Ep 2: जादू की पहली आहत
कमरे की धूप के बीच भी, उसकी परछाई काँप रही थी—मानो अंधकार अब हमेशा उसके साथ बँध चुका हो।
सेरेना वेलमोर—जो कल तक सेलिना थी—धीरे-धीरे बिस्तर से उठी।
सुबह की ठंडी हवा खिड़की से अंदर आ रही थी। परदे हल्के-हल्के हिल रहे थे। आईने के सामने खड़ी होकर उसने खुद को गौर से देखा।
सिर्फ़ 14 साल की मासूम बच्ची… लेकिन उसकी आँखों की गहराई में सदियाँ छिपी थीं।
चेहरे पर नन्ही-सी मासूमियत थी, पर दिल में जलती थी अंधकार की कसक।
उसने अपनी उँगलियों को छुआ।
“इतनी नाज़ुक हथेलियाँ… और इन्हीं हाथों से मैं इस दुनिया की नींव हिला दूँगी।”
फिर उसकी नज़र अपने चेहरे पर टिक गई।
“इतनी मासूम शक्ल… और सब मुझे आने वाले वक्त में Villainess कहेंगे। वो लड़की, जिसकी engagement टूटेगी, सबके सामने humiliation होगा… और आख़िर में मौत…”
उसकी साँस काँप गई। यादें उमड़ आईं—जलते मंच की, एड्रियन की ठंडी नज़रों की, भीड़ की गालियों की।
उसका दिल कसक उठा।
और अचानक—
उसकी नीली आँखों में अंधेरा उतर आया।
कुछ पल के लिए वो पूरी तरह काली हो गईं।
वो हड़बड़ा गई।
“ये… वही शक्ति है। Shadow Realm की शक्ति।”
उसने धीरे से हाथ उठाया। कमरे के कोने में रखी मोमबत्ती पर नज़र डाली।
उसके इरादे की लहर जैसे हवा में फैल गई।
मोमबत्ती की लौ काँपी… और फिर उससे अलग हुई एक काली परछाई।
वो परछाई हवा में तैरने लगी—जीवित, साँस लेती हुई, उसकी पकड़ से बाहर।
सेरेना की धड़कन तेज़ हो गई।
“मैं सच में… अंधकार को छू सकती हूँ।”
लेकिन अगले ही पल, वो परछाई उसकी नज़रों में भयानक हो गई।
वो अचानक उसकी ओर झपटी, जैसे उसे निगल जाएगी।
सेरेना चीख़ते-चीख़ते पीछे हटी और गिरते-गिरते खुद को संभाला।
पलभर में परछाई गायब हो गई।
जैसे कुछ हुआ ही न हो।
उसने अपनी छाती पकड़ ली, साँसें भारी थीं।
“तो… ये शक्ति मुझे obey नहीं करती। ये मुझे निगल भी सकती है।”
उसकी आँखें फिर से काली चमकीं।
लेकिन इस बार, उसके होंठों पर एक ठंडी मुस्कान आई।
“कोई बात नहीं। अगर ये अंधकार मुझे निगलने की कोशिश करेगा… तो मैं भी उसे काबू करना सीखूँगी। क्योंकि ये शक्ति ही… मेरा बदला है।”
🌑 आईने में खड़ी बच्ची मुस्कुरा रही थी, लेकिन उसकी परछाई—उससे भी ज़्यादा मुस्कुरा रही थी।
परिवार का नज़रिया
🌑 आईने में खड़ी बच्ची मुस्कुरा रही थी, लेकिन उसकी परछाई—उससे भी ज़्यादा मुस्कुरा रही थी।
सेरेना की साँसें अभी भी भारी थीं। उसकी उँगलियों में अंधकार की ठंडक अब भी बाकी थी।
और तभी—
दरवाज़ा चिर्र्र की आवाज़ के साथ खुला।
अंदर आए Lord Velmore, उसके पिता। उनके कदम भारी और नज़रे कठोर थीं। उनके साथ उसकी माँ भी थीं—चेहरे पर शालीन मुस्कान, लेकिन आँखों में दूरी।
“सेरेना, तुम देर से उठी हो। तुम्हें discipline सीखना होगा।” पिता की आवाज़ लोहे जैसी थी।
सेरेना ने उनकी ओर देखा। उसकी आँखों में एक पल को अंधेरा चमका, लेकिन अगले ही पल उसने सब छिपा लिया।
उसने सोचा—
“तो ये वही पिता है… जो असली timeline में मुझे सिर्फ़ अपने परिवार की इज़्ज़त बनाए रखने के लिए इस्तेमाल करेगा। जिसने कभी मुझे बेटी नहीं समझा, सिर्फ़ एक pawn।”
उसकी माँ ने धीरे से मुस्कान दी।
