hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • ममता की परीक्षा - 114

    आँखों से छलक पड़े आँसू अपनी हथेली से पोंछ कर सुर्ख हो चुके नजरों से जमनादास को घू...

  • अग्निजा - 71

    प्रकरण-71 उस दिन न जाने क्यों, केतकी को अपने पिता जनार्दन की बहुत याद आ रही थी,...

  • सेहरा में मैं और तू - 13

    ( 13 )वैसे तो कबीर और रोहन दोनों की कड़ी मेहनत के अभ्यस्त थे मगर यहां आकर उनका प...

ममता की परीक्षा - 114 By राज कुमार कांदु

आँखों से छलक पड़े आँसू अपनी हथेली से पोंछ कर सुर्ख हो चुके नजरों से जमनादास को घूरते हूए रजनी सर्द स्वर में बोली, "ओह, तो ये है पूरी कहानी। अब समझी कि आपको पैसे का गुरुर क्यों है ?...

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अग्निजा - 71 By Praful Shah

प्रकरण-71 उस दिन न जाने क्यों, केतकी को अपने पिता जनार्दन की बहुत याद आ रही थी, जिन्हें उसने देखा भी नहीं था। उसने अपने पिता को तो देखा ही नहीं था, लेकिन आज तक उनका  फोटो भी न...

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मुस्कराते चहरे की हकीकत - 26 By Manisha Netwal

विवान गुस्से में कार लेकर वहां से निकल जाता हैं,,,,,नित्या कॉल करके प्रवीण को अवनी और विवान के बारे में बता देती है,,,,कुछ देर में प्रवीण और नित्या घर आते हैं प्रवीण के मां पापा (व...

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सेहरा में मैं और तू - 13 By Prabodh Kumar Govil

( 13 )वैसे तो कबीर और रोहन दोनों की कड़ी मेहनत के अभ्यस्त थे मगर यहां आकर उनका प्रशिक्षण और भी सख्त हो गया था। स्टेडियम के आसपास बड़े शहर की रौनकें बिखरी पड़ी थीं जिन्हें देख कर शु...

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खाली कमरा - भाग ९      By Ratna Pandey

उधर सुबह उठकर खुशबू ने देखा राधा और मुरली उनके कमरे में नहीं हैं। उसने राहुल को आवाज़ लगाई, “राहुल देखो तो तुम्हारे माँ बाप घर में नहीं हैं।” “क्या …? ये क्या बोल रही हो खुशबू?” “ह...

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अपंग - 75 By Pranava Bharti

75 -------------- आश्चर्य में पड़े हुए रिचार्ड को देखकर भानु ने उसे बताया कि रुक इसी शहर में है |वह हकबका था | उसने एक गहरी दृष्टि से उसे देखा और अचानक उसके मुँह से निकला ; "क्या तु...

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हाँ, मैं भागी हुई स्त्री हूँ - (भाग बीस) By Ranjana Jaiswal

बेटे की सास ने रिसोर्ट में ही बताया कि वे एक महीने से बेटी के पास ही थीं और उसके साथ ही रिसोर्ट आई हैं ।तो...इसलिए बेटे ने मुझे साथ नहीं लिया था।वह मुझसे ससुराल की बातें छिपाता है,...

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पेहचान - 23 - इतनी भी क्या जल्दी है मरने का! By Preeti Pragnaya Swain

अभिमन्यु दौड़ते हुए नीचे आने लगा, पर उसकी बुरी किस्मत उसका पैर थोड़ा सा मुड़ गया जिसके चलते वो सीढ़ियों से फिसलते हुए नीचे जा गिरा ....पीहू हस्ते हुए बोली अरे .... क्या तुम भी न ,...

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कहानी प्यार कि - 53 By Dr Mehta Mansi

रात को करन और किंजल दोनो होटल के एक कमरे में बैठे थे... बहुत रात हो चुकी थी पर उनकी आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था..." फाइनली इतनी ज्यादा दौड़ धाम के बाद हमने कर दिखाया... अब...

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सोई तकदीर की मलिकाएँ - 29 By Sneh Goswami

  सोई तकदीर की मलिकाएँ    29 अब तक आपने पढा ...भोला सिंह सिधवा गांव का बङा अमीर सरदार है जिसके खेत गाँव में दूर दूर तक फैले हैं । बङी सी हवेली है । कई गाय भैंसे हैं । सुंदर और समझद...

