Jyoti in Hindi Poems by Rupal Jadav books and stories PDF | ज्योति

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ज्योति


This Gazal Album Dedicated To Someone Who Truly Deserve My Admiration And Love 🤍 .


Happy Birthday To You And I Hope You Love Your Suprise And I Fulfilled My Promise That One Day People Will Search Your Name Among My Creations To Read . 


- Rupal Jadav 🤍



                            1 . ज्योति 



सोचते होंगे के छोड़ दिया हमने तुम्हे चाहना और सोचना तो सुनो जाना .........


तुम्हारे उल्फत की जंजीरों से ही रहा है हमेशा मेरे क़ल्ब पे पेहरा मगर

अब तुमसे दूरी है यूं कि मेरे खुद की जिंदगी के मसले भी अब कम नहीं


तुम्हे हर सहर देखें ऐसी ख्वाहिशे तो हर रोज मेरे ज़हन होती है मगर

अब मेरे नसीब में तुम्हारी सारी संजोई हुई तस्वीर हैं तुम्हारा दीदार नहीं


तुमसे इत्मीनान से बैठ कर बातें करने को भले लाख जी कर ले मगर

अब मेरे पास खुद की बयान करने को खामोशी के अलावा कुछ नहीं


तुम्हारी इन आंखों की “ ज्योति ” से ही महफिलों में मेरी उजाला मगर

मेरे इन रास्तों के अंधेरों से उजालों तक का आखिरी मकाम तुमसे नहीं


                     ©Jadav_Rupall


तुम्हे खुद के वजूद से तो क्या खुदा से भी ज्यादा कितना चाहले भी मगर

अब तुम्हारे ज़रा सा भी करीब आना भी तो मेरे किरदार लिए सही नहीं


तुम्हारा हाथ थाम अपनी पूरी जिंदगी बिताने का इरादा तो सही है मगर

तुम्हे हासिल कर आख़िरात तक मेहरम बना ले ऐसी लकीरे मेरे इन हाथों में नहीं


हमने तुम्हे कभी भी चाहना और सोचना छोड़ा ही नहीं मेरी जाना मगर

आलम यूं है हाल फिलहाल ना हालात ना बख्त मेरे बस में कुछ नहीं

                       ©Jadav_Rupall



                             2 . शमा 



हम वो है जिसकी ये पूरी दुनिया दीवानी है पर

खुशकिस्मत हो तुम जो हम सिर्फ तुम्हारे दीवाने है


यू ही नही रोज़ गुज़रते हम तुम्हारी इन गलियों से

ये तो सिर्फ तुम्हारी एक झलक देखने के बहाने है 


बेशक तुम्हारी इस महफ़िल के शमा हो तुम पर

हम भी तुम्हारी उसी महफ़िल में तुम्हारे परवाने है


ज़िद है हमारी कि तुम्हारी इन आंखों से पीकर ही नशा करना है 

वरना इस शहर में नशा करने के लिए जाम के कई मयखाने है


हमारे सामने दौलत का गुरुर रखना फ़िज़ूल है मेरी जान क्योंकि

पूरी दौलत बेचकर भी न खरीदें जाए उतने ऊंचे मेरे हैसियत के पैमाने है 


जिस्म देखकर नही मगर किरदार देखकर चाहनेवालों में से हम

क्योंकि मोह्हबत के मामले में आज भी मेरे खयाल थोड़े पुराने है


                   ©Jadav_Rupall 



                     3 . अधूरी कहानी 


आज भी याद है वो पहली पेहेर की जिस दिन

दिल मे उतर गयी थी वो तुम्हारी सूरत नूरानी


इतेफाक देख के लगा के खुदा मिलाना चाहता है 

हमे पर यहा तो खुदा ने ही करदी कोई बईमानी


किसी पर अपनी सारी खुशियां लुटाकर ज़िंदगी

मे मैने करली थी मोह्हबत नाम की नादानी


मेरे चेहरे की रौनक तो छीन ली उस खुदा ने पर

आज भी हु तुम्हारी वो एक प्यारी सी हसी की दीवानी


आज मेरे पास तुम हो या ना हो पर

आज भी सांसो में है तुम्हारे प्यार की रवानी


जीते जी मर मर के रोज़ ये जिंदगी जीती हु 

अब कैसे बयान करु अपनी ही बीती अपनी ज़ुबानी 


मिलकर भी ना मिल पाए हम इस जनम में

ना जाने क्यों अधूरी रह गयी हमारी कहानी


                    ©Jadav_Rupall


     

