शीर्षक: the theory
(एक साइंस-फिक्शन थ्रिलर – पूर्ण स्क्रिप्ट)
दृश्य 1: अजीब शहर
लोकेशन: सामान्य भारतीय शहर, 2026
समय: रात
शहर शांत है, लेकिन असहज। सड़क पर चलते लोग रुक-रुक कर इधर-उधर देखते हैं, जैसे कुछ गलत हो रहा हो।
महिला (घबराई हुई):
मेरा बेटा… मुझे याद है मेरा बेटा था… लेकिन कोई सबूत नहीं है।
दुकानदार:
मैडम, आपके नाम पर कभी कोई बच्चा दर्ज ही नहीं हुआ।
महिला रोते हुए ज़मीन पर बैठ जाती है।
कैमरा ऊपर उठता है—आसमान में हल्की सी कंपन जैसी लहर।
दृश्य 2: रिसर्च लैब
लोकेशन: न्यूरो-क्वांटम रिसर्च लैब
डॉ. समीर कौशिक एक स्क्रीन के सामने खड़े हैं। डेटा बार-बार बदल रहा है।
समीर:
यह डेटा ग़लत नहीं है… वास्तविकता ही बदल रही है।
अन्वी:
लोग चीज़ें भूल नहीं रहे, समीर… चीज़ें कभी थीं ही नहीं, ऐसा साबित हो रहा है।
कृतार्थ:
जैसे किसी ने इतिहास एडिट कर दिया हो।
अचानक स्क्रीन पर एक सिग्नल उभरता है—2:33 AM, हर रात।
दृश्य 3: पहला सिद्धांत
समीर (बोर्ड पर लिखते हुए):
अगर चेतना सामूहिक हो…
अगर हज़ारों लोग एक ही चीज़ को भूल जाएँ…
तो क्या वह चीज़ अस्तित्व खो सकती है?
वेद:
प्राचीन ग्रंथों में ऐसा ही वर्णन है।
उसे कहा गया—राक्षस।
कमरे में सन्नाटा।
दृश्य 4: सैटेलाइट स्टेशन
लोकेशन: शहर के बाहर, परित्यक्त स्टेशन
दरवाज़ा खुलता है। हवा भारी हो जाती है।
अन्वी (काँपते हुए):
यह जगह… दिमाग पर दबाव डाल रही है।
अचानक ज़मीन के नीचे से आवाज़ आती है—
धीमी… गहरी… जैसे साँस।
दृश्य 5: राक्षस का प्रकट होना
रोशनी टिमटिमाती है।
एक आकृति उभरती है—
स्पष्ट नहीं, स्थिर नहीं।
उसका शरीर कभी ठोस, कभी गणितीय आकृतियों जैसा।
सभी के दिमाग में एक साथ आवाज़ गूँजती है।
राक्षस (मानसिक आवाज़):
तुम मुझे पहचानते हो…
पर स्वीकार नहीं करते।
कृतार्थ (डरते हुए):
यह… यह कोई जीव नहीं है।
वेद:
यह इतिहास से निकाला गया सच है।
दृश्य 6: दूसरा सिद्धांत
लैब में वापस।
वेद:
इतिहास एक फ़िल्टर है।
जो सहन न हो सके—उसे हटा दिया जाता है।
अन्वी:
तो यह राक्षस…
भूली हुई सच्चाइयों का रूप है?
समीर (धीमे स्वर में):
या दबाई गई सच्चाइयों का।
दृश्य 7: सरकार का आदेश
वीडियो कॉल पर एक अधिकारी।
अधिकारी:
आपका प्रयोग अस्थिरता फैला रहा है।
राक्षस को नष्ट करना होगा।
समीर:
अगर हमने इसे नष्ट किया…
तो हम खुद को नष्ट करेंगे।
कॉल कट।
दृश्य 8: तीसरा सिद्धांत
कृतार्थ:
एआई मॉडल बता रहा है—
जितना लोग डर रहे हैं, राक्षस उतना मजबूत हो रहा है।
अन्वी:
और जब लोग सवाल पूछते हैं…
तो वह स्थिर हो जाता है।
समीर:
क्योंकि वह सवालों से बना है।
दृश्य 9: अंतिम प्रयोग
एक विशाल मशीन।
सिग्नल पूरी दुनिया में भेजने के लिए तैयार।
अन्वी:
अगर यह गलत हुआ…
समीर:
तो इतिहास फिर से झूठ पर टिक जाएगा।
मशीन चालू होती है।
दृश्य 10: प्लॉट ट्विस्ट
राक्षस सामने प्रकट होता है—इस बार साफ़।
राक्षस:
तुम मुझे मिटाना चाहते हो…
लेकिन मैं तुमसे ही जन्मा हूँ, समीर।
समीर काँप जाता है।
समीर:
नहीं… यह नाम तुम कैसे जानते हो?
यादें टूटकर उभरती हैं—
एक थ्योरी…
कि ब्रह्मांड चेतन है।
कि सच को नकारने से वह विकृत हो जाता है।
राक्षस:
तुमने मुझे खुद नकारा।
इसलिए मैं राक्षस बना।
दृश्य 11: टकराव
अन्वी (रोते हुए):
तो इसे खत्म कैसे करेंगे?
समीर:
इसे खत्म नहीं…
इसे स्वीकार करेंगे।
वह प्रयोग पूरा करता है।
दृश्य 12: अंत जो अंत नहीं
रोशनी फैलती है।
राक्षस टूटता नहीं—घुल जाता है।
दुनिया शांत।
कुछ समय बाद—
लोग सवाल पूछने लगे हैं।
इतिहास पर बहस होने लगी है।
सच डरावना लगता है…
लेकिन लोग उसे दबाते नहीं।
वेद (धीमे स्वर में):
राक्षस मर गया?
समीर:
नहीं।
अब वह हर इंसान के भीतर एक सवाल है।
कैमरा आसमान की ओर जाता है।
राक्षस की गूँजती आवाज़:
जब तक तुम सच से भागोगे…
मैं लौटता रहूँगा।
अंधेरा।
समाप्त
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