“सेरेना, आज तुम्हारी reading और etiquette class है। याद रखना, एक noble lady को हमेशा perfect दिखना चाहिए।”
‘Perfect…’ यह शब्द उसके दिल में चुभा।
उसे जलते मंच की याद आई, लोगों की भीड़, humiliation, और वो पल जब उसने सब खो दिया था।
उसकी आँखें ठंडी हो गईं।
“Perfect? वो perfection जिसने मुझे past life में तोड़ दिया। इस बार… मैं अपना असली चेहरा दिखाऊँगी, लेकिन सिर्फ़ तब… जब ज़रूरत होगी।”
उसके होंठों पर हल्की मुस्कान आई।
बाहर से वो अब भी मासूम बच्ची दिख रही थी।
लेकिन भीतर—एक Villainess जन्म ले रही थी।
🌑 बाहर से वो अब भी मासूम बच्ची दिख रही थी।
लेकिन भीतर—एक Villainess जन्म ले रही थी।
❖ कुछ घंटों बाद ❖
दिनभर की classes खत्म हो चुकी थीं। सेरेना अपने कमरे में लौटी। किताबें मेज़ पर बिखरी थीं, लेकिन उसका मन कहीं और भटक रहा था।
वो खिड़की के पास गई। बाहर बगीचे में बच्चों की हँसी गूँज रही थी। उसकी ही उम्र के बच्चे दौड़ रहे थे, खिलखिला रहे थे।
उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था, लेकिन दिल… अंदर से कसक उठा।
“तो ये है मेरी ज़िंदगी… अकेली।”
उसने मन ही मन सोचा।
पलभर को जलते हुए मंच की याद लौटी—भीड़ की गालियाँ, राजकुमार का ठंडा चेहरा।
उसका दिल तड़पा।
“पिछली ज़िंदगी में भी मैं अकेली थी। Prince को छोड़कर मेरे पास कोई नहीं था। और अंत में, उसी ने मुझे betray किया।”
उसकी साँस काँप गई, पर फिर आँखें ठंडी हो गईं।
“इस बार… मैं किसी पर भरोसा नहीं करूँगी।”
और तभी—
कमरे की हवा जैसे ठंडी हो गई। परछाइयाँ हल्की-हल्की हिलने लगीं।
उसके मन में Shadow की फुसफुसाहट गूँजी—
“तुम्हें allies बनाने होंगे। लेकिन याद रखना… सबको pawn समझना।”
सेरेना ने धीरे से आँखें बंद कीं।
जब खोलीं तो उनमें हल्की काली चमक थी।
उसके होंठों पर एक ठंडी मुस्कान आई।
“Pawn… हाँ। अब यही मेरा खेल होगा।”
दर्पण की रात
🌑 कमरे में खिड़की से आती ठंडी रात की रोशनी धीरे-धीरे फैल रही थी।
सेरेना खिड़की के पास खड़ी थी, दिल में अंधकार की लपटें और आँखों में ठंडी चमक।
दिनभर की अकेलापन की कसक अभी भी उसकी रगों में थी।
Shadow की फुसफुसाहट अब उसके अंदर गूंज रही थी—
“तुम्हारी शक्ति तुम्हारी है… लेकिन क्या तुम उसे काबू कर पाओगी?”
वो धीरे-धीरे आईने के सामने खड़ी हुई।
“ये चेहरा अब मासूम नहीं रहेगा। ये वो चेहरा होगा जिससे सब डरेंगे।”
उसके दिल में घबराहट और उत्साह दोनों झूम रहे थे।
धीरे-धीरे उसने दोनों हथेलियाँ उठाईं।
हवा में काले धुएँ जैसी परछाइयाँ उठने लगीं।
आईने में उसका चेहरा बदलने लगा—नीली आँखों में धीरे-धीरे काली चमक फैल गई।
पीठ से धुँधले, काले परों जैसे wings निकलने लगे।
सेरेना काँप गई, लेकिन पीछे हटने के बजाय कदम आगे बढ़ाया।
“मुझे इसे control करना होगा। ये शक्ति मेरी है।
मैं इसे हारने नहीं दूँगी!”
परछाइयाँ अचानक चारों ओर घेरने लगीं।
उसका दम घुटने लगा, साँसें तेज़ हो गईं।
दिल की धड़कन तेज़, दिमाग़ में सैकड़ों यादें—जलते मंच की, betrayal की, और अंधकार की—उमड़ आईं।
फिर उसने ज़ोर से चिल्लाया—
“मैं तुम्हारी मालिक हूँ! तुम मेरी शक्ति हो, और तुम मेरी सुनोगी!”
