छह साल बाद :
मुम्बई एक ऑफिस में : “अरे यार !जल्दी चल।” एक
थोड़ी गोलू-मोलू सी लड़की ने दूसरी लंबी लड़की को कहा। उस गोलू मोलू सी लड़की का नाम अमृता था । अमृता कद में थोड़ी छोटी थी , उसके बाल घुँघराले और आँखें भूरी थीं। जिस लड़की से वह बात कर रही थी वो और कोई नहीं बलकि मोना ही थी । मोना की आँखें हरि , कद पाँच फुट नौ इंच , बाल wavy , स्किन एकदम ग्लोइंग और गोरी थी। उसे देख कर बता पाना मुश्किल था कि उसकी एक छह साल की बेटी भी हैं।
“इतनी जल्दी तुझे किस बात की है?” मोना ने अमृता से पूछा । “अरे! यार तूने उसे देखा नहीं?”
“तू किसकी बात कर रही है ? किसे देखा नहीं?” मोना ने अमृता को सवाल भरी हुई नजरों से देखते हुए पूछा।
“अरे! वहीं जो कंपनी का नया CEO है। तुझे तो पता ही होगा कि हमारी कंपनी को एक MNC ने acquire कर लिया था। ” मोना ने हाँ में अपना सिर हिलाते हुए पूछा “तो?ऐसा क्या है नए CEO में ?”
“अरे! Idiot! तू अगर नए CEO को देखोगी ना तो देखते ही रह जाएगी।” अमृता ने मोना के सिर पे हलके सी टपली मारते हुए बोला। मोना ने अमृता के कंधे पर अपनी कोहनी रखते हुए पूछा “अच्छा, आखिर ऐसा क्या खास है तेरी, इस नए CEO में?” ।
“बहन वो एकदम लंबा , कमसे कम साढे छह फुट लंबा होगा, ऊपर से एकदम मस्कुलर बॉडीबिल्डर्स वाली बॉडी, नीली- नीली आँखें, हल्के भूरे और घने curly बाल , शार्प फीचर्स और एकदम क्लियर स्कीन विथ फ्रेंच बियर्ड। ऐसा गुड लुकिंग बंदा तो मैंने आज तक magazines में भी नहीं देखा है।”
“बहन, अगर आपके बॉस के गुड लुक्स की तारीफ हो गई हो तो जरा काम पर भी फोकस किया जाए ।” मोना ने हलके से अमृता के कंधे पर चपत लगाते हुए बोला।
“Ofcourse, why not? जो हुकुम मेरे आका। ”
अमृता ने मजाकिया लहज़े मे अदब से यह बात कही और दोनो हसने लगीं।
तभी पीछे से एक आदमी की आवाज आई “जरा हमें भी तो बताईए , आखिर किस बात पर इतने ठहाके लगा कर हसा जा रहा है ?” निखिल ने एक शरारती मुस्कान के साथ पूछा। निखिल एक पच्चीस वर्ष का आदमी था। कद पाँच फीट दस इंच, रंग गेहुआ और muscular बॉडी के साथ वो ऑफिस के सबसे गुड लुकिंग बंदों में से एक था। उसने आज सफेद रंग की शर्ट और काले रंग की पेंट पहनी हुई थी और वो उन दोनों के साथ इसी ऑफिस में काम करता था। निखिल को इस ऑफिस में मोना के साथ काम करते हुए दो साल से भी ज्यादा हो गए थें और यह बात अमृता को भी पता थी कि निखिल को मोना पे कितना बड़ा क्रश है। निखिल ने कई बार मोना से डेट के लिए पूछने की कोशिश भी की थी लेकिन मोना हर बार मना कर देती । मोना के बार-बार मना करने पर निखिल ने finally हार मान ली थीं।
यही सोच कर अमृता ने निखिल की टांग खींचते हुए कहा “ वैसे निखिल, हमें मोना के स्टैण्डर्ड को मैच करने के लिए एक लड़का मिल गया है। ” यह सुन कर निखिल का चेहरा सफेद पड़ गया “क्या!?“ ये क्या बकवास कर रही हो ? आखिर कोई सबसे खूबसूरत मोना को कैसे मैच कर सकता है?और नाम बताना जरा उसका।!हम भी तो देखे कि उसकी हमारे सामने क्या औकात है।” निखिल मुस्कुराते हुए मोना के तरह झुक कर कहता है।
अमृता अपनी बाहें समेठते हुए कहती है “सोच लो बच्चू, तुम तो उनके सामने खड़े भी नहीं हो सकते ”
“अच्छा बताना जरा , आखिर ऐसा कौन है वो?” निखिल पूछता है।
“वो, वो हमारे कंपनी के न्यू CEO है।”
CEO का नाम सुनते ही निखिल shocked हो जाता है। “लेकिन नए बॉस की तो शादी होने वाली है ना। ”
अमृता हंसते हुए कहती है “अरे बुद्धू मैं मजाक कर रही थीं ”। यह बोलते हुए अमृता फाइल उठा कर वहाँ से चली जाती है । अब वहाँ पर सिर्फ मोना और निखिल ही बचे थें ।
निखिल ने उनके बीच पनप रही चुप्पी को तोड़ते हुए पूछा “अच्छा, तमन्ना कैसी है?” । तमन्ना मोना की बेटी का नाम है जो कि अभी छह साल की है।
“वो ठीक है , और आपको बहुत मिस भी कर रही थी।”
