BL Live story in Hindi Love Stories by PAYAL PARDHI books and stories PDF | BL Live story

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BL Live story

उस चाँदनी रात की अंधेरी कमरे में जहाँ पर लाइट नहीं थी, पर चाँद की रोशनी उस लड़के पर पड़ रही थी जो बहुत ही खूबसूरती से अपने चेहरे को निहार रहा था। हाला कि वहाँ अंधेरा था , लेकिन उसकी  खूबसूरती ऐसी थी कि  दोंनों  जेंडर के दिलों पर उसके लिए चाहत जगाने के लिए  काफी थी। उसे पाने के लिए कोईकिसी हद तक जा सकते थे।

 इतना खूबसूरत था वह, स्मूथ बॉडी बिल्कुल किसी  एकदम मुलायम , तन में बाल  न हि और नहीं उसकी दाढ़ी थी एकदम क्लीन फेस था ।भावै बहुत ज्यादा गहरी हल्के गुलाबी पिन होठ और दूध की तरह गोरा स्क्रीन ।नाजुक! बिल्कुल किसी लड़की की तरह,

 उसने आईने के सामने खुद को निहारा फिर जैसे ही उसने उस आईने में किसी की तस्वीर नजर आई वह मुस्करा कर उसकी ओर मुड़ा, फिर उसने अपनी  से कातिल नजरो से ऐसा देखा कि सामने वाले का दिल भी काफी धड़कने के लिए।उसे एहसास कराने के लिए कि दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज़ उसके सामने है ।शौर्य की नज़रों में तो उसके लिए यही था । उसकि सब कुछ , उसका अयान!!

" तो  क्या आज  फिर से भी तुमने ड्रिंक किया है अनु?" अयान ने कहा तो शौर्य लड़खड़ाते हुए  उसके पास गया तो आयान ने उसे प्यारी सी स्माइल देते हुए उसके करीब होकर अपने दोनों हाथों को उसके गले के चारों ओर  लपेटकर उसके होठों को चूम लिया। 

"ऐसा क्यों करते हो? तुम्हें पता है ना तुम्हें इस हालत में देखना मुझे बिल्कुल भी मंजूर नहीं लव।" आयान ने मुस्कुराते कहा तो शौर्य के दिल  मचलने लगा। उसने आयान के पतले कमर को पकड़कर अपने करीब खींचा और फिर अपने करीब खींचते ही उसके बाल हटाते  जो उसके आँखों तक आते थे उसे पकड़कर साइड में रखकर उसके माथे को चूम लिया। 

"पता है मुझे ! तुम्हें  शराब बिल्कुल पसंद नहीं, पर तुम्हीं तो हो जो बिना इसके मुझे नजर नहीं आती। तुम्हें मज़ा आता है ना मुझे इस हालत में देखकर? आखिर क्यों करते हो एसा? क्यों चले जाते मुझे छोड़कर ?जब तुम्हें पता है कि मैं नहीं रह सकता तुम्हारे बिना ,तुम्हें देखे .तुम्हें छुये  बिना नहीं रह पाता, फिर भी ऐसा क्यों करते हो ? बोलो क्यों छोड़कर चले जाते हो मुझे ???"

शौर्य  ने शिकायत जताते हुए कहा तो अयान बस मुस्कराते हुए उसके करीब होकर उसके नाक को अपने नाक से रफ किया और फिर उसके फेस पर एक किस करते हुए उसे बहुत ध्यान से देखने लगा।

क्या ऐसा नहीं हो सकता अनु ? एकदम से सब भूल जाओ ? अब बहुत देर हो चुकी है ,हमारा मिलना शायद हमारे किस्मत में नहीं था। हमारी पुरानी यादों को भूलकर आगे बढ़ जाओ अनु"  

"मैं नहीं चाहता ऐसी किस्मत ,मुझे नहीं चाहिए ऐसी किस्मत जिसमें तु नहीं हो, मुझे ये जिन्दगी नहीं चाहिए  जिसमें तु मेरे साथ न हो ,आई वांट यू!😭 मुझे तुम चाहिए किसी भी हालत में ,प्लीज डोंट लीव मी! मत जाना मुझे छोड़कर" 

