hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • शोहरत का घमंड - 48

    आलिया को कुछ भी समझ में नही आ रहा होता है कि आखिर ये सब क्या हो रहा है। ये जंगली...

  • साथिया - 58

    *अक्षत का रूम* अक्षत आँखे बन्द किये सोफे पर बैठा हुआ था। " दिन गुजर रहे बैचैनियो...

  • पथरीले कंटीले रास्ते - 4

      पथरीले कंटीले रास्ते    4   लङके को थाने के लाकअप में छोङकर सिपाहियों को सतर्क...

शोहरत का घमंड - 48 By shama parveen

आलिया को कुछ भी समझ में नही आ रहा होता है कि आखिर ये सब क्या हो रहा है। ये जंगली मुझ से कितने आराम से बात कर रहा है और मुझे नए प्रोजेक्ट में भी अपने साथ ले लिया है।शाम हो जाती हैं....

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साथिया - 58 By डॉ. शैलजा श्रीवास्तव

*अक्षत का रूम* अक्षत आँखे बन्द किये सोफे पर बैठा हुआ था। " दिन गुजर रहे बैचैनियों में...!! रातें तेरी यादों के सहारे...!! यूं तो जीत लिया जग सारा पर..! हम आखिर खुद से ही हारे..!! न...

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पथरीले कंटीले रास्ते - 4 By Sneh Goswami

  पथरीले कंटीले रास्ते    4   लङके को थाने के लाकअप में छोङकर सिपाहियों को सतर्क रहने का हुक्म सुनाकर थानेदार सरकारी जीप में सवार हुआ और दस मिनट ही लगे होंगे कि वह आदेश अस्पताल के...

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द्वारावती - 5 By Vrajesh Shashikant Dave

5सूरज अभी मध्य आकाश से दूर था। सूरज की किरनें अधिक तीव्र हो चुकी थी। किन्तु समुद्र से आती हवा की शीतल लहरें धूप को भी शीतल कर रही थी। उत्सव गुल के घर के सन्मुख आ गया। भीतर प्रवेश क...

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आँच - 14 - यह है वतन हमारा ! (भाग-1) By Dr. Suryapal Singh

अध्याय चौदह यह है वतन हमारा ! इस साल भयंकर गर्मी थी। लू चली। गाँव-हर सभी जगह हैज़ा फैल गया। प्याज और पुदीने के रस की माँग बढ़ गई। हकीम-वैद्य दौड़ते रहे पर गाँव के गाँव खाली होते रहे।...

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फादर्स डे - 44 By Praful Shah

लेखक: प्रफुल शाह खण्ड 44 शुक्रवार -28/01/2000 सूर्यकान्त द्वारा आहूत सनसनी फैलाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेन्स, पुलिस विभाग पर सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोप, प्रशासन का सीधे-सीधे विरोध औ...

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नासाज़ - 8 - तमंचे पे डिस्को By Srishtichouhan

शायद मेरी जिंदगी अब रुक सी गई है, इसमें अब वह खामोशी भी मर चुकी है, जो भले ही मेरे बेरंग जिंदगी में कोई खुशी तो न लाती थी , पर वह जरूर मेरे जिंदगी की ताल्लुकात अजनबियों को करवा जात...

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थोड़ी खुशी ,थोड़ा गम By Bhawani Bhai

"इति सी खुशी" लेखक =भवानी शंकर सोनीएक मेला ,, जहां लगी है भीड़ लोगो की ।भीड़ में एक परिवार भी है , जिनकी ये कहानी है। यह गरिमा है।गरिमा: सुनो ,,,,ये देखो,,,,कितना सुंदर सोफा है।य...

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मैं तो ओढ चुनरिया - 54 By Sneh Goswami

  55 फेरों का मुहुर्त आ गया था । वर पक्ष के लिए वेदी की दाई ओर गद्दे बिछाए गए । उस पर चादरे बिछाई गई । घर के लोगों के लिए बाईं ओर चादरें बिछी । सामने पंडित जी का आसन लगाया गया था ।...

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अरोरा अ मिस्टीरियस गर्ल - 1 By Priya

अरोरा जिसका नाम का ही मतलब के मिस्ट्री है ।  तो सोचिए वो और और उसकी जिंदगी कैसी होगी ? तो चलिए जानने के लिए पढ़ते है, आज का पहला एपिसोड... एक बड़े से विला के हॉल से एक बच्ची क...

