Pyaar ka Zeher - 11 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories PDF | प्यार का ज़हर - 11

Featured Books
  • Operation Mirror - 4

    अभी तक आपने पढ़ा दोनों क्लोन में से असली कौन है पहचान मुश्कि...

  • The Devil (2025) - Comprehensive Explanation Analysis

     The Devil 11 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई एक कन्नड़-भाषा की पॉ...

  • बेमिसाल यारी

    बेमिसाल यारी लेखक: विजय शर्मा एरीशब्द संख्या: लगभग १५००१गाँव...

  • दिल का रिश्ता - 2

    (Raj & Anushka)बारिश थम चुकी थी,लेकिन उनके दिलों की कशिश अभी...

  • Shadows Of Love - 15

    माँ ने दोनों को देखा और मुस्कुरा कर कहा—“करन बेटा, सच्ची मोह...

Categories
Share

प्यार का ज़हर - 11

प्रणाली : अरे वो बिल्कुल ठीक है. वैसे ये बताओ जिस जगह पे गए थे. वहा कोई तूफ़ान आया कि नहीं.

राज : नहीं मम्मी वहा कोई तूफ़ान नहीं आया वहा तो सब शांत था.

प्रणाली : अब सुनो राज बेटा तुम ऐसे अचानक कहीं भी जाना मत ठीक है. वरना ये देखो तुम्हारे जाने के बाद कितना भयंकर तूफ़ान आ गया था.

राज : लेकिन उपर वाले का आभार है. कि किसीको कुछ हुआ नहीं है. बस वही बहुत बड़ी बात है.

प्रणाली : हा वो तो है. अब में कैसे बताओ राज को. की ये महेर बेटी इंसान नहीं है. में क्या करू मुझे पता है. कि उसने उस तूफ़ान की बैंड बजादी. और किसी को पता भी नहीं चला.

राज : मम्मी कहा खो गए. क्या सोच रहे हो इतनी गहराई में डूब कर. में कबसे आपसे बोल रहा हूं. मम्मी मम्मी लेकिन आप सुन ही नहीं रहे हो. ऐसा तो आप किस विचार में डूब गए हो.

प्रणाली : कुछ नहीं बेटा बस उस भयंकर तूफ़ान के बारे में सोच कर डर गए थी.

राज : शांत हो जाओ मम्मी अब वो चला गया है. अब वो नहीं आयेगा ओके डोंट वरी.

प्रणाली : ठीक है अब अंदर चलो और सब फ्रेश हो जाओ.

राज : हा मम्मी में फ्रेश हो कर आता हूं. और फिर आपको एक फ्रेश बात बतानी है ठीक है.

प्रणाली : अच्छा ऐसी तो क्या बात है. जो तुम बताने वाले हो बस जो. भी बताना हो बताना लेकिन कोई फिक्र वाली बात ना हो.

राज : नहीं मम्मी ऐसा कुछ नहीं है बस कुछ सबंधीत वाली बात है. सो आपको सुन्नी है. ठीक ना.

प्रणाली : ठीक है हम इंतज़ार करते है. तुम फ्रेश हो कर आओ ओके.

राज : हा मम्मी अब आप देख ते जाओ बस.

महेर : मम्मी में आती हूं. अपने कमरे में जाकर ठीक है.

प्रणाली : हा जाओ लेकिन हा ध्यान से जाना. और चिड़िया आराम से चड़ना ठीक है. वरना गुर जाओगे.

महेर : में चली जाऊंगी मम्मी आप फिक्र मत करो. में चली जाऊंगी मम्मी आप फिक्र मत करो.

《 कुछ देर बाद... 》》》

कैदी : क्यू काले पैड क्या हुआ आज सूरज बाबा कही और से निकले क्या.? कोई इतना मार खा कर आगाए देखो बहनों कितना मार मारा है. इस काले पैड को हेहेहे.

काला पेड : चुप करो तुम सब. में उस चोटी सी लड़की को नहीं चोडूंगा उसकी जान ले लूंगा.

कैदी : क्या तुम्हारी पिटाई करने वाली कोई चोटी लड़की थी. मतलब वो वहीं लड़की है. जो कि हमसे वादा करके गए है. कि हमें चुड़वाएगी इस काले पैड के जाल से जोकि हमें बंदी बना रखा है.

काला पेड : लेकिन वो लड़की यहा पे कैसे आयी. यहा से बाहर जाने के रास्ते तो सारे बंद रहते है. ना मेरी इजाजत के बिना खुलते भी नहीं.

कैदी : अरे वो बाहर से नहीं अंदर से बाहर गए है. मतलब कि यहा पे आपने फसा दिया था उसको. लेकिन वो बच के भाग गए. और आधा रास्ता उसको हमने बता दिया बस इतना ही.

आगे जान्ने के लिए पढते रहे प्यार का ज़हर और जुडे रहे मेरे साथ