                         4 . कमबख्त 



साथ हो कर भी तुमसे दूर हु

ये सब किस्मत की कशमकश है


चाह कर भी तुम्हे ना अपना पाउं

क्योंकि आज ये दिल भी बेबस है


हम तुम्हारे न हो सके तो क्या

आज भी इश्क़ तुमसे बेशक है 


जिस्म से दूसरे के हुए पर

ज़ेहन में तो तुम्हारा ही तख्त है 


इश्क़ तुमसे पर शादी किसी और से

बड़ी अजीब सी ये मशकत है


चाह कर भी अपना तुम्हे बना ना सके

क्या करे जानम ये भी ज़िंदगी बडी कमबख्त है


                    ©Jadav_Rupall


    

                    5 . अधूरी ख्वाहिश 



तुम्हे मैंने अपनी वो ख्वाहिश बनायी है

जिसकी चाहत कभी पूरी ना हो


हमारे बीच बाते भले अनगिनत हो

बस वो रात गहरी ना हो


प्यार का पन्ना टूट गया मगर

ज़िन्दगी की कहानि अधूरी ना हो


मिलने को बेताब ये दिल है मगर दुआ करते है

तुमसे मिलना की कभी मजबूरी ना हो 


हमसा इश्क़ में रांझा कोई नही

अगर इश्क़ में वफ़ा की शर्त जरूरी ना हो 


तुम्हारे साथ सुबह का उजाला भले हो पर 

चाहत है कि तुम्हारे साथ कोई शाम सँवारी ना हो


भले छहलनी हो जाए यह जिस्म मगर

इश्क़ जैसी बेलाझमि बीमारी कभी ना हो


                 ©Jadav_Rupall



                          6 . इज़हार 



हज़ार मिनन्नतो के बाद आज मील हो हमसे

करता हु तुमसे ये इश्क़ का इकरार


एक ख़ुशी के लिए तुम्हारी ये दुनिया भी छोड़ दु

कैसे बताऊ तुम से प्यार कितना है बेशुमार 


ये मौसम भी है अधूरा तुम्हारे बिना तो

तुम्हारे होने से ही है इस ज़िन्दगी में बहार


आंखे तुम्हारी कोई मयखाने जैसी

आवाज़ तुम्हारी जैसे कोई राग मल्हार


चैन कही ना आये तुम्हारे सीवा

तुमसे ही मिलता है इस दिल को करार


झहन में उतर चुके हो तुम वरना

इस महफ़िल में हैं तुमसे भी हसीन चेहरे हज़ार


मिल न पाए शायद फिर कभी तो 

आज करता हु तूमसे अपने प्यार का इज़हार


                    ©Jadav_Rupall


    

                           7. जिक्र 




बाते नही हो पाती आज तुमसे तो

खुदा से ही कर लेता हूं ज़िक्र


ना हो साथ भले आज हम 

पर रोज़ होती है तेरी फिक्र


आंखे शराबी है तुम्हारी 

खुशबू तुम्हारी जैसे कोई इत्र


तुम्हारे साथ ही है जिंदगी का लुत्फ

तुम्हारे बिना बुरा है जिंदगी का हश्र 


सताती है तेरी यादे मुझे हर रात 

की आंखों से निकल जाते है अश्र


नही हो जो तुम मुक्कदर में हमारे

मगर इश्क़ पे मेरे रहेगा मुझे फक्र


                  © Jadav_Rupall



                       8 . सिर्फ तुम्हारा 


छोड़ दिया वो हाथ यह मान के की 

बस यही तक का था साथ हमारा


नही खुश हो तुम हमारे बिना की

तुम्हारे बिना जीना ये जीना हमे भी नही गवांरा


तुम्हारे सिवा किसी के बारे में ज़िक्र तक नही किया कि

खवाबों में भी मैने सिर्फ तुज को ही सँवारा


खुद की अहमियत ये समज के जान लेना कि

रूह तक मे उतरा हुआ है सिर्फ नाम तुम्हारा


तुम बिन हम ऐसे अधूरे है कि

में जैसे समुंदर कोई और तुम हो मेरा किनारा


जीना तो मुश्किल है बिना तुम्हारे की 

जी लेंगे लेके तुम्हारी यादो का सहारा


झहन में ऐसे बस गए हो तुम की

अपना हर वक़्त तुम्हारे इंतेज़ार में ही गुजारा


हमारे इश्क़ का पैमाना ये सोच के नाप लेना कि

हालातों के साथ नही बदलता इश्क़ हमारा


                      ©Jadav_Rupall



                         9 . एक पेहरा


                        