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शापित खज़ाना - 11 By Deepak Pawar

धीरे धीरे तीनों सर्प सैनिक और रवि के साथ करण, राका नैनी,नाता उन सात पारियों के साथ अंदर बढ़ने लगे और यह महल अब विशाल और विशाल स्वरूप लेने लगा ।चंद मिनटों बाद अब सभी महल के अंदर मुख...

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भारत की रचना - 7 By Sharovan

भारत की रचना / धारावाहिक / सातवाँ भाग हॉस्टल में आ जाने के पश्चात्, जब वातावरण और माहौल फिर से परिवर्तित हुआ तो रचना का स्वास्थ पुनः अपने पहले जैसे रूप और रंग पर आ गया। शीघ्र ही वह...

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रंगों भरी होली By prabha pareek

                                      रंगों भरी होली त्योहार चाहे कोई भी क्यों न हो, हमारे बुजुर्गों का भी मन मचलता है कि वह भी इस अवसर पर, जी खोल कर अपने हम उम्रों के साथ अपने तरी...

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ऐसा भी होता है By S Sinha

                                                                       ऐसा भी होता है  शिमला में उस दिन पहली बार बर्फ गिरी थी  .  अभिजीत कुछ देर पहले अपने दफ्तर गया था  . उसकी पत्न...

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उलझन - भाग - 20 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

कुछ ही दिनों में निर्मला और बुलबुल को अस्पताल में भरती कर दिया गया। पहले निर्मला की डिलीवरी हुई और उसने बहुत ही प्यारे बेटे को जन्म दिया। उसके दो दिनों के बाद बुलबुल की भी डिलीवरी...

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आज और कल By रेखा श्रीवास्तव

आज और कलफ़ोन की घंटी बजी, दिनेश ने ही उठाया तो उसके छोटे भाई सर्वेश का फ़ोन था और उसने बगैर किसी दुआ सलाम के सीधे से कह गया - "भैया निधि की शादी तय हो गयी है और अगले सोमवार को शादी क...

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तिष्यरक्षिता By Aucky Mishra

पूर्णिमा की रात थी ,जंगल के बीचों बीच एक झरने के सामने एक लड़का खड़ा था , वो लगभग छः फुट तीन इंच का रहा होगा ;उसके बाल उसके चेहरे पे आ रहे थे ,वो ज़ोर ज़ोर से सांस ले रहा था ;उसके...

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गाँव की लड़की का अर्थशास्त्र By vijay kumar tiwari

गाँव की लड़की का अर्थशास्त्र विजय कुमार तिवारी गाँव में पहुँचे हुए कुछ घंटे ही बीते हैं,घर में सभी से मिलना-जुलना चल रहा है कि मुख्य दरवाजे से एक लड़की ने प्रवेश किया और चरण स्पर्श...

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शोहरत का घमंड - 48 By shama parveen

आलिया को कुछ भी समझ में नही आ रहा होता है कि आखिर ये सब क्या हो रहा है। ये जंगली मुझ से कितने आराम से बात कर रहा है और मुझे नए प्रोजेक्ट में भी अपने साथ ले लिया है।शाम हो जाती हैं....

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साथिया - 58 By डॉ. शैलजा श्रीवास्तव

*अक्षत का रूम* अक्षत आँखे बन्द किये सोफे पर बैठा हुआ था। " दिन गुजर रहे बैचैनियों में...!! रातें तेरी यादों के सहारे...!! यूं तो जीत लिया जग सारा पर..! हम आखिर खुद से ही हारे..!! न...

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पथरीले कंटीले रास्ते - 4 By Sneh Goswami

  पथरीले कंटीले रास्ते    4   लङके को थाने के लाकअप में छोङकर सिपाहियों को सतर्क रहने का हुक्म सुनाकर थानेदार सरकारी जीप में सवार हुआ और दस मिनट ही लगे होंगे कि वह आदेश अस्पताल के...

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द्वारावती - 5 By Vrajesh Shashikant Dave

5सूरज अभी मध्य आकाश से दूर था। सूरज की किरनें अधिक तीव्र हो चुकी थी। किन्तु समुद्र से आती हवा की शीतल लहरें धूप को भी शीतल कर रही थी। उत्सव गुल के घर के सन्मुख आ गया। भीतर प्रवेश क...

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आँच - 14 - यह है वतन हमारा ! (भाग-1) By Dr. Suryapal Singh

अध्याय चौदह यह है वतन हमारा ! इस साल भयंकर गर्मी थी। लू चली। गाँव-हर सभी जगह हैज़ा फैल गया। प्याज और पुदीने के रस की माँग बढ़ गई। हकीम-वैद्य दौड़ते रहे पर गाँव के गाँव खाली होते रहे।...

