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मुड़ कर जो देखूं आईना, मिरा अक्स देता धुंधला दिखाई ख्वाहिशों की ख़ूबसूरती, जिम्मेदारियों तले पड़ी कुम्हलाई।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
माना रिश्तों की लंबी उम्र के लिए कुछ बातों में नजर अंदाजी अच्छी है लेकिन अपने मतलब के लिए हर बार खामोशी सिर्फ खुदगर्जी है।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
अंधेरे से उजाले तक राहों में तेरे कई पड़ाव आएंगे मन को कर दिग्भ्रमित कदम कदम पर भटकाएंगे खुद पर रखना विश्वास सकारात्मक का दामन थाम जीत तक मत रूकना बस आगे बढ़ना आगे बढ़ना...!! सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
अपने बारे में सोचना अच्छा है लेकिन सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोचना यह स्वार्थ है और स्वार्थ के निमित्त किया गया कोई भी काम आपको पल भर की खुशी तो दे सकता है किन्तु सुकून नहीं। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
मैं मैं के शोर में.. हम कहीं खो गया मेरा सुख मेरी खुशी की स्वार्थी दुनिया में हम, हमारा एक जुमला भर बनकर रह गया। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
राब्ता ऐ जिंदगी! तुझसे कुछ इस कदर निभाया हमने तेरी हर जफ़ा को मुस्कुरा कर भुलाया हमने तेरी खुशियों भरी नेमतों का किया सजदा तो.. तेरे दिए गमों को समझ मुकद्दर अपना सर आंखों पे बिठाया हमने। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
कांच और भरोसा गर टूट गया जो एक बार फिर पहले जैसा नहीं जुड़ता चाहे कोशिशें करो हजार।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
तवक़्क़ो तुझसे ताउम्र रही ऐ जिंदगी ! कुछ हुई मुकम्मल कुछ अधूरी ही रही।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
दूसरों में कमियां निकालने की लोगों में कुछ ऐसी लगी है होड़ भूल जाते गर एक ऊंगली की दूसरे पर तो बाकी चार का मुंह होगा खुद की ओर।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
आंख मूंद ना किया करो सबके मश्विरे पर यकीन सबका मश्विरा हो आपके हित में ये जरूरी नहीं मीठी बातें कर जो हित साधक बनने का ढोंग रचाते हैं वक्त पड़ने पर यही सबसे पहले अपनी पीठ दिखाते हैं।। सरोज प्रजापति ✍🏻 - Saroj Prajapati
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