मेरे शख्सियत से ले कर ज़ेहन तक 

मे बसा है बस एक पेहरा उसका


आज भी इस दिल के कोइ कोने

में छुपा हुआ है चेहरा उसका


मेरे आंखों से रूह तक मे उतर

इश्क़ हो गया बहोत गेहरा उसका 


मेरे जीने के अंदाज़ में आज भी कही 

किरदार का अक्स ठेहरा उसका


उदास मेरे मन को भी रोशन कर दे 

ऐसा है आंखों का ज़ेहरा उसका


रुस्वा होने के डर के बावजूद भी आज

इज़हार-ए-इश्क़ का परचम लेहरा उसका


                    ©Jadav_Rupall




                   10 . लेहराती जुल्फे 


मेरे इस जीस्म में तो नही पर वो

इस रूह में मेरी कही बस्ती है 


अपनी इन्ही अदाओ से वो मेरी

हसी बन मुझी में कही हस्ती है 


उसकी एक मुस्कुराहट के आगे तो यह 

सारी कायनात की रौनक भी सस्ती है 


वो अपने कातिल निगाहों की डोर से 

इस दिल को मेरे बांध के कसती है 


उसकी मुझे देख कर भी अनदेखा करने की

अदा नागिन बन मेरे इस दिल को डसती है 


हर लम्हा आंखे ये मेरी उसकी उन 

ज़ुल्फो में ही जा उलझ फसती है


                  ©Jadav_Rupall



                     11 . जंजाल 



लाखो मसले सोचने के लिए फिर भी

दिल मे सिर्फ एक तेरा ही ख्याल


क्या तुम भी हमे बेइंतहा चाहते हो

हम करते है खुद से यह एक सवाल


ना जाने क्यों अच्छे लगते हो हमे तुम 

लगता है प्यार का ही है यह सब मायाजाल 


देखा है जिस सवेर से तुझे तबसे ना 

रहा इस शाम से कोई भी मलाल


रोज़ खुदा से मिन्नतों में मांगा तुझे की 

मिला दे हमे कर दे वो कोई कमाल


इश्क़ में तेरे यूँ फना हो गए कि

छोड़ चले हम दुनियादारी का सारा जंजाल


                 ©Jadav_Rupall



                         12 . इबादत


इन बद्दुआओं के मेले के बीच कही 

दुआओ से भरी इबादत हो तुम हमारी 


मौत के लाखों ख्यालो के बीच 

जीने की एक वजह हो तुम हमारी 


अनचाही कोई आफतो के दौर के बीच 

इतना जानलो जाना कि जिंदगी हो तुम हमारी


काले बादलों सी मंडराती चिंता के बीच 

एक राज़-ए-खुशी हो तुम हमारी 


छोटे छोटे किस्सो से बनी इस दुनिया के बीच

एक किस्सा नही पूरी कहानी हो तुम हमारी 


अल्फाज़ो से भरे इन मुशायरो के बीच 

जज़बातों से लिखी हुई ग़ज़ल हो तुम हमारी


इन हसरतो से भरे समंदर के बीच कभी

पूरी ना होने वाली ख़्वाहिश हो तुम हमारी


                    ©Jadav_Rupall



                         13 . कैसे ? 



