The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
आंखों को पढ़ना सीख लिजिए आप कभी धोखा नहीं खाओगे ! बाकी तो ज़बान का क्या भरोसा ??? आज़ बोल दिया और कल गुम गया ।। नरेन्द्र परमार ✍️
क्या करें ??? कभी कभी हमारी शराफ़त उसे राज नहीं आती है हम मोहब्बत करते हैं और वो हमारी हंसी उड़ातीं है ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
इंसान इंसान में भी फ़र्क होता है सुबह में किसी का मुंह देखकर अपना पूरा दिन सुधर जाता है ! तो किसी इंसान का मुंह देखकर अपना पूरा दिन बिगड़ जाता है ।। नरेन्द्र परमार ✍️
दुरियों से मोहब्बत मापी नहीं जाती जहां तक रुह की बात हों वहां पर हुस्न की बात की नहीं जाती ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
यही तो एक नारी की पहचान है मां दुर्गा उनका दुसरा नाम है ।। ✔️💯🙏
✔️💯
कामयाबी हासिल करने के बाद, इंसान कुछ भी बक देता है और मिडिया की यही तो एक आदत होती है कि, वो बड़े लोगों की बात अपने अखबार में छाप भी देता है ताकी उसके अखबार की वेल्यु ज्यादा बेहतर हों, फिर भी मुझे इनकी बात सही नहीं लगती बाकी आप सब की मर्जी ।।
तुम्हारी जुल्फों की तारीफ में में एक शेर पेश करता हूं ! जूएं तो बहुत है तुम्हारे बालों में फिर भी मैं तुम्हें शिकायत नहीं करता हूं ! कहीं तुम मुझे छोड़ कर न चली जाए इसलिए ??? में तुम्हारे कंधे पर अपना सर रख कर तुम्हारे शर की एक एक जूएं अपने शर पर ट्रांसफर करता हूं । नरेन्द्र परमार ✍️
रुखा सुखा ग़ुलाब लेकर आ गए हैं हमें इज़हार करने ! जेब में तो फूटी कौड़ी नहीं है और आ गए हैं हमें दीदार करने ।। नरेन्द्र परमार ✍️
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser