Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 2 in Hindi Love Stories by InkImagination books and stories PDF | Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 2

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Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 2

💎 Shaadi, Saazish aur Teen Dil
Part 2 – Us Ladki Ka Naam Meera

हॉल का सन्नाटा अब चीखों और रोने की आवाज़ों में बदल चुका था।
लाइट्स अभी भी चमक रही थीं, लेकिन अब वो रोशनी किसी को जलाने लगी थी।
राघव स्टेज पर खड़ा था, उसका चेहरा लाल, मुट्ठियाँ बंद, जैसे किसी को मारने का मन कर रहा हो।
नताशा अब रोते हुए नीचे बैठ गई थी, उसके पिता करण सिंह उसे घेरकर कुछ समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी अपनी आवाज़ काँप रही थी।
मीडिया वाले बाहर धक्का-मुक्की कर रहे थे, पुलिस लाठी चार्ज की तैयारी में थी।
और बीच में आरव माल्होत्रा।
वो अभी भी वहीँ खड़े थे – एक कदम भी नहीं हिले।
उनकी साँसें भी शांत।
जैसे ये सब उनका प्लान ही हो।
उन्होंने धीरे से अपना कोट उतारा, उसे फोल्ड किया और पास खड़े असिस्टेंट को दे दिया।
फिर स्टेज की तरफ बढ़े।
हर कदम के साथ हॉल की आवाज़ें थोड़ी कम होती गईं।
आरव की मौजूदगी में कुछ ऐसा था – जैसे हवा रुक जाती हो।
“सब बाहर निकलें,” उनकी आवाज़ फिर गूँजी।
“अभी।
ये हमारा प्राइवेट मैटर है।”
पुलिस इंस्पेक्टर ने आगे बढ़कर कहा, “सर, मीडिया को रोकना मुश्किल हो रहा है… और ये लाइव—”
आरव ने एक नज़र डाली।
इंस्पेक्टर चुप हो गया।
फिर आरव ने स्टेज पर चढ़कर माइक उठाया।
“जो भी यहाँ काम कर रहा है – स्टाफ, कैटरिंग, सिक्योरिटी – सब बाहर।
अभी।
और मीडिया… अगर कोई एक भी फुटेज बाहर गया तो कल सुबह तक आपकी जॉब नहीं रहेगी।
समझ गए?”
पूरा हॉल में एक बार फिर सन्नाटा।
लोग धीरे-धीरे बाहर जाने लगे।
मीरा अभी भी कैटरिंग टेबल के पीछे खड़ी थी।
उसने ट्रे नीचे रख दी, अनन्या का हाथ पकड़ा और बोली,
“चल, हम भी निकलते हैं।”
लेकिन अनन्या रुक गई।
“मीरा… तूने देखा? वो लड़का… राघव… वो तो पूरी तरह टूट गया लग रहा है।
और वो आरव… वो तो बर्फ का टुकड़ा लगता है।
क्या होगा अब?”
मीरा ने जवाब नहीं दिया।
उसकी नज़र आरव पर थी।
वो देख रही थी कि आरव कैसे स्टेज से नीचे उतरे और सीधे अपने चाचा राजेश के पास गए।
दोनों के बीच कुछ फुसफुसाहट हुई।
राजेश का चेहरा पहले से भी सफेद हो गया।
तभी हॉल के गेट पर एक और हलचल हुई।
विक्रम माल्होत्रा – फैमिली के मुखिया, आरव के पिता – बाहर से आए।
उनका चेहरा गुस्से से लाल था।
प्रिया माल्होत्रा उनके पीछे-पीछे रोती हुई आ रही थीं।
“ये क्या हुआ?!” विक्रम की दहाड़ गूँजी।
“मेरा बेटा… मेरा नाम… सब बर्बाद!”