रूठ कर चले गए तुम तो अब 

तुम्हारे बिना इस दिल को मनाऊ कैसे 


तुम तो हमारे कभी थे ही नही

हक़ीक़त यह खुद को समजाउ कैसे


तुमने तो एक पल में ही छोड़ दिया तो 

अब यह भी बताओ तुम्हे में भुलाऊँ कैसे 


तुम हर चीज़ की कीमत करने वाले 

तुमसे कितनी मोहहबत है यह तुम्हे बताऊ कैसे


अश्क बहाकर खत्म कर दिए तुम्हारी याद में इतने कि

तुम्हारे पीछे अब और अश्क बहाऊ कैसे 


दिखावे के ही प्यार पसंद है तुम्हे तो अब तुम्ही

बता दो बेइंतहा प्यार ये अपना तुम्हे दिखाऊ कैसे


                       ©Jadav_Rupall




                    14 . उसकी एक झलक 


उसकी चेहरे की बिखरी हुई लकीरो 

से ही हाल उसका में जान जाती हूं


उसकी हर खुशी के लिए ही उसके

बोले हर जुठ को सच मान जाती हूं


मुस्कुराता देखकर उसे में भी

उसी में कही मुस्कुरा जाती हूं


दुनिया की नज़रों में बेशर्म में सिर्फ

उसकी एक झलक देख ही शरमा जाती हूं


शांत पानी सी रेहती में वक्त आने पर

उसके लिए सारे जग से लड़ भी जाति हु


बेबाक हवाओ जैसी हर दम लेहरती में 

उसके आने की आहट सुन थम सी जाती हूं


बेपरवाह सी में उसको किसी और के साथ 

देख कर अंदर से ही सम सी जाती हूं


                   ©Jadav_Rupall


    

                  15 . अजीब सा इश्क 


चोट तुझे लगे और दर्द मुझे महसूस हो

कैसा अजीब सा है ना इश्क़ अपना


ज़माने की रीत से बंधी इन जंजीरो में लगे

तेरा और मेरा मिलना जैसे एक सपना


छोड़ यह सारी दुनिया को मुझ को 

तो सिर्फ एक तेरा ही नाम जपना


तेरी इन गलियों में बस सिर्फ तेरे एक

दीदार की राह में मेरा यूं धूप में तपना


तेरा वो मुझे छेड़ना हर बात में लगे जैसे

मेरा इश्क़ तेरे भी ज़ेहन में पनपना


कुदरत के एक जादुई नज़ारे जैसा 

तेरे चेहरे का मेरे दिल मे यूँ छपना


                    ©Jadav_Rupall



                        16 . फ़रदियत 



हर दर दुआओ में तुम को मांगकर 

तुम से ए हसीन इश्क ए इजहार कर  

ना जिस्म से मगर दिल से रूह में समा कर

तुम्हारे इस फर्जी इश्क में खुद को तबाह कर 

सिर्फ तुम ही से ख़ुद की दुनिया सजा कर 

तुम्हारी मोहब्बत में खुद तक को भूलकर

तन्हाई भरी शामो को यादों से सजाकर

इश्क में तुम्हारे अपना वजूद मिटाकर

बेहपनाह चाहत तुम पे अपनी लुटाकर

दिल ए दास्तान तुम से यूं बयान कर

बेइंतहान सब्र से तुम्हारा रास्ता देख कर 

यह फुरकत के तेरे सीने में दर्द भर कर


ओर आखिर में तुम्हे हासिल कर कर भी

कहीं ना कही अधूरे रह गए हम ........


                       ©Jadav_Rupall 



                       17 . क़यामत 



ये चांद भी फीका है आगे उस शख्स के आगे

एक वार से घायल करे ऐसी आंखे उसकी


फूलो का बाग भी पूरा मुरझा जाए उसके आगे

कायल कर देती है सिर्फ हल्की सी मुस्कान उसकी


सात सुरों का समंदर भी खामोश हो जाए उसके आगे

अरे एक सिर्फ आवाज ही मदहोश कर देती है उसकी


अपने में ही मशगूल रहते हम हार गए दिल उसके आगे

रूह तक को चीर देती है गुरुर से भरी वो अदा उसकी


शमा भी जल कर ना बराबरी कर सके उसके आगे

अरे पूरी क्यामत ढाह देती है एक झलक उसकी


लफ्जो से तो बयान ना कर पाए हम उसे जनाब 

फिर हमने भी गजल लिख दी तारीफ में उसकी


                     ©Jadav_Rupall


    

                       18 . एक शाम 


पूरा जहां है मेरे पास मगर ............


