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Shristi

Shristi

@shristi
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Waqt ka ye kahar hum par bhi dhayega
home socha na tha
vo jaan se bhi pyara Shaks humko chodh jayega
humne socha na tha
tanha nhi bejaan ho gye h hum
unke bina bilkul kho gye hain hum
- Shristi

Hmari dukhti rag Pe
vo hath rakh baithe
sath Nibhane ka wada krke
hmko tanha kar baithe

- Shristi

रास्ते अंजान थे
वक्त भी कुछ और था
हम भी नादान थे
और
वो शख्स भी कुछ और था
अब न वो भूल दोबारा हो पाएगी
चलते जाएंगे हम
और अकेले चलने की आदत पड़ जाएगी
- Shristi

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यूं ही हिम्मत नही छोड़ देता इंसान
परीक्षा तो वो भी देता होगा
बहुत सम्भल कर चलने पर भी
आखिर
कभी कभी पैर डगमगा जाते हैं


- Shristi

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टूटे दिल का हिस्सा है वो
प्यार से प्यार जताने का किस्सा है वो
क्या सोचा उसने
की हम भूल गए
मेरे हर पल का हिस्सा है वो
- Shristi

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टूटा है दिल तो टूटा ही सही
जी लेंगे उनकी यादों के सहारे
उन यादों पे हक है मेरा
वो जीवन का अनमोल हिस्सा है मेरा
- Shristi

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जो बचपन था हमारा
वो था कितना प्यारा

दिन भर मुस्कुराते थे
हस्ते और खिलखिलाते थे

हाथों में चुर्री फसाके
दुनिया को नचाते थे

बस्ता उठा के स्कूल का
जिंदगी के बोझ से बच जाते थे

देकर परीक्षा बोर्ड की
हम खुद को धौंस दिखाते थे

मुहल्ले भर में घूम कर
गर्मी की छुट्टियां मनाते थे

साइकिल का पहिया घुमा के
हम मम्मी की डांट भुलाते थे

पापा से बच कर
हम छुप कर सीटी बजाते थे

बहुत खूब वक्त ने करवट खाई है
जिस बचपन में बड़े होने की दुआ मांगी थी
आज उसी वक्त ने
जिंदगी की असलियत दिखाई है

स्कूल का बस्ता हल्का था
पर भारी हैं जिम्मेदारियां
तब हस्ते हस्ते समय कटता था
अब धुंधली हो गईं हैं अपनी सब किलकारियां

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कुछ तो बाकी रह गया था कहना
जो हम तुमसे कह
ना सके
जिंदगी के सफर में पूरा
साथ निभाया हमने
पर शायद इतना प्यार
तुम सह ना सके

-Shristi

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ए दिल में बसने वाले
अब तो मेरा पीछा छोड़ दो
पास रहकर तो बर्बाद कर रखा था
कम से कम दूर रहकर तो
आबाद कर दो

-Shristi

क्या कहूं वक्त की खता क्या है
जिसने झेला जितना बस उसी को पता है
खुशी के पल हैं चार
तो उसके बाद गमों की लटा है

बचपन के बाद यौवन फिर बुढ़ापे की सजा है
जिसने कमाया पुन्न
उसी के पास जीवन का असली मजा है


धन तो धुल जाता है
जीवन के व्यापार में
सुख मिलता है उसको
जो बच जाता है इस कारोबार में

रात के बाद सुबह
फिर दिन की रज़ा है
करते जाओ कर्म
जो इस धरती की प्रथा है

नाचते रह जाओगे
तुम इस संसार में
और प्रभु मुस्कुराएंगे
अपने ही अंदाज में

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