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लोगों की तारीफे बटोरना आदत नहीं है मेरी क्योंकी में जैसा हूं वैसा ही दिखना पसंद करता हूं ! नकाब पहन कर झूठी शान और शौकत दिखाना फितरत नहीं है मेरी ।। नरेन्द्र परमार ✍️
में आपको पहचानने में धोखा खा गया में तो फ़ालतू में ??? आपका गोरा चेहरा देखकर मुस्कुरा गया ।। नरेन्द्र परमार ✍️
अब तो ना कोई आरज़ू है मेरी और ना ही कोई तमन्ना है मेरी अब तो मौत जल्द से जल्द आ जाएं मेरी बस उसी का ही मुझे इंतजार है ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
मुझसे मीलों दूर हो तुम फिर भी मेरे जिस्म में बसी हुई एक रुह हो तुम ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
बातों बातों में हम-दोनों में बहस छिड़ गई वो गोरी थी तो ज़बान उसकी काली हो गई ! क्या बोलना चाहिए ?? क्या नहीं बोलना चाहिए ??? वो तो हमसे बात करने की तमीज हीं भूल गई ।। नरेन्द्र परमार ✍️
तेरी वफ़ा से हमें कोई फायदा नहीं है दों मुंह वाले सांप पर हमें ऐसे भी भरोसा नहीं है ।। नरेन्द्र परमार ✍️
समझदार तो बहुत है हम फिर भी हम ग़लती कर गए ! जिसे मोहब्बत किया हमने बेपनाह वहीं ठोकर मारकर हमें चले गए ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
2025 में किसी की भी भूल-चूक हुई है तो माफ़ किजिए 2026 का सभी भारतीय मिलजुलकर स्वागत किजिए ।। हैप्पी न्यू ईयर 🙏 नरेन्द्र परमार ✍️
तन्हा हूं में और तन्हा रहूंगा तुम फिक्र मत करो मेरी ?? में तुम बिन तन्हा जी लूंगा ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
बनानेवाले ने मेरी तक़दीर भी कैसी बनाई है जिस को चाहा मैंने बेपनाह मेरे हाथों में उसकी लकीर ही नहीं बनाई है ।। नरेन्द्र परमार " तन्हा "
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