hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 33 By Nirav Vanshavalya

वेद मार्ग में कहा बीओबी के मिस्टर शर्मा कुछ फीमेल करेंसी के बारे में कह रहे थे तो उसका क्या चैप्टर है.?अदैन्य ने पूछा लास्ट जनरेशन कितने की थी करेंसी की! वेद मरगी ने पहला पे...

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उजाले की ओर ---संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर ---संस्मरण ------------------------- स्नेही साथियों सस्नेह नमस्कार हमारी दुनिया इतने भिन्न प्रकार ले लोगों से भरी पड़ी है | कोई पैसे से अमीर है तो दिल से गरी...

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सपना का सपना ? By Priya Maurya

एक सत्रह वर्षीय लड़की जिसका नाम था