Pyaar ka Zeher - 15 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories PDF | प्यार का ज़हर - 15

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प्यार का ज़हर - 15

हयाती : ठीक है. पप्पा आप शादी की बात करोगे उसे जाकर थैंक यू सो मच.

रवी शंकर : हा करूंगा लेकिन एक शर्त पर तुम उस लड़के को कुछ नहीं कहोगी. की में उसे मिलने आ रहा हूं. या बात करने आ रहा हूं. ओके में ना उसको जानना चाहता हूं. कि वो इंसान कैसा है. जिसे तुम प्यार करती हो और शादी करना चाहती हो. अगर वो मुझे इंप्रेस करने में सही रहा तो फिर हा. और दूसरी बात उस में नोटिस करूंगा की वो कैसा लड़का है. उसका बेहावियर सब कुछ देखूंगा ओके.

हयाती : ठीक है लेकिन आप भी थोड़ा अच्छे से पेश आएगा वरना बात बिगड़ सकती है.

रवि शंकर : अरेडोंट वरी बेटा में तुम्हारा बुरा थोड़ी चाहूंगा. जो ऐसी नीच हरकत करूंगा डोंट वरी में संभाल लूंगा. लेकिन अच्छा बुरा देखना तो एक बाप का फ़र्ज़ होता है. ना बस वहीं देखना है. कि तुमको एक अच्छा सा जीवन साथी मिले जोकि तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करे ठीक है.

हयाती : ठीक है पप्पा आपसे कोई शिकायत तो बिल्कुल भी नहीं है. लेकिन बस थोड़ा डर है. कि किसीको गलती की वजह से कोई गड़बड़ ना हो जाए.

रवि शंकर : ठीक है तो चलो उसके घर जाते है. और बात करते है.

हयाती : ठीक है चलो फिर जाते है.

《 कुछ देर बाद... 》》》

प्रणाली : अरे राज बेटा कोई आया लगता है. जाओ देखो तो कोन है.

राज : अरे हयाती आप. नमस्ते अंकल नमस्ते आंटी आइए. ना अंदर मम्मी बाहर आइए जिसके बारे में बताने वाला था. वहीं लोग आए है. चालिए बाहर तो आइए चोटी कहा हो यहा पे आजाओ.

रवि शंकर : हा बेटा बस. आइए मेहमानों को बैठ ने को बोलो ज़रा.

राज : आइए अंकल आंटी बैठिए मम्मी और चोटी बस आ ही रही है.

रवि शंकर : वैसे बेटा आपके पापा नजर नहीं आ रहे है. कहा गए कहीं पे गए है क्या.

राज : जी नहीं वो ना दरअसल काम के सिलसिले में बाहर रहते है. और आने में देर हो जायेगी काफी दिन भी लग सकते है.

रवि शंकर : ओ अच्छा कोई बात नहीं लेकिन इस बात के बारे में उनकी राय जरूर लीजिए गा ठीक है. वरना उनकी मर्ज़ी के बिना होगा तो हमे इस रिश्ते में कोई रुचि नहीं रहेगी.

राज : आप फिकर मत करिए अंकल हम उनको सब बताएंगे. और इस रिश्ते में उनकी भी मर्ज़ी रहेगी. और राय भी रहेगी. और खाश बात इस शादी के लिए उनको बहुत जल्द बुला लेंगे हमने उनको पेहले से खबर करदी है. उन्होंने बताया है कि वो बहुत जल्द आ रहे है. लेकिन फिक्र वाली बात तो ये है. कि वो कुछ और ही बता रहे थे. और वो बात में अभी नहीं बता सकता उन्होंने मुझे मना किया है. आप लोगो से ये बात बताने को.

रवि शंकर : कोई बात नहीं बेटा उनकी भी कोई शर्त होगी. उनकी भी कोई अपने बच्चो को लेकर इच्छा होगी कोई बात नही. तो फिर उनको आजाने दो हम फिर आएंगे और क्या.?

आगे जान्ने के लिए पढते रहे प्यार का ज़हर और जुडे रहे मेरे साथ