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इश्क़ ए बिस्मिल - 49 By Tasneem Kauser

अरीज अपना दर्द भूल कर अब आसिफ़ा बेगम को फटी फटी आँखों से देख रही थी। कुछ देर पहले उसके गाल पर रखे उसके हाथ अब मूंह पर रखे थे। दूसरी तरफ़ आसिफ़ा बेगम के आँखों में जैसे खून उतर आया थ...

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मेरे घर आना ज़िंदगी - 39 (अंतिम भाग) By Ashish Kumar Trivedi

(39) अन्नप्राशन की पार्टी बहुत अच्छी तरह से निपट गई थी। सुबह पूजा के बाद तय हुआ था कि आज रात सारा परिवार फ्लैट में ही रहेगा। इसलिए पार्टी के वेन्यू से सब लोग फ्लैट में ही आ गए थे।...

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तमाचा - 20 (इलेक्शन) By नन्दलाल सुथार राही

दिव्या जब अपने पार्टी ऑफिस पहुँचती है, तो देखती है कि कॉलेज में जो विद्यार्थी उसका भाषण सुनकर उस पर तालियां बजा रहे थे। उनमें से अधिकतर अभी सामने विपक्षी पार्टी के कार्यालय में बैठ...

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अनूठी पहल - 25 - अंतिम भाग By Lajpat Rai Garg

- 25 - अभी तक ‘देहदान महादान संस्था (रजि.), दिल्ली’ की ओर से पत्र आया था, जिसमें सूचना दी गई थी कि संस्था द्वारा स्वर्गीय प्रभुदास का नाम मरणोपरान्त पद्मश्री पुरस्कार क...

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प्रायश्चित- 2 - Mathur Sahab By Devika Singh

अब राज कुछ समझे उससे पहले ही अंकित जग गया था दूसरा आदमी : वहा!!! भाई आपकी नींद तो बहुत जल्दी ही टूट गई, मुझे अब जल्दी उठोअंकित और राज को ऐसा लग रहा था कि कल रात की सजा देने के लिए...

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परछाई By Devika Singh

कभी कभी मेरा दिल होता है कि मैं बहुत रोऊं लेकिन अगर रोंऊंगी तो उसको कैसे संभालूंगी, यही चिंता दिन रात सताती है। उसके लिए मुझे दुगनी ताकत से खड़ा होना है। वह विशेष है इतना विशेष कि...

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लव लाइफ - भाग 15 - तमाचा By Deeksha Vohra

एपिसोड 15( तमाचा) सीन 1 अक्षत अपने स्टडी रूम में बैठा था । और उसका असिस्टंस , रितिक उसके सामने खड़ा हुआ था । ऋतिक बहुत बुरी थे कांप रहा था । स्टडी रूम का माहौल , उसका टेंप्रेचर बहु...

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ममता की परीक्षा - 114 By राज कुमार कांदु

आँखों से छलक पड़े आँसू अपनी हथेली से पोंछ कर सुर्ख हो चुके नजरों से जमनादास को घूरते हूए रजनी सर्द स्वर में बोली, "ओह, तो ये है पूरी कहानी। अब समझी कि आपको पैसे का गुरुर क्यों है ?...

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अग्निजा - 71 By Praful Shah

प्रकरण-71 उस दिन न जाने क्यों, केतकी को अपने पिता जनार्दन की बहुत याद आ रही थी, जिन्हें उसने देखा भी नहीं था। उसने अपने पिता को तो देखा ही नहीं था, लेकिन आज तक उनका  फोटो भी न...

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मुस्कराते चहरे की हकीकत - 26 By Manisha Netwal

विवान गुस्से में कार लेकर वहां से निकल जाता हैं,,,,,नित्या कॉल करके प्रवीण को अवनी और विवान के बारे में बता देती है,,,,कुछ देर में प्रवीण और नित्या घर आते हैं प्रवीण के मां पापा (व...

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सेहरा में मैं और तू - 13 By Prabodh Kumar Govil

( 13 )वैसे तो कबीर और रोहन दोनों की कड़ी मेहनत के अभ्यस्त थे मगर यहां आकर उनका प्रशिक्षण और भी सख्त हो गया था। स्टेडियम के आसपास बड़े शहर की रौनकें बिखरी पड़ी थीं जिन्हें देख कर शु...