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फादर्स डे - 44 By Praful Shah

लेखक: प्रफुल शाह खण्ड 44 शुक्रवार -28/01/2000 सूर्यकान्त द्वारा आहूत सनसनी फैलाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेन्स, पुलिस विभाग पर सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोप, प्रशासन का सीधे-सीधे विरोध औ...

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नासाज़ - 8 - तमंचे पे डिस्को By Srishtichouhan

शायद मेरी जिंदगी अब रुक सी गई है, इसमें अब वह खामोशी भी मर चुकी है, जो भले ही मेरे बेरंग जिंदगी में कोई खुशी तो न लाती थी , पर वह जरूर मेरे जिंदगी की ताल्लुकात अजनबियों को करवा जात...

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थोड़ी खुशी ,थोड़ा गम By Bhawani Bhai

"इति सी खुशी" लेखक =भवानी शंकर सोनीएक मेला ,, जहां लगी है भीड़ लोगो की ।भीड़ में एक परिवार भी है , जिनकी ये कहानी है। यह गरिमा है।गरिमा: सुनो ,,,,ये देखो,,,,कितना सुंदर सोफा है।य...

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  55 फेरों का मुहुर्त आ गया था । वर पक्ष के लिए वेदी की दाई ओर गद्दे बिछाए गए । उस पर चादरे बिछाई गई । घर के लोगों के लिए बाईं ओर चादरें बिछी । सामने पंडित जी का आसन लगाया गया था ।...

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अरोरा अ मिस्टीरियस गर्ल - 1 By Priya

अरोरा जिसका नाम का ही मतलब के मिस्ट्री है ।  तो सोचिए वो और और उसकी जिंदगी कैसी होगी ? तो चलिए जानने के लिए पढ़ते है, आज का पहला एपिसोड... एक बड़े से विला के हॉल से एक बच्ची क...

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धीरे धीरे तीनों सर्प सैनिक और रवि के साथ करण, राका नैनी,नाता उन सात पारियों के साथ अंदर बढ़ने लगे और यह महल अब विशाल और विशाल स्वरूप लेने लगा ।चंद मिनटों बाद अब सभी महल के अंदर मुख...

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भारत की रचना / धारावाहिक / सातवाँ भाग हॉस्टल में आ जाने के पश्चात्, जब वातावरण और माहौल फिर से परिवर्तित हुआ तो रचना का स्वास्थ पुनः अपने पहले जैसे रूप और रंग पर आ गया। शीघ्र ही वह...

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                                      रंगों भरी होली त्योहार चाहे कोई भी क्यों न हो, हमारे बुजुर्गों का भी मन मचलता है कि वह भी इस अवसर पर, जी खोल कर अपने हम उम्रों के साथ अपने तरी...

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ऐसा भी होता है By S Sinha

                                                                       ऐसा भी होता है  शिमला में उस दिन पहली बार बर्फ गिरी थी  .  अभिजीत कुछ देर पहले अपने दफ्तर गया था  . उसकी पत्न...

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उलझन - भाग - 20 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

कुछ ही दिनों में निर्मला और बुलबुल को अस्पताल में भरती कर दिया गया। पहले निर्मला की डिलीवरी हुई और उसने बहुत ही प्यारे बेटे को जन्म दिया। उसके दो दिनों के बाद बुलबुल की भी डिलीवरी...

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आज और कल By रेखा श्रीवास्तव

आज और कलफ़ोन की घंटी बजी, दिनेश ने ही उठाया तो उसके छोटे भाई सर्वेश का फ़ोन था और उसने बगैर किसी दुआ सलाम के सीधे से कह गया - "भैया निधि की शादी तय हो गयी है और अगले सोमवार को शादी क...

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पूर्णिमा की रात थी ,जंगल के बीचों बीच एक झरने के सामने एक लड़का खड़ा था , वो लगभग छः फुट तीन इंच का रहा होगा ;उसके बाल उसके चेहरे पे आ रहे थे ,वो ज़ोर ज़ोर से सांस ले रहा था ;उसके...

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गाँव की लड़की का अर्थशास्त्र By vijay kumar tiwari

गाँव की लड़की का अर्थशास्त्र विजय कुमार तिवारी गाँव में पहुँचे हुए कुछ घंटे ही बीते हैं,घर में सभी से मिलना-जुलना चल रहा है कि मुख्य दरवाजे से एक लड़की ने प्रवेश किया और चरण स्पर्श...

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