" मैं कहाँ गया हूँ अनु? मैं तो तुम्हारे दिल में हूँ अपनी आंखें बंद करके अपनी धड़कन को महसुस करो, मैं मिल जाऊंगा तुम्हें ।" ये कहते हुए आयान ने उसकी आँखे बंद कर ली और आँखे बंद करते ही कुछ देर तक शांति छा गई और जैसे ही शौर्य में आँखें खोली तो खुद को वहाँ अकेले पाया, वहाँ कोई नहीं था ।

आयान नहीं था वहाँ पर ,उसे चारों ओर देखने लगा और  उसने गुस्से से चिल्लाया "आयान!!!!! अयान कहाँ हो तुम ???आयान कहाँ चले गए तुम ???तुमने कहा था तुम्हें मुझे छोड़कर मत जाना?? आयान! आयान कहाँ हो तुम? वापस आओ?? वापस आओ ?? "

 कमरे से पूरी तलाशी ली  कमरे से बाहर निकलकर वह इधर-उधर चिल्लाने लगा, इधर-उधर ढूंढने लगा पर उसे आयान कहीं नहीं मिला। वह इतना पागलों की तरह" आयान!, आयान! "करके चिल्लाते रहा। सारे सर्वेंट वहाँ हॉल में इकट्ठा हो गए। और शौर्य सबसे पागलों की तरह पूछने लगा कि "किसी ने देखा है उसे जाते हुए"अयान कहाँ है?" अभी तो उसके साथ था, पता नहीं कहाँ चला गया। किसी ने देखा है मेरे आयान को?" सौर्य ने कहा तो सारे  सर्वेंट चुप हो गए, सबने सर झुका लिया। "बोलो कुछ, मैंने क्या पूछा है? मैंने कहा आयान कहाँ है? क्या देखा है तुम लोगों ने?"

 पर किसी की हिम्मत नहीं कि वो सौर्य को कुछ जवाब दे पाए। और बताते भी क्या? यही कि "सर!, आज फिर आपको वहम हुआ है। आपने किसी को नहीं देखा पर,  आपको लग रहा है कि आपने किसी को देखा है पर वो रियल लाइफ में आपके पास ही नहीं है। अब जिसकी बात कह रहे हैं वो हकीकत में है ही नहीं आपके पास।"

 पर कौन? किसी की हिम्मत नहीं कि वो शौर्य बासु के पास बोले। सारे सर्वेंट सर चुकाए खड़े थे और शौर्य पागलों की तरह इधर-उधर ढूंढ रहा था चिल्ला रहा था। पर उतने में ही पूरी फैमिली जो अपने कमरे में आराम से सोए थी, वह हॉल में आ गई, सारे हॉल में इकट्ठा हुए। तो सौर्य की चाची ने कहा 

"लो आपके लाडले का फिर से शुरू हो गया पागल पन " सासु मा और जेठानी जी! आप कुछ कहते क्यू  नही हो   आपने बेटे को,  हर दिन  ये तमाशा लगा रखा है। ऐसा क्यों करता है वो, अगर  उसे अपना ख्याल लेंगे तो हमारा तो ख्याल कर सकता था ना?  हर रात, हर रात ऐसे ही डिस्टर्ब करता है आखिर क्यों ???मैं रोए कहती हूँ कि किसी पागलखाने में एडमिट करवा दो अपने बेटे को,"

" अपनी हद में रहो  वशुनधरा!! सॉरी के मॉम रीमा वासु ने चिल्लाते हुए कहा "तुम जिसके बारे में बात कर रही हो वो वासु खानदान का इकलौता वारिस है, सबसे बड़ा बेटा !तुम्हारा कोई हक नहीं है उस पर  चिल्लाने का ??"

"हाँ! हाँ क्यों नहीं ?कुछ भी नहीं कहेंगी आपके सैहजादे को ,पर प्लीज जाकर उस पागल को समझाइए कि ऐसी हरकतें करना बंद करे ,हम भी इंसान हैं हमें भी जरूरत होती है सोने कि, दिन भर तो अपने  गुस्से से सबको दबाकर रखता है और रात को पागल की तरह चिल्लाने लगता है। किस अयान नाम के भूत नेजकडा़ हे जाकर चेक करो आप !"

ये कहते  हूँये वो चिल्लाकर चली गयी। आप सब जाओ सोने के लिए, मैं देखती हूँ, ये कहते हुए सौर्य की माँ शौर्य को रोकने के लिए जाती है।  सब लोग वहाँ से चले जाते हैं ।

"आयान !!!!!!!!