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खाली कमरा - भाग ९      By Ratna Pandey

उधर सुबह उठकर खुशबू ने देखा राधा और मुरली उनके कमरे में नहीं हैं। उसने राहुल को आवाज़ लगाई, “राहुल देखो तो तुम्हारे माँ बाप घर में नहीं हैं।” “क्या …? ये क्या बोल रही हो खुशबू?” “ह...

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अपंग - 75 By Pranava Bharti

75 -------------- आश्चर्य में पड़े हुए रिचार्ड को देखकर भानु ने उसे बताया कि रुक इसी शहर में है |वह हकबका था | उसने एक गहरी दृष्टि से उसे देखा और अचानक उसके मुँह से निकला ; "क्या तु...

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हाँ, मैं भागी हुई स्त्री हूँ - (भाग बीस) By Ranjana Jaiswal

बेटे की सास ने रिसोर्ट में ही बताया कि वे एक महीने से बेटी के पास ही थीं और उसके साथ ही रिसोर्ट आई हैं ।तो...इसलिए बेटे ने मुझे साथ नहीं लिया था।वह मुझसे ससुराल की बातें छिपाता है,...

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पेहचान - 23 - इतनी भी क्या जल्दी है मरने का! By Preeti Pragnaya Swain

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रात को करन और किंजल दोनो होटल के एक कमरे में बैठे थे... बहुत रात हो चुकी थी पर उनकी आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था..." फाइनली इतनी ज्यादा दौड़ धाम के बाद हमने कर दिखाया... अब...

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सोई तकदीर की मलिकाएँ - 29 By Sneh Goswami

  सोई तकदीर की मलिकाएँ    29 अब तक आपने पढा ...भोला सिंह सिधवा गांव का बङा अमीर सरदार है जिसके खेत गाँव में दूर दूर तक फैले हैं । बङी सी हवेली है । कई गाय भैंसे हैं । सुंदर और समझद...

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अरीज अपना दर्द भूल कर अब आसिफ़ा बेगम को फटी फटी आँखों से देख रही थी। कुछ देर पहले उसके गाल पर रखे उसके हाथ अब मूंह पर रखे थे। दूसरी तरफ़ आसिफ़ा बेगम के आँखों में जैसे खून उतर आया थ...

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मेरे घर आना ज़िंदगी - 39 (अंतिम भाग) By Ashish Kumar Trivedi

(39) अन्नप्राशन की पार्टी बहुत अच्छी तरह से निपट गई थी। सुबह पूजा के बाद तय हुआ था कि आज रात सारा परिवार फ्लैट में ही रहेगा। इसलिए पार्टी के वेन्यू से सब लोग फ्लैट में ही आ गए थे।...

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तमाचा - 20 (इलेक्शन) By नन्दलाल सुथार राही

दिव्या जब अपने पार्टी ऑफिस पहुँचती है, तो देखती है कि कॉलेज में जो विद्यार्थी उसका भाषण सुनकर उस पर तालियां बजा रहे थे। उनमें से अधिकतर अभी सामने विपक्षी पार्टी के कार्यालय में बैठ...

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अनूठी पहल - 25 - अंतिम भाग By Lajpat Rai Garg

- 25 - अभी तक ‘देहदान महादान संस्था (रजि.), दिल्ली’ की ओर से पत्र आया था, जिसमें सूचना दी गई थी कि संस्था द्वारा स्वर्गीय प्रभुदास का नाम मरणोपरान्त पद्मश्री पुरस्कार क...

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प्रायश्चित- 2 - Mathur Sahab By Devika Singh

अब राज कुछ समझे उससे पहले ही अंकित जग गया था दूसरा आदमी : वहा!!! भाई आपकी नींद तो बहुत जल्दी ही टूट गई, मुझे अब जल्दी उठोअंकित और राज को ऐसा लग रहा था कि कल रात की सजा देने के लिए...

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परछाई By Devika Singh

कभी कभी मेरा दिल होता है कि मैं बहुत रोऊं लेकिन अगर रोंऊंगी तो उसको कैसे संभालूंगी, यही चिंता दिन रात सताती है। उसके लिए मुझे दुगनी ताकत से खड़ा होना है। वह विशेष है इतना विशेष कि...

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लव लाइफ - भाग 15 - तमाचा By Deeksha Vohra

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