Hey, I am on Matrubharti!

कधी कधी आधार नको असतो, साथ हवी असते,
शब्द नको असतात, हात हवा असतो,
खांदा नको असतो, मिठी हवी असते,
सांत्वन नको असतं,
शांत ऐकून घेणारा कान हवा असतो...

-Anonymous

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कुछ याँदे भुलाई नही जाती
कुछ दर्द संभाले नही जाते
चोट गहरी है लेकीन युं आसुं बहाये नही जाते..

-Anonymous

songs are feel like bunch of emotions when you are in deep pain...
🎶🎶

-Anonymous

सिखा के जिंदगी जीना ,उड गये तुम आसमान के परिंदो जैसे
क्या थोडी देर और नही ठहर सकते थे
सुकुन से आखरी साँस लेने तक??

-Anonymous

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काश,तुम समज पाते
तुम्हारे बीन अब जीया नही जाता,
हर रात आसुंओं से तकिया भिगोया नही जाता,
कब लौटोगे हमारे दर
हररोज युं सुना रास्ता देखा नही जाता...

-Anonymous

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बाँध कर रखने से अच्छा है,
रीहा कर दो परिंदे या फिर लोग...

-Anonymous

लोग बदल गये है बहोत आजकल ,

दुःख के खाई मे ढकेलं कर बोलते हैं ठीक तो हो ना?

-Anonymous

काश कोई होता आशुं पोछने वाला,
तो हम भी जी भर के रो लेते...

-Anonymous

ये बारीश की बुँदे, ये सर्द हवाएं, मस्ताना मौसम और याँदे तुम्हारी...

-Anonymous

काश, वो समझ पाते
हमारी चाहत, तो आज हम उनकी राह ना देख रहे होते,
युं बरसती बुंदो के संग आसुंओ को ना बहाये होते
काश,वो समझ पाते...!

-Anonymous

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