Quotes by jagrut Patel pij in Bitesapp read free

jagrut Patel pij

jagrut Patel pij

@jagrutpatel1479


सौदे में तेरी ज़ुल्फ़ के लिखते हैं जो अशआ'र
अबरु के इशारे तेरे, इस जान का गुज़ारा चलता है

कही पे महोब्बत मात खा गई
कही दिल मिले तो जात बीच आ गई

सहरा में तारे कि तरह था मुझकों इक शख्स,
बीच समंदर में जो मुझें छोड़ गया इक शख्स..

कश्ती लिए फिरता हूँ दरिया दरिया
मैं ने कभी किनारा ठुकराया था...

मन से उतरे हुए लोग
सामने आ जाए तो भी नज़र नहीं आते

तुझसे कुछ मिलते ही बेबाक़ हो जाना मेरा
और दुपट्टे से अपने वो मुँह छुपाना तेरा

वो जो एक शक़्स ना मिला ज़िंदगी से,
उस मंज़िल-ए-हयात पे दिल अब तक उदास है..

गुल को पामाल न कर न ढाल तलवार कर
गुस्ताख़ हो गया हूं तु मुझपे इतने न वार कर

अब थोड़ा अजनबी रहने दो मुझें
ख़ास बनकर मैं आजमाया बहोत गया था

जिसे मिले थे,
उसे जरूरी नहीं लगे हम...