काले धुएँ ने जैसे उसकी आवाज़ महसूस की। धीरे-धीरे परछाइयाँ शांत होने लगीं और हथेलियों में समा गईं।
आईने में उसकी नीली आँखें वापस लौट आईं।
सेरेना घुटनों पर गिर गई।
साँसें भारी थीं, शरीर थका हुआ।
लेकिन उसके होंठों पर हल्की ठंडी मुस्कान थी—
“हाँ… अब ये मेरी शक्ति है।
और धीरे-धीरे… मैं इसे पूरी तरह अपना बना लूँगी।
कोई भी… मुझे नहीं रोक सकेगा।”
🌑 रात के सन्नाटे में उसके भीतर उठ रहा अंधकार अब सिर्फ़ एक डरावनी छाया नहीं था—
ये अब उसकी पहचान थी।
🌑 रात की परछाइयों की ताक़त अब उसके भीतर शांति से बैठ गई थी।
सेरेना ने घुटनों से उठकर अपना चेहरा आईने में देखा। नीली आँखों में अब काली चमक हल्की-सी रह गई थी—जैसे कोई रहस्य छुपा हुआ हो।
उसके होंठों पर वही ठंडी मुस्कान थी, जो अब उसकी inner Villainess का हिस्सा बन चुकी थी।
अगली सुबह…
सेरेना breakfast table पर बैठी थी।
सूरज की हल्की रोशनी कमरे में फैल रही थी।
उसकी नीली आँखों में मासूमियत का भ्रम था, लेकिन भीतर… अंधकार अभी भी गूंज रहा था।
तभी उसके बड़े भाई, Lucian Velmore, उसके पास आया। उसकी नज़रें सीधी सेरेना पर टिक गईं।
“सेरेना, तुम्हारी आँखें… क्या तुम ठीक हो? कल रात मैं तुम्हारे कमरे के पास से गुज़रा और मुझे लगा जैसे वहाँ कुछ अजीब हो रहा था।”
सेरेना ने नज़रें झुका लीं।
उसके भीतर डर और अलार्म की हल्की लहर दौड़ गई।
‘लुसियन को शक हो रहा है…’ उसने मन ही मन सोचा।
‘अगर उसे पता चल गया कि मेरे पास शक्तियाँ हैं… तो क्या वो भी बाकी लोगों की तरह मुझे मारने की सोचेंगे?
मुझे इसे छुपाना होगा। किसी भी हालत में सच बाहर नहीं आने देना।’
उसने हल्की मुस्कान दी और बोली—
“अजीब? भाई, आप हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहते हैं। मैं बस थोड़ी थकी हुई थी, इसलिए शायद मेरी आँखें वैसी लग रही हों।”
लुसियन ने कॉफी का कप नीचे रखा और झुकते हुए कहा—
“मैं बस यह सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि तुम ठीक हो। मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा।”
सेरेना की आँखों में पलभर के लिए काली चमक दिखाई दी, जिसे उसने तुरंत छुपा लिया।
उसके होंठों पर एक अंदरूनी मुस्कान थी—ठंडी, रणनीति भरी।
“ठीक है… अब खेल शुरू हो चुका है।
कोई भी… मेरी असली ताक़त को नहीं जाने पाएगा।”
🌑 बाहर से सूरज की रोशनी अंदर आई, लेकिन कमरे में एक अजीब ठंडक अभी भी बनी हुई थी।
सेरेना के भीतर, अंधकार अब केवल शक्ति नहीं, उसकी पहचान बन चुका था।
🌑 दिन भर की pretence और मुस्कान के बाद, रात की चुप्पी कमरे में उतर आई।
Lucian और परिवार के सभी सदस्य सो चुके थे।
सेरेना खिड़की पर बैठी थी, अंदर से ठंडी, बाहरी रूप में मासूम।
उसकी हथेली पर एक छोटी काली लौ नाच रही थी—जैसे उसकी अपनी परछाई जीवित हो।
वो धीरे से बाहर अंधेरे आसमान की ओर देखने लगी।
“पिछली ज़िंदगी में मैं कमज़ोर थी… उन्होंने मुझे जला दिया, क्योंकि मैं अलग थी।”
उसकी आवाज़ में सिर्फ दर्द ही नहीं, अपमान और betrayal की कसक भी थी।
लेकिन अगले पल उसकी आँखों में दृढ़ता चमकी।
“इस बार… मैं वो राक्षसी बनूँगी जिससे वे डरते हैं।
मैं खलनायिका (villainess) बनूँगी, हाँ… लेकिन अपने नियमों पर।”
उसने अपनी मुट्ठी कसकर बंद की।
जैसे ही उसकी इच्छाशक्ति काली लौ में समा गई,
मोमबत्ती की हल्की रोशनी अचानक बुझ गई।
कमरे में अब सिर्फ़ उसकी नीली-सी काली आँखों की चमक थी—
एक ऐसी चमक, जिसमें अतीत का दर्द, वर्तमान की strategy, और भविष्य का डरावना इरादा सब झलक रहा था।
सेरेना ने धीमे से फुसफुसाया—
“अब कोई भी… मुझे तोड़ नहीं सकेगा।
कोई भी… मेरे खेल का हिस्सा नहीं, अगर मैं न चाहूँ।”
🌑 बाहर अंधेरा था, लेकिन कमरे में उसका अंधकार अब जीवित था।
Shadow Magic सिर्फ़ शक्ति नहीं, उसकी पहचान बन
चुकी थी।
🌑 “अब कोई भी… मुझे तोड़ नहीं सकेगा।
कोई भी… मेरे खेल का हिस्सा नहीं, अगर मैं न चाहूँ।”
✨
कल मिलते हैं…
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क्योंकि असली Villainess की ताक़त अभी पूरी तरह सामने आने वाली है।