Hey, I am on Matrubharti!

तुम ऐसी आदत हो
जो लगी है ऐसे की छूटती नहीं

आँखों से एक बार चखी थी
मुहब्बत तुम्हारी

फिर कभी किसी और पर
ये नज़र ठहरी नहीं

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न कोई भाषा
न कोई लिपि
और न ही कोई बोली

प्रेम को परिभाषित करती है
सिर्फ़ तेरी ख़ामोश आँखें

प्रेम क्या है ?
दिल का युद्ध दिमाग के विरुद्ध !

सेहत
इंश्योरेंस कंपनियो के पास गिरवी है पड़ी

प्यार
रिश्तों के बीच अब मिलता नही

दोस्त
बहुत सारे मिल जाते है बस भरोसा सबमें मिलता नही

वक़्त
के पीछे सब भाग रहे हैं पर किसी के पास है नही

ख़ुशी
सभी के पास है पर ख़ुद को कभी मिलती नहीं

ज़िंदगी
सब जीये जा रहे पर ज़िंदा कोई है नही

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बिखरी हुई है सुंदरता
आँखों से एक बार तो चख लो

सुकून बस यही है
गले से एक बार तो लग लो

Reason to smile ❤️

कुछ लोग आखों में रहते हैं,
कुछ लोगों की तस्वीरें नहीं होती..

तुम्हारा प्रेम मेरे लिए किसी समुद्र सा है, जिसमे मैं तैर तो रहा हूं पर सदैव प्यासा ही रहूंगा...!!!

ચાલે છે ને મારા વગર? 😔