ना कभी खतम ही हो ऐसी तेरे साथ एक रात चाहिए


मुझे तेरी दौलत की नही तेरे वक्त की सौगात चाहिए 


ना छूटे कभी भीड़ में भी हाथ में मेरे तेरा हाथ चाहिए


जिंदगी से ले के मौत तक साथ चले तेरा वो साथ चाहिए


यादों से सजी शाम नही पर तन्हाई में तुम मुझे पास चाहिए 


तुझ जैसे लाखो नही पर लाखो में तू एक खास चाहिए


पूरा मयखाने का क्या करू तेरे हाथो से दिया एक जाम चाहिए


पूरी जिन्दगी नही तो बस एक शाम सिर्फ मेरे नाम चाहिए


                        ©Jadav_Rupall


     

                           19 . वादा 


वादा है तुमसे हमारा की ..........


सिर्फ तुमसे ही अपनी इस विरान जिंदगी को सजाऊंगा


उलझी हुई तुम्हारी इन रेशम सी जुल्फों को सुलझाऊंगा 


इश्क तुम्ही से है तो अपना पूरा हक भी तुम ही पर जताऊंगा


डरकर नही हाथ थाम कर तुम मेरे हो दुनिया को ये बताऊंगा


दुनिया की इस भीड़ में भी में सिर्फ तुम्हारा ही कहलाऊंगा


तुम दूर हो तो तन्हाई में तुम्हारी तस्वीरो से ही दिल बहलाऊंगा


में ना रहा इस जहान तो भी आखिर में तुझ में ही में समाऊंगा


                        ©Jadav_Rupall 




                          20 . सबर 


माना हमने भी की करीब नही फिलहाल हम तुम्हारे 

दूरियायो में ही सही मगर मेरे लिए थोड़ी सी अपने दिल में जगह रखना


गैर हाजरी में ईमान ए वफा ना डगमगा जाए कही तुम्हारा

गैरो पे नही सिर्फ हम ही पे अपनी तुम वफा ए इश्क़ की निगाह रखना 


भुला नहीं में तुम्हे मेरी हर सांस में मेरी है बसेरा तुम्हारा

जुदा हु तुझसे तो क्या दुआओं में अपनी तुम मुझे याद रखना


खाली हाथ नही आऊंगा ले कर मुलाकातों के तोहफे तुम्हारे

इक्कठा कर अपनी मुझसे तू फुरकर्त की सारी फ़रियाद रखना 


सुना है उस खुदा से की मेरे फिक्र में बुरा है हाल तुम्हारा

मेरे जानें की कशीदगी में नासाज ना बन तू खुद की भी खबर रखना 


सुना है की याद में मेरी गुमसुम बैठे रहते हो दर पर तुम्हारे

हासिल कर लूंगा सारे जहान से तुझे में बस तू थोड़ा सबर रखना


                     ©Jadav_Rupall




                        21 . दिलकश रात 


ज़िक्र में तेरे तो मेरी ये 

हसीन शाम यू ही गुज़र जाएगी 


आज जाने दिया तुझे तो तू सवेरे 

तक खुद ही में कही बिखर जाएगी 


अपने हाथो से सजाऊंगा तुझे 

तो ढलती शाम सी तू संवर जाएगी 


जानता हूं पास आने का वादा कर 

फिर तू शरमा के मुकर जाएगी 


जाने अनजाने हरबार नज़रे मेरी

तेरे उस तिल पे ही ठहर जाएगी 


अपनी बाहों में समा लूंगा आज तुझे 

तो ये दिलकश रात तेरी निखर जाएगी


                      ©Jadav_Rupall



                      22 . समेटी हुई यादे



शराब और शबाब से भरी इस महफ़िल में

भी सिर्फ तुझ ही को ढूंढ़ती है मेरी ये आंखे


जब भी देखु शीशे में में खुद को तो लगे 

तू मुझ को कही मुझ ही में से जांखे


ना हो रुस्वा किसी और के सामने तू इसिलए 

तन्हा शाम में खुद ही से कर लेता हूं तेरी बाते 


समा ही गई रूह में मेरी तू पूरी तो खाली

पड़े जस दिल मे ही समेटी है तेरी सारि यादे


राह में तेरी हर एक रास्ते पे बैठा तेरे शहर के 

आये तू जहा हो जाए वही तुझसे मुलाकाते


बेवफाई के ज़माने में भी हम तुज जैसी हीर 

के लिए रांझा बन निभाते है अपने सारे वादे



                   ©Jadav_Rupall 



                  23 . आखिरी अल्फ़ाज़ 