आरव ने पिता की तरफ देखा।
“पापा, शांत।
अभी सब संभाल लेंगे।”
लेकिन विक्रम ने हाथ हिलाकर कहा,
“संभालना? ये संभालने वाली बात नहीं!
ये हमारी इज्ज़त का सवाल है!
अगर ये खबर बाहर फैली तो माल्होत्रा एम्पायर का स्टॉक कल सुबह ३०% गिर जाएगा!”
तभी करण सिंह स्टेज से नीचे उतरे और विक्रम के सामने आ खड़े हुए।
“विक्रम जी… ये सब मेरी बेटी की गलती नहीं है।
ये… ये प्लान्ड था।
कोई हमें ब्लैकमेल कर रहा है।”
विक्रम ने गुस्से से कहा,
“ब्लैकमेल? तो पहले क्यों नहीं बताया?
तुम्हारी बेटी ने हमारे बेटे की शादी के मंडप में ये सब किया… और अब कह रहे हो ब्लैकमेल?”
करण सिंह ने सिर झुका लिया।
तभी आरव ने बीच में कदम रखा।
“बस।
अभी बहस का वक्त नहीं।
सब बैठें।
हम फैसला करेंगे।”
सब लोग धीरे-धीरे कुर्सियों पर बैठ गए।
राघव अब भी स्टेज पर खड़ा था, जैसे कोई सपना देख रहा हो।
सिया बाहर निकल चुकी थी – वो अब यहाँ नहीं थी।
आरव ने अपनी कुर्सी खींची और बैठ गए।
फिर बोले,
“सबसे पहले – नताशा।
तुमने जो कहा… वो सच है?”
नताशा ने सिर हिलाया।
“हाँ… मैं ४ महीने की प्रेग्नेंट हूँ।
और बच्चा… राघव का नहीं।”
राघव ने पहली बार कुछ बोला।
उसकी आवाज़ टूट रही थी।
“तो फिर… तूने मुझे क्यों चुना?
क्यों शादी की प्लानिंग की?”
नताशा ने आँसू पोछे।
“क्योंकि… मुझे मजबूर किया गया।
मेरे पापा को… बिजनेस में बहुत नुकसान हो रहा था।
और वो आदमी… जिसने मुझे ब्लैकमेल किया… उसने कहा कि अगर मैं तुमसे शादी कर लूँ तो सब ठीक हो जाएगा।
पर आज… आज उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैं शादी पूरी नहीं करूँगी तो वो मेरे बच्चे की… और मेरी… जिंदगी खत्म कर देगा।
इसलिए मैंने… सबके सामने सच बोल दिया।
ताकि वो मुझे और न छेड़ सके।”
सब चुप।
विक्रम ने पूछा,
“वो आदमी कौन है?”
नताशा ने सिर हिलाया।
“पता नहीं… वो सिर्फ फोन पर बात करता था।
नंबर बदल-बदल कर।
लेकिन… वो माल्होत्रा फैमिली से बहुत अच्छे से वाकिफ था।
उसे सब पता था – राघव की आदतें, तुम्हारी डील्स, सब।”
आरव की आँखें सिकुड़ गईं।
“तो ये सिर्फ पर्सनल नहीं… ये बिजनेस अटैक है।”
तभी हॉल के बाहर से एक आवाज़ आई।
“सर… एक लड़की अंदर आना चाहती है।
कह रही है कि वो कैटरिंग स्टाफ में थी… लेकिन कुछ जरूरी बात है।”
आरव ने बिना सोचे कहा,
“अंदर भेजो।”
दरवाज़ा खुला।
और मीरा अंदर आई।
सफेद साड़ी में, बाल अभी भी जूड़े में, लेकिन अब उसका चेहरा बिल्कुल शांत था।
वो धीरे-धीरे आगे बढ़ी।
सबकी नज़रें उस पर।
विक्रम ने पूछा,
“तुम कौन?”
मीरा ने सिर झुकाकर कहा,
“मेरा नाम मीरा है।
मीरा शर्मा।
मैं आज कैटरिंग टीम में थी।
लेकिन… मुझे लगता है कि मुझे कुछ बताना चाहिए।”
आरव ने पहली बार उसकी तरफ ठीक से देखा।
