aadhi rat ka tufan in Hindi Love Stories by Prashanth books and stories PDF | आधी रात का तूफान

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आधी रात का तूफान

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, और घर के अंदर का माहौल उससे भी ज्यादा तूफानी था। डाइनिंग टेबल पर खाना ठंडा हो चुका था। आर्यन अपनी प्लेट को घूर रहा था, जबकि महक की नजरें उसके चेहरे पर जमी थीं, जैसे वह उसकी खाल उतारकर अंदर छिपे सच को देख लेना चाहती हो।
​"आर्यन, मैं तुमसे कुछ पूछ रही हूँ," महक की आवाज ठंडी और कड़क थी।
​आर्यन ने गहरी सांस ली और बिना नजरें मिलाए कहा, "महक, मैंने कहा न, कुछ नहीं है। बस ऑफिस का तनाव है। तुम बात का बतंगड़ बना रही हो।"
​"तनाव?" महक ने अपना फोन मेज पर पटका। "तनाव के कारण लोग रात के दो बजे गैलरी में छिपकर बातें नहीं करते। तनाव के कारण लोग अपना फोन पासवर्ड से लॉक नहीं रखते जिसे उन्होंने दो साल तक खुला रखा था। और तनाव के कारण लोग अपनी पत्नी से नजरें चुराना नहीं शुरू करते!"
​आर्यन गुस्से में खड़ा हो गया। "बस करो महक! मुझे घर पर शांति चाहिए, तुम्हारी यह जासूसी नहीं। तुम मुझ पर शक कर रही हो, क्या हमारा रिश्ता इतना कमजोर है?"
​"रिश्ता मैंने कमजोर नहीं किया, आर्यन," महक की आँखों में आँसू भर आए। "जब मैंने उस लड़की का नाम तुम्हारे फोन पर देखा, तब तुमने सफाई देने के बजाय फोन छीन लिया। कौन है वो 'अनामिका'? और क्यों उसके मैसेज आते ही तुम कमरे से बाहर चले जाते हो?"
​आर्यन का चेहरा अचानक सफेद पड़ गया। 'अनामिका' का नाम सुनते ही उसके माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगीं। वह कुछ पल के लिए खामोश रहा, फिर उसने अपनी जैकेट उठाई।
​"मैं जा रहा हूँ। इस पागलपन के बीच मैं यहाँ एक पल नहीं रुक सकता," उसने चिल्लाकर कहा।
​"अगर आज तुम इस दरवाजे से बाहर गए, आर्यन, तो याद रखना कि वापसी का रास्ता बंद हो जाएगा!" महक ने चीखते हुए उसे चेतावनी दी।
​आर्यन ने मुड़कर नहीं देखा। उसने जोर से दरवाजा बंद किया और अपनी कार की चाबी उठाकर अंधेरी रात में निकल गया। महक फर्श पर बैठ गई और फूट-फूट कर रोने लगी। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि जिस आदमी के लिए उसने पूरी दुनिया छोड़ दी थी, वही आज उसे एक अजनबी की तरह छोड़कर चला गया।
​करीब एक घंटा बीत गया। बारिश अब धीमी हो चुकी थी। महक सोफे पर बैठी शून्य में ताक रही थी कि तभी उसके फोन की स्क्रीन चमक उठी। एक अनजान नंबर से मैसेज था।
​महक ने कांपते हाथों से फोन उठाया। मैसेज खोलते ही उसकी सांसें अटक गईं। उसमें लिखा था:
"रोने से कुछ नहीं होगा महक। आर्यन अब तुम्हारे पास कभी नहीं लौटेगा, क्योंकि वह अब मेरा हो चुका है। अगर यकीन न हो, तो अपने बेडरूम की अलमारी के पीछे देखो।"
​महक का दिल जोर से धड़कने लगा। वह भागते हुए बेडरूम में गई और भारी अलमारी को पूरी ताकत से खिसकाया। वहां दीवार पर खून से एक नंबर लिखा था— 302।
​सस्पेंस: यह वही नंबर था जो महक के उस पुराने घर के कमरे का था, जिसे उसने शादी के बाद कभी नहीं खोला था, लेकिन उस घर की चाबियाँ तो सिर्फ आर्यन के पास थीं। क्या आर्यन उसे मारना चाहता था या यह किसी और की साजिश थी?