… ना फूलों की खुशबू लेकर, ना दुआओं की चादर ओढ़े, वो आई तो जैसे क़यामत ने औरत का रूप धारण कर लिया हो। उसके क़दमों की आहट में मौत का संगीत था, और उसकी आँखों में वो आग जो सदियों से दबाई गई थी। लोग कहते थे— “औरत कमज़ोर होती है,” पर उन्होंने ये नहीं देखा कि जब कमज़ोरी ज़हर बन जाए तो वो ताक़त से भी ज़्यादा ख़तरनाक होती है। वो एक रानी थी, पर ताज उसका गहना नहीं था, उसकी पहचान थी— उसकी ख़ामोशी, जो बोलती कम और तबाही ज़्यादा करती थी। उसके होंठों पर मुस्कान थी, पर वो मुस्कान किसी वादे की नहीं, किसी साज़िश की तरह धीरे-धीरे फैलती थी। उसने इश्क़ किया था कभी… पूरी सच्चाई से, पूरी मासूमियत से, पर बदले में उसे मिला था धोखा, ख़ामोशी और टूटे हुए ख़्वाबों का कब्रिस्तान। उस रात जब उसने आख़िरी बार रोया, आँसुओं ने उससे पूछा— “अब क्या?” और उसी पल एक लड़की मरी… और एक Dangerous Queen जन्मी। अब वो प्यार नहीं माँगती थी, वो सिर्फ़ हिसाब रखती थी। हर ज़ख़्म का, हर झूठ का, हर उस शख़्स का जिसने उसे कम समझा। उसकी चाल शतरंज जैसी थी, एक-एक क़दम सोच-समझ कर, और सामने वाला ये समझ ही नहीं पाता कि वो खेल रहा है या खेला जा रहा है। राजमहल के गलियारों में उसका नाम फुसफुसाहट बन गया था, लोग डरते थे उससे नज़र मिलाने से, क्योंकि जो उसकी आँखों में देख ले, वो अपने अंजाम को पहचान लेता था। वो खूबसूरत थी, पर उसकी खूबसूरती नज़रें नहीं माँगती थी, वो डर पैदा करती थी। उसके बालों की लटों में कई राज़ उलझे थे, और उसकी हँसी में कई लोगों की बरबादी की कहानी छुपी थी। वो जानती थी कि दुनिया औरत को या तो देवी बनाती है या शिकार, पर उसने चुना तीसरा रास्ता— शासक। उसने तलवार उठाई, पर दुश्मन सामने नहीं था, दुश्मन यादों में था, और यादों को मारना सबसे मुश्किल होता है। उसने हर डर को अपने पैरों तले कुचला, हर ताने को अपने ताज की कील बना लिया। अब वो रोती नहीं थी, क्योंकि आँसू कमज़ोरी नहीं, पर उसके लिए वक़्त की बर्बादी थे। वो जब चलती थी, तो हवा भी रास्ता देती थी, और जब वो रुकती थी, तो इतिहास साँस रोक लेता था। कई मर्द आए, उसे जीतने के लिए, पर वो भूल गए कि रानी को जीता नहीं जाता, या तो उसके साथ राज किया जाता है या फिर उसके ख़िलाफ़ मिटा दिया जाता है। उसने इश्क़ को कमज़ोरी नहीं बनने दिया, उसने सीखा कि मोहब्बत अगर ताक़त न बने तो ज़हर बन जाती है। अब वो प्यार करती थी, पर शर्तों के साथ, अब वो भरोसा करती थी, पर आँखें खुली रखकर। वो Dangerous थी, क्योंकि उसने डरना छोड़ दिया था। वो Queen थी, क्योंकि उसने झुकना छोड़ दिया था। और वो ज़िंदा मिसाल थी उन हर औरतों के लिए जिन्हें तोड़ा गया, पर वो टूटी नहीं। वो कहती थी— “मैं बुरी नहीं हूँ, मैं बस वो हूँ जो तुमने मुझे बना
आईने जैसा किरदार रखते है फ़िक्र तो वो करें मेरी जान जो चहेरे दो चार रखते हैं
अर्ज़ किया है की जिसे जाना है छोड़ कर वो सौक से जाये की जिसे जाना है छोड़ कर वो सौख से जाये क्युकी मेरा बुरा वक्त अभी थोड़ा लम्बा चलेगा
अर्ज़ किया है सुनिए जरा की मुझे डर सिर्फ दो चीज़ो से लगता है मुझे डर सिर्फ दो चीज़ो से लगता है एक तेरे रोने से और दूसरा तुझे खोने से
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