उनकी नज़र मीरा के चेहरे पर टिक गई।
कुछ सेकंड तक वो बस देखते रहे।
जैसे कोई पुरानी याद ताज़ा हो रही हो।
मीरा ने आगे कहा,
“मैंने कुछ देर पहले… बाहर एक आदमी को देखा।
वो फोन पर बात कर रहा था।
और उसने कहा… ‘स्कैंडल हो गया। अब अगला प्लान स्टार्ट।
माल्होत्रा फैमिली को और नीचे गिराना है।
और उसके लिए… वो लड़की तैयार है।’”
सबकी साँसें थम गईं।
आरव ने पूछा,
“कौन सी लड़की?”
मीरा ने धीरे से सिर उठाया।
और सीधे आरव की आँखों में देखकर बोली –
“मुझे लगता है… वो लड़की मैं हूँ।”
पूरा हॉल फिर से सन्नाटा।
राघव ने चौंककर कहा,
“तुम?
तुम कौन हो?”
मीरा ने जवाब नहीं दिया।
उसने बस आरव को देखा।
आरव धीरे से खड़े हुए।
उनकी आवाज़ में अब कुछ अलग था – जैसे कोई खतरा महसूस हो रहा हो।
“तुम्हें कैसे पता कि वो तुम्हारी बात कर रहा था?”
मीरा ने एक गहरी साँस ली।
“क्योंकि… उस आदमी ने मेरा नाम लिया।
और कहा… ‘मीरा को तैयार रखो।
अगला कदम वही उठाएगी।’”
विक्रम ने गुस्से से कहा,
“ये क्या बकवास है?
तुम कैटरिंग वाली हो… तुम्हें इसमें क्यों घसीटा जाएगा?”
मीरा ने जवाब दिया,
“मैं कैटरिंग वाली हूँ… आज के लिए।
लेकिन कल से… शायद कुछ और।
क्योंकि मुझे लगता है… आप लोग मुझे इस्तेमाल करने वाले हैं।
या शायद… पहले से इस्तेमाल कर चुके हैं।”
आरव ने एक कदम और आगे बढ़ाया।
अब वो मीरा के ठीक सामने थे।
उनकी ऊँचाई, उनकी मौजूदगी – मीरा को थोड़ा सा डर लगा, लेकिन उसने नज़र नहीं हटाई।
“तुम क्या छुपा रही हो?” आरव ने धीरे से पूछा।
मीरा ने मुस्कुराकर कहा,
“वही जो आप छुपा रहे हैं… सर।
एक पुराना राज़।
जो आज रात फिर से जिंदा हो गया है।”
और फिर उसने अपना फोन निकाला।
स्क्रीन पर एक पुरानी फोटो थी –
एक छोटी सी लड़की… और एक आदमी… जो अब मर चुका था।
मीरा ने फोटो आरव को दिखाई।
“ये मेरे पापा हैं।
और ये स्कैंडल… शायद उसी पुरानी कहानी का अगला चैप्टर है।”
आरव की आँखें फोटो पर टिक गईं।
उनका चेहरा पहली बार बदला।
कुछ सेकंड तक वो चुप रहे।
फिर बोले –
“सब बाहर।
अभी।
सिर्फ फैमिली और… ये लड़की।”
सब लोग उठे।
लेकिन इससे पहले कि कोई निकलता…
आरव ने मीरा की तरफ देखकर कहा –
“तुम… रुक जाओ।
क्योंकि अब… खेल बदलने वाला है।
और शायद… तुम मेरे सबसे बड़े हथियार बन जाओ… या सबसे बड़ा खतरा।”
मीरा ने सिर्फ मुस्कुराया।
और हॉल के बाहर मीडिया अभी भी चिल्ला रहा था –
“माल्होत्रा फैमिली का अगला प्लान क्या है?!”

पार्ट २ खत्म।

दोस्तों… अब तो असली साजिश शुरू हो गई! 🔥
मीरा की एंट्री कैसी लगी?
आरव का वो लुक जब उसने मीरा को देखा?
पुरानी फोटो का राज़ क्या होगा?
कमेंट में बताओ –
“पार्ट ३ अभी चाहिए!”
या “मीरा सच में रिवेंज लेने आई है?”
लाइक, शेयर, और कमेंट ज़रूर करना।