इन दो सालों में निखिल तमन्ना के साथ बहुत घुल मिल गया था वह कभी कभी बेबीसिटिंग भी कर दिया करता था । निखिल ने बोला “तो क्या हम दोनों तमन्ना के साथ Sunday को fun castle चल सकते है , उस बच्ची का भी मन लग जाएगा, अगर तुम बिजी हो तो सिर्फ़ मैं और तमन्ना भी जा सकते है ।
“जी , नहीं , मैं फ्री हूँ तो अब मैं भी साथ चल सकती हूँ।” मोना ने मुस्कुराते हुए अपना सिर हिला के बोला।
“सच मूछ ” निखिल की तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था।
वहीं दूसरी तरफ मुम्बई के एक भव्य और आलीशान बंगले में रेड वन पीस और काली सैंडल पहने हुई एक लड़की एक दरवाजे के सामने खड़े हो कर नॉक करती है। उस लड़की के बाल लंबे और काले थें, शारीर एकदम पतला दुबला और आँखें एकदम काली थीं। उसने एक बोल्ड लाल कलर की लिपस्टिक लगाई हुई थी और कोई भी देख कर यह बता सकता था कि वो एक अमीर घराने को belong करती है ।
उसके खटखटाने के थोड़ी देर बाद एक उनतीस वर्ष का लंबा -चौड़ा, हट्टा -कट्टा नीली आँखों वाला आदमी कमर पर सफेद towel लपेटे दरवाजा खोलता है। उस आदमी के हलके कर्ली बालों से पानी की बूंदे टपक रहीं थीं जो कि उसकी नीली आँखों और handsome चेहरे को और भी attractive बना रह थीं ।
दरवाजा खोलने के बाद वह आदमी पीछे मूड कर वॉर्डरोब तरफ चला जाता है और अपनी वॉर्डरोब में से एक शर्ट निकाल कर पहना शुरू कर देता हैं।
वो अट्ठाईस साल की लड़की उस आदमी के गले में अपनी बाहें डालते हुए बोलती है “अरमान Baby तुम्हें तो मेरी कुछ पड़ी ही नहीं है। ”
अरमान उस लड़की का हाथ हटाते हुए बोलता है “शादी कर तो रहा हूँ मैं तुमसे , और तुम्हे अब क्या चाहिए?”
वो लड़की अरमान की छाती पर अपना हाथ रख कर नखरे दिखाते हुए कहती है “You're very bad, baby ! तीन सालों से हम engaged है और इन तीन सालों में तुमने एक भी रोमांटिक डेट initiate नहीं कि और तो और जब मैं कोई डेट arrange करती भी हूँ तो तुम डेट पर या तो पहुँचते ही नहीं हो या फिर लेट हो जाते हो। और अगर तुम पहुँच भी गए तो हमेशा बोरिंग , uninterested और unromantic act करते हो और तो और ऊपर से तुम हमारी शादी की डेट को भी पोस्टपोन कर रहे हों। ”
“अरे मेरी माँ , अनीषा, मुझे बहुत सारे काम रहते हैं! और इन तीन सालों में मैने सिर्फ़ मेरे ही नहीं बल्कि तुम्हारे पापा की भी कंपनी के शेयर्स के प्राइसेज ट्रिपल से भी ज्यादा कर दिए है। अगर success चाहिए तो थोड़ा sacrifice भी करना पड़ता है।”
अनीषा ने झूठ-मूठ का गुस्से वाला चेहरा बनाते हुए बोला “काम, काम, काम! तुम्हें तो काम के सिवा कुछ और सूझता ही नहीं हैं।”
तभी अरमान अनीषा की कमर में अपनी बाहें डाले बोलता है “तो Sunaday को कहीं डेट पर चलें।” यह सुन कर अनीषा भी खुशी से उसकी गर्दन में अपनी बाहें डाल और उसके चेहरे के करीब आ कर seductive आवाज में बोलती है “Sweetheart , तुम्हे कोई idea नहीं कि तुमने मुझे कितनी बड़ी खुशी दी है।” और यह बोलते हुए वो अरमान के होठों पर अपने होठ रख देती है। थोड़ी देर बाद अरमान अनीषा से दुर हो कर बोलता है “अच्छा baby, मुझे office के लिए देर हो रही है। आज मेरी एक बहुत important meeting है।” और ये बोल कर अरमान तैयार हो कर ऑफिस के लिए निकल जाता है लेकिन जाने से पहले वो अनीषा के फॉरहेड पर किस भी करता है।
अरमान के जाते ही अनीषा के चेहरे के भाव अचानक से बदल जातें हैं और वो किसी को फोन लगाती है।
फोन की कुछ रिंग बजने के बाद दूसरी तरफ से कोई फोन उठाता है और अनीषा बोलती है “काम हो गया है। Sunday को Alistone cafe में उन्हें भेज देना.”
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आखिर अनीषा किस काम की बात कर रही थी?
क्या होगा जब होगा जब होगा अरमान और मोना का आमना सामना?
क्या मिल पाएगा अरमान अपनी बेटी से ?
जानने के लिए पढ़ते रहिए “ये कहाँ आ गए हम ”