Quotes by Saroj Prajapati in Bitesapp read free

Saroj Prajapati

Saroj Prajapati Matrubharti Verified

@saroj6130
(2m)

किवाड़ों ने महंगे दरवाजों का रूप लिया है जबसे
उन पर दस्तक की आहटें कम होने लगी है तबसे।।
सरोज प्रजापति ✍️


- Saroj Prajapati

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ना शिकायत ना शिकवा
बस कीजिए जिंदगी का शुक्रिया
क्योंकि ऐसा बहुत कुछ है खास
जो जिंदगी ने सिर्फ आपको दिया।।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati

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माना जिंदगी में है बहुत परेशानियां
फिर भी उतारकर उम्र की ये चादर
वक्त बेवक्त करते रहिए थोड़ी नादानियां।
सरोज प्रजापति ✍🏻
😍☔🫶🤩🤩💃
- Saroj Prajapati

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मां के निधन के लगभग एक महीने बाद रतन स्कूल लौटा था। टीचर ने उसे अपने पास बुलाकर सांत्वना दी तो वह रोने लगा। उसे रोता देख टीचर के साथ-साथ उसके दोस्तअजय की भी आंखें भर आईं। टीचर ने उसे हिम्मत बंधाते हुए सभी को उसका ध्यान रखने के लिए कहा।नन्हा रतन मां के असमय जाने के दुख में ऐसा डूबा कि पढ़ने लिखने से लेकर हंसना मुस्कुराना तक भूल गया । अजय और उसके दूसरे दोस्त उसे हर तरह से समझाकर हार चुके थे लेकिन वो अपनी मां के दुख से बाहर ही नहीं निकल पा रहा था।बच्चे तो आखिर बच्चे ही थे। कब तक उसके पीछे लगे रहते इसलिए धीरे-धीरे सभी अपने आप में मस्त हो गए लेकिन अजय वह कैसे अपने जिगरी दोस्त को अकेला छोड़ देता!लंच में सब खेलने के लिए बाहर चले जाते लेकिन अजय,रतन के साथ क्लास में ही बैठा रहता। मान मनुहार कर उसे खाना खिलाता और चटपटी बातें कर उसे हंसाने की कोशिश करता।आखिर अजय की दोस्ती रंग लाई। रतन अपने दुख से उबर फिर से मुस्कराने लगा था। अब फिर से दोनों दोस्त कक्षा की गतिविधियों में बढ़चढकर हिस्सा लेते और खेलते कूदते,उधम मचाते।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati

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फिर कुछ ऐसा घटता है,दुविधा का बादल छंटता है
उसकी सत्ता पर विश्वास और अटल हो उठता है।।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati

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इंसानों से नहीं
किताबों से उलझो
यकीन मानिए ये उलझन
आपके दिल को सुकून पहुंचाएगी।
                          सरोज प्रजापति ✍🏻


- Saroj Prajapati

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जिंदगी में लग रही हो बार बार ठोकर
तो करें ना अपना समय बर्बाद
तुरंत जाकर कराएं आंखों का इलाज !!
हर छोटी-बड़ी बात में ढूंढें ना ज्ञान।।😜🤩 saroj Prajapati ✍🏻

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मिरे तोड़ भरोसे को
वो मुझसे वफ़ा की उम्मीद रखता है
नजरों से गिरा जो एक बार
क्या फिर दिल में जगह पा सकता है !!
सरोज प्रजापति ✍🏻


- Saroj Prajapati

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अहम और वहम हो जिसके साथी
भला जरूरत उसे किस दुश्मन की।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati

खूब आजमाइशें ले रही है तू जिंदगी
अब कोई एक आध ख्वाहिश तो पूरी कर
कब तक बेनतीजा देती रहूं तेरे मैं इम्तिहान
नतीजों की कोई एक तारीख तो मुकर्रर कर।।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati

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