सुबह का वक़्त गर्ल्स हाॅस्टल के एक रुम में एक लड़की अटपटे ढंग से सोइ हुइ थी उसका आधा शरीर ब्लेंकेट के अंदर था और आधा बाहर उस लड़की के हाथ के नीचे एक बड़ा सा टेडीबीयर था जो सायद हाइट में उस लड़की से भी ज्यादा बड़ा होगा, दूध से भी गोरा रंग गोल चेहरा पतले गुलाबी होंठ लम्बी और घनी पलके तीखे नैन नक्श लम्बे और घुंघराले बाल जिसकी कुछ लटे उसके खुबसूरत को और भी बढ़ा रही थी तभी उसके रूम से अटैच बाथरूम का गेट खोल एक लड़की अपने बाल टाॅवेल से सुखाते हुए बाहर आती है वो उस लड़की को अब तक सोते हुए देख गुस्से में बड़बड़ाते हुए कहती है ये सिया की बच्ची अब तक सो रही है मेने इससे कहा था कि जल्दी से जग जाए आज संडे है आज हम शॉपिंग पे चलेंगे पर नही मैडम को तो बस सोना है फिर वो कुछ सोचते हुए मुस्कुरा कर कहती है ये ऐसे नही जागने वाली है इसे जगाने के लिए मुझे मेरा पहले वाला ट्रीक ही अपनाना पड़ेगा ये कहकर वो जाकर टेबल पे रखे पानी से भरा जग को उठा कर सीधे सिया के चेहरे पर डाल देती है जिससे सिया चिल्लाते हुए जग जाती है "कोई है बचाओ बचाओ बाढ़ आ गई।' ये कहते हुए वो उठ कर बैठ जाती है फिर वो अपनी नजरे घुमाकर चारो ओर देखती है फिर वो गुस्से में घूरते हुए अपनी फ्रेंड को देखती है और अपने दांत पीसते हुए कहती है,,,,,"खुशी की बच्ची।'
तभी खुशी अपने दांत दिखाते हुए कहती है अरे मैं तो बस तुम्हे जगा रही थी तभी उसके सर पर आकर एक तकिया लगता है फिर दूसरा फिर खुशी भी खुद को बचाने के लिए सिया के उपर तकिया से वार करने लगती है ऐसे ही उस कमरे में एक तकिया युद्ध स्टार्ट हो जाता है 😂😂😂😂
दोनों के बीच युद्ध चल ही रही थी कि तभी टेबल पे रखा सिया का फोन बजने लगता है टेबल की ओर देखती है जहां उसका फोन रखा था वो जाकर फोन देखती है फोन देखते ही उसके चेहरे पर खुशी के साथ-साथ हैरानी भी साफ-साफ नजर आ रही थी सिया फोन रिसीव करती है पर वो कुछ बोल नही पाती उसकी आँखे नम हो चुकी थी वो धीरे से अपने रुधे गले से कहती है,,,,"हैलो,
तभी सामने से एक भारी आवाज आती है "सुनो लड़की 1घंटे के अंदर अंदर भारद्वाज विला पहुंचो।' इतना कह वो काॅल कट कर देता है काॅल कट होते ही सिया जाकर खुशी को हग कर लेती है और रोते हुए कहती है "खुशी। खुशी तुझे पता है किसका काॅल आया था वो मेरे बड़े पापा का काॅल आया था उन्होंने मुझे घर बुलाया है, मेरे घर भारद्वाज विला में। ये कहते हुए वो एक बार फिर से रोने लगती है खुशी भी ये सुन खुश हो जाती है क्यूं कि उसने हमेशा से सिया को अपने परिवार के लिए तरसते हुए देखा था वो प्यार से सिया का सिर सहलाने लगती है
थोड़ी देर बाद सिया खुशी-खुशी रेड्डी हो कर अपने घर जाने के लिए रेड्डी हो रही थी खुशी भी उसकी हेल्प कर रही थी खुशी सिया को देख कहती है अच्छा सिया तू एक बात बता तू जो थोड़ी देर पहले सो रही थी तू निन्द में मुस्कुरा रही थी क्या कोई अच्छा सपना देख रही थी खुशी की बात सुन सिया शर्मा जाती है खुशी उसे देख कहती है आय हाय बड़ा शर्माया जा रहा है ये सुन सिया शर्माते हुए कहती है "आज मेरे सपने में मेरा क्रश BTS ऐक्टर jimin आया था। सिया की बात सुन खुशी अपना मुँह बना लेती है
सिया के मुह से ये सुन कि उसने सपने अपने क्रश यानी की BTS एक्टर jimin को देखा है जिसे बताने के लिए वो इस तरह से शर्मा रही थी जैसे ना जाने उसने सपने में अपने क्रश jimin ke साथ क्या क्या कर लिया हो 🙈🙈
खुशी अजीब सा मुंह बनाए सिया को देख रही थी जैसे वो किसी बेवकूफ को देख रही हो खुशी को पता था कि उसकी ये फ्रेंड कितनी बड़ी BTS lover है क्यूं अगर BTS जब भी लाइव आते हैं चाहे रात के 12ही क्यूँ ना बज रहा हो सिया खुद भी जागकर उनका शो देखती थी और साथ साथ खुशी को भी देखना पड़ता है क्यु की अगर ना भी देखना चाहे तो सिया उसे जबरदस्ती अपने साथ दिखाती है, सिया अब भी मुस्कुरा रही थी खुशी सिया को देख कर ना में अपना सिर हिला देती है और कहती है सिया तुझे अपने घर नही जाना है क्या? तुम लेट होना चाहती हो ? सिया ना में अपना सिर हिलाकर जल्दी जल्दी अपनी पेकिंग करने लगती है
कुछ देर बाद
भारद्वाज विला
सिया जल्दी जल्दी में अपना सामान ऑटो से उतार अपने घर को देखती है जहां आज वो तीसरी बार ही आई थी हां तीसरी
दो बार वो पहले भी इस घर में आ चुकी है एक बार अपनी बड़ी बहन सृष्टि की शादी में सृष्टि उसके बड़े पापा की बेटी है
और दूसरी बार जब वो बहुत छोटी थी तब उसकी चाची माँ उसे जबरदस्ती लेकर इस घर में आई थी क्यूं कि उसके बड़े पापा कभी नही चाहते थे कि सिया भारद्वाज विला में रहे।
सिया ऑटो वाले को पैसे देकर अंदर आती है उसके चेहरे पर बड़ी सी स्माइल थी पर अंदर आते ही उसके चेहरे की सारी स्माइल गायब हो जाती है क्यूं कि इस वक़्त घर में स्राध पूजा चल रही थी घर के सभी लोगों ने सफेद कपड़े पहन रखे थे सिया को तो कुछ समझ नही आ रहा था तभी उसका ध्यान सामने लगी फोटो पर जाती है जिस पर फूलों का हार चढा हुआ था और सामने दिया जल रही थी जिसे देखते ही उसके कदम लडखडा जाते हैं वो गिरने को होती है पर उससे पहले ही कोई आकर उसे सम्हाल लेती है वो अपने सामने खड़ी औरत को नम आंखों से देखती है फिर उसके गले लगते हुए कहती है चाची माँ "ये,ये सृष्टि दी को क्या हो गया ये ऐसे कैसे?
इससे आगे वो कुछ बोल नही पाती है और जोर जोर से रोने लगती है