अयान कहाँ हो तुम? वापस आओ !आयान प्लीज वापस आओ? मैंने कहा ना मुझे छोड़कर मत जाना आयान ! "और उसका नाम पुकारकर सौर्य चिल्ला रहा था, तब उसकी मा ने रोका" सौर्य!! बंद करो ये सब, तुम्हेंअच्छी तरह से पता है कि यहाँ पर कोई नहीं है , "

"नहीं माँम !!वो मेरे पास ही था ,मेरा आयान!  आप सब ने उसे नहीं देखा पर वो यहीं था मेरे पास था, वो किसी को नजर नहीं आता "

"बस करो सौर्य!! तुमने  फिर से पी रखी है,

" माँम प्लीज ।। मेरा आयान यहीं था ,मेरे पास वो अभी दिख नहीं रहा है, कहाँ है वो ?"

शौर्य इधर उधर ढूंढने लगा , रिमा ने सामने  बड़े पानी के मग को उठाकर  सौर्य के ऊपर फेंक दिया" होश में आओ सौर्य !!तुम सौर्य वाश हो? वाशरखान  के एकलौते बेटे! तुम्हें ऐसे पागल की तरह  रहना स्वाभाविक नहीं है ।खुद को संभालो होश में आओ ,

उसकी माँ के कहते ही शौर्य रोते-रोते वहीं पर घुटनों के पर रोने लगा और रोते-रोते वहीं पर नशे की हालत में गिर गया" मेरा अयान मेरे पास ही था, वापस आ जाओ अयान ??ऐसे सजा मत दो? मैं मर जाऊंगा।  वहाँ फर्श पर गिरते ही उसके सर्वेन्ट उसे उठाकर वहाँ से ले गए और रुम मै सुलाने के लिए चले गए ।

"आई नो शौर्य  तुम्हें बहुत तकलीफ होती है लेकिन तुम्हें देखकर हमें भी इतनी तकलीफ होती है, तुम जिस अयान की बात करते हो, जिसके बारे में इतना कुछ बताते हो वो तो कभी असल में है ही नहीं। कब तक कब ,तक तुम अपने पुराने जन्म के यादों में डूबे रहोगे और कब तक तुम अपने पुराने जन्म के यादों को हमें तराश कर बेचैन होते रहोगे  ,और खुद को इतना तकलीफ देते रहोगे ? 

(कोलकाता के सबसे पुराने और सबसे प्रभावशाली बिज़नेस घरानों में से एक — वासु खानदान।

पैसे, नाम, राजनीति, रेputation — सब कुछ उनके हाथ में था।और उनके इस साम्राज्य का इकलौता वारिस था — सौर्य वासू।बाहर की दुनिया में सौर्य एकदम अलग आदमी था:सीधा, ठंडा, sharp-minded, ruthless businessman।

दुनिया उसके सामने झुकती थी और बाजार उसकी breathing पर चलने लगते थे।लेकिन यह सब केवल तब था जब उसे उसके पिछले जन्म की कोई याद नहीं आती थी।क्योंकि जैसे ही उसके भीतर का दूसरा दरवाज़ा खुलता —

सौर्य बदल जाता।आवाज़ बदलती, आँखें बदलती, और उसका पूरा व्यवहार किसी और इंसान का हो जाता। दुनिया वाले इसे “डबल पर्सनैलिटी” कहते थे…लेकिन असल में यह उससे कहीं ज्यादा गहरा था।सौर्य खुद कहता था —“मैं उसे भूला नहीं हूँ। वो मेरा आयान… पिछला जन्म मेरे दिल में जिंदा है।”

ऐयान का चेहरा, उसकी आवाज़, उसके हावभाव, 

सब सौर्य की याद में ऐसे बसे थे जैसे ताज़ा पल हों।

उसके कमरे में हज़ारों sketches थे ऐयान के —

और सौर्य की सबसे खतरनाक शक्ति यह थी कि वह आँखें बंद करके ऐयान का चेहरा बना सकता था, बिल्कुल वैसा जैसा उसने पिछले जन्म में देखा था।

लेकिन असली सच्चाई उसे खुद नहीं पता थी —

कि ऐयान इस जन्म में आया भी है या नहीं…

या वह वादा केवल यादों में था।

“हर जन्म में मिलना है…” — यह वादा उसकी आत्मा में चिपका रह गया था।इसी वादे ने उसे जकड़ रखा था।और यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गया।