मिलेंगे हम बेश्क कुछ यही अल्फाज थे तब शायद तुम्हारे 

आखिर इतनी मुश्किलों के बाद भी तुम हो ना सके हमारे 



आंखे और हसी पर तो तुम्हारी हम पहली बार कायल हुए 

अब तू नहि तो फिर किस की आखों और हसी को सराहे 


तुम्हरे साथ तो रेगिस्तान भी हरा भरा लगता था हमे तब

अब तुम बिन तो पतझड़ सी लगे है यह फूलो से लिपटी बहारे


बिखरे हुए भी बड़े कमाल लगते थे तब हम आइने में

अब तुम तो नही तो किस के लिए हम खुद को संवारे


तुम पर तो अपनी हर खुशियां कुर्बान कर दिया करते थे

अब मैने तो ये जान और जहां दोनों ही सदके में तेरे वारे


जिंदगी से मौत तक साथ तेरे गुजारने के ख्वाब थे मेरे

अब मैरी ये अश्कों से भरी आंखे तेरे आने की राह निहारे 



मिलेंगे हम बेश्क कुछ यही आखरी अल्फाज थे तब तुम्हारे 

आखिर इतनी मुश्किलों के बाद भी तुम हो ना सके हमारे


                     ©Jadav_Rupall   





                         24 . रेहमत 


                   

उसने पूछा क्या हु में तुम्हारे लिए ..........


खुदा से जिसमें सिर्फ तुम्हे मांगू वो इबादत हो तुम 


मेरे इस दिल पे लिखी हुई लहू की आयत हो तुम 


मेरे जिंदगी के उन आखिरी वक्त की हसरत हो तुम 


जो छोड़ने से भी कभी ना छुटे वो आदत हो तुम 

                

                 ©Jadav_Rupall 


इस खुद परस्त शख्स की पाक मोहब्बत हो तुम 


जिसका मिलना कभी ना हो वैसी फुरकत हो तुम 


मेरे इन दिल ओ दिमाग पे रहती जहमत हो तुम 


पहरे से पाबंद रखे क़ल्ब मेरे की उल्फत हो तुम 


खुदा की दी हुई मुझपे बेशकिशमती रेहमत हो तुम 


                      ©Jadav_Rupall 




                          25 . चंद लम्हे 




समंदर की गहराई के पैमाने से भी कई गहरे है जज़्बात मेरे

मेरे पैमाने ए इश्क की गहराई के वाक्या ना तुम्हें समझाऊंगी


हर्फ हर्फ लिखा तुम्हे विर्द बना के अल्फाजों में सजाया अब 

तुम्हारे नाम की गजल में रोज अपनी तन्हाई में गुनगुनाउगी 


तुमसे प्यार दोनों आलम से भी ज्यादा और अफजल जो है 

ये अब फिर कभी इस आलम के बाद तुम्हे ना कह पाऊंगी 


तुम मुझसे दूर रेह फासले बढ़ा कर के ही जो खुश हो तुम 

सिर्फ इसी एक तेरे खयाल के सहारे तुमसे में दूर रह पाऊंगी 


                     © Jadav_Rupall


इज़हार ए इश्क किया मैने जो कुबूल नहीं तुम्हे मेरी मोहब्बत 

जो नहीं वो इश्क का जबरदस्ती का हक कभी ना जताउंगी 


हमारी और तुम्हारी इस बीच सफर में गुजरी हुई सारी बाते 

अपने खुदा को अपने दुआओं में तुम्हारा जिक्र कर बताऊंगी 


चलो आखिर के कुछ चंद लम्हे ही बाकी है हमारे नसीब में 

चंद लम्हों के बाद में हमे

शा के लिए तुम्हे छोड़ चली जाऊंगी


चंद लम्हों की थी भले ये गुजरे सफर के हम दोनों की कहानी 

तुम्हारे साथ हर जिए किस्से में अपनी कहानियों में सुनाऊंगी 

                   © Jadav_Rupall





“ The Person Whom You Love Soulfully But Is Not In Your Destiny Then Don't Regert That Person Won't Be Yours Instead Be Happy That Person Come For Even Short Time But Bring Light In Your Life So If Their Role End In Your Life Then Happily Let Them Go With Smile , Blessings & Happy Memories . Soulful Love Doesn't Mean To Achieve That Person But It's All About Let Them Go For Their Own Happiness 🤍 . ”    


- Rupall Jadav