अगर मरने के बाद भी जीना है तो एक काम जरुर करना, की पढने लायक कुछ लिख जाना या फिर लिखने लायक कुछ कर जाना️️️️

प्रेम और प्रार्थना में कोई अंतर नहीं है

दोनों ही ईश्वर से मिलने का मार्ग हैं।

-Hiral Zala

रोम रोम की आहटो का यही सवाल ये ,
ये जीवन है या कोई बवाल है

चाहें जितना भी लड़ ले ,
हर जंग के बाद दूसरी जंग तैयार हैं।

रोक कर खुद को कब तक हारे बैठेंगे,
जीवन की इस नैया में कब तक किसी और के सहारे बैठेंगे ,

अगर इस तूफानी समंदर से पार होना है तो ,
अब खुदकी आवाज को पहचान ना होगा ,
वरना हम तो कब के अपने हौसलों को मारे बैठे थे।

-Hiral Zala

Read More

પ્રેમ ભરી પ્રીત માં મોહ કોને આંજે છે
સમય પસાર થાય છે યાદો ક્યાં ભાગે છે
નિસ્વાર્થ બની પ્રેમ ભાવ માં ભટકતાં , આ જીવન માં
હું ક્યાં એકલી છું , મારી તો તું સંગાથ છે

સવાર થી સાંજ પડતાં સમય હવે ખૂબ ટૂંકો લાગે છે
વહેતાં ઝરણાં ની જેમ હવે
દિવસો ખૂબ હડપ થી ભાગે છે,
આ સમય નાં ચક્ર માં જીવવા
હું ક્યાં એકલી છું , મારી તો તું સંગાથ છે

આધાર બની પ્રણય નો , આ નવું જીવન બન્યું બેશુમાર છે
લાખો લખીરો હાથ ની ,
એમાં રંગ તારો ખીલતો અપાર છે , પ્રેમ ભરી મૌસમ માં
હું ક્યાં એકલી છું , મારી તો તું સંગાથ છે

રોશન બન્યા આ પ્રેમ જગત માં , મારો તો તું પ્રકાશ છે
મન મિલન ની આ ઝંખના નો
બન્યો પ્રતીક રૂપે તું જ નિસ્વાર્થ છે ,
મારા શરીર માં હવે આત્મા બની
તું જ અનંત વિહાર છે , મારા પ્રેમ માર્ગ માં
હું ક્યાં એકલી છું , હવે તો મારી તું જ સંગાથ છે

-Hiral Zala

Read More

यू तो प्रेम हर किसी को एक धोखा लगता है , फिर जब उन्हें इश्क हो तो वही धोखा उन्हें मौका लगता हैं।

-Hiral Zala

जीवन किसी को प्रभावित करते हुए मत जीओ , ख़ुद में खुद को प्रमाणित करने के लिए जीओ ।

-Hiral Zala

एक तू ही तू दिखे...............


क्यूं तू अपना सा लगे , मेरे इश्क में सपना सा लगे
नदियों की बेहती धाराओं में , सागर के संगम तक
बस एक तूही जीवन में राहत सा सजे ।

यादों के लम्हों से आगे बढ़ कर ,प्रेम की अनंत सीमा तक ,
बस हर छांव से लेकर धूप तक
एक तू ही तू दिखे ।

निगाहों की बेपरवा गुस्ताखियो पर जैसे ,
तू प्रीत का वो आलम सा रचे ,
रातों से लिए सूरज की पेहली किरण तक
एक तू ही तू दिखे ।

जीवन की हर पहेलियों के जवाब सा ,
मेरे दिल की वो मौन आवाज सा,
तेरे ख्यालों से लेकर मेरे सामने हुए दीदार सा आइना
एक तू ही तू दिखे ।

ना जाने ये क्या अक्ष है ,
दिल की आवाज थी जो तू वही शक्श है ,
पढ़ा है जो प्रेम किताबो में , उन्हीं के सायों सा मुझे बस ,
एक तू ही तू दिखे ।

सांज होते ही रातों का पैग़ाम मिलने से ,
तेरी आंखों में मुझे बिछड़ने के आंसू का दर्द मिले ,
क्यूं रोता है दूर जाने से ,
अगले जन्म का ज़रा वो नज़ारा तो देख , मेरी बाहों में
एक तू ही तू दिखे ।


– HEER

Read More

ना होने से ही किसी के होने का मूल्य पता चलता है ।

-Hiral Zala

कविता नही अब तो कवि मिला है
चांद की चांदनी के बाद सुबह का रवि मिला है
कोन केहता है की प्रेम में ताकत नहीं होती
मुझे तो जान से भी प्यारा प्रेमी मिला हैं।

दूर हो कर भी पास होने का पैगाम मिला है
क्या कहूं उस प्रेम को उसी के खातिर
ही तो अब जीने का एक ज़रिया मीला है।

यादों के सफर पर साथ देने वाला राही मिला है
मुझे खुदा का अक्ष दिखने वाला
एक बेहतरीन हमराही मिला हैं।

इश्क को मुक्कमल करने का आसरा मिला है,
प्रेम को प्रेम नही परमात्मा मानने
वाला एक मुझे जोगी मिला हैं।

कोन केहता है की प्रेम में ताकत नहीं होती
मुझे तो जान से भी प्यारा प्रेमी मिला हैं।


- HEER

Love is beyond all hope.......

Read More

तू मेरी राहत नहीं,
राहतों का दरिया है,
जीवन के मुश्किल दौर में एक तूही मेरे जीने का ज़रिया हैं ।

-Hiral Zala

"मोहब्बत की यूं मर्ज़ीया नहीं होती , कुछ तो बात होगी उस में,
वरना धोखे मिलने के बाद भी इतनी अर्जियां नहीं होती "

-Hiral Zala

Read More