जब वह drink कर लेता…तो यादें तेज़ हो जातीं।

ऐयान साफ़ नजर आने लगता।उससे बातें करता।

उसी से लड़ता, उसी से रोता, और उसी के नाम पर दुनिया से भिड़ता।घर वाले डरते नहीं थे…थक चुके थे।माँ रातों को खिड़की से देखती रहती —

सौर्य खाली हवा से बातें करता, कभी sketches फाड़ता, कभी कमरे की चीज़ें तोड़ता, कभी रोकर बुदबुदाता —“… तुमने कहा था तुम आओगे मेरे पास अयान।”सब जानते थे कि यह दर्द उनकी समझ से बाहर है।पर कोई कुछ कर नहीं पाता था।)

रिमा वासू उसकि माँ जिसकी उम्र पचास साल है और उनका  बेटा है शौर्य। और उनकी एक बेटी भी है जो कि अभी पढ़ने के लिए फॉरेनर कंट्री गई है। आउट ऑफ इंडिया गई है।

 रिमा वासू अक्सर उस बेटे के लिए परेशान रहती है। अक्सर उसे ही डर सताया रहता है कि आखिर सॉर्य ऐसा क्यों है। कभी कुछ और तो कभी कुछ और ही हो जाता है, आखिर कौन है ये आयान। उसको ढूंढता रहता है ,पर वो मिलता नहीं है। 

जैसे शौर्य उसे पिछले जन्म की बात बताता है तो नोटिस करती है किसकी आंखों में अलग  चमक थी  ,उसकी बातों में एक अलग ही सुकून नजर आता था ।लंदन में पढ़ाई करके लौटा है।  गॉड पर बिलीव नहीं करता, लेकिन पिछले जन्म की बातें ऐसे बताता है जैसे कि वो अभी कल की घटना हुई हो। 

"आखिर कौन है ये आयान ?जिसे इस जन्म में नहीं मिला और पिछले जन्म भी इस तरह कर सकता है कि इसको याद है। जिसको देखने के लिए इतना तड़प रहा है, "उसने ये शिकायत सामने व्हीलचेयर पर बैठी सॉरी की दादी की ओर करते हुए कहा जो कि पूरी तरह से पैरालाइज्ड थी उनका हाथ-पांव नहीं चलता था बस आँखें जो देखती थी और मुँह जो बस दुख और हीन दिया करती थी ।

"सब ठीक हो जाएगा रिमा एक दिन ,तुम  भगवान पर भरोसा रखो,

" कैसे भरोसा रखु मॉम ।।आखिर क्यों? ऐसा एक दिन में नहीं है , जानते हैं ना कि किस कंडीशन से गुजर रहा है, आखिर क्यों वो नॉर्मल इंसान की तरह नहीं है? आखिर क्यों वो पास्ट वाली बातों को उसी पिछले जिंदगी के बारे में सोचता रहता है ?

 "भगवान जी सब ठीक करेंगे रिमा  , अगर सारे को अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में उसने याद आती है तो उसके लिए कुछ अलग सोच ही होगा ।

 "मुझे नहीं पाता मा , पर अभी आपको आराम करने की जरूरत है चलिए , दादी का व्हीलचेयर पकड़ा और उसे कमरे में लेकर चली गई और सॉरे अपने रूम में बेहूसी की हलात पर पड़ा रहा ,पर मुँह से कुछ के शब्द थे जो निकल रहे थे ।पूरे शरीर पसीने से  था उसका शरीर जैसे पसीने की धार गुजर रहीं थी और मुँह में बस एक ही नाम  था ।

"आयान !!आयान !! लौट आओ मेरे पास! मैंने तुम्हें इतनी तकलीफ तो नहीं दी जितना तुम मुझे दे रहे हो, हाँ  कहा न कि मुझे गलती हुई है पर उस गलती की इतनी बड़ी सजा तो नहीं हो सकती ना कि तुम मुझे इतना तड़पाते मारोगे !😭 अयान! I Love you? 

  आखिर क्या है  सॉरी की पिछले जिंदगी ?क्या है उनकी सच्चाई और क्या लौट आएगा अयान वापस उनके लिए जाने के लिए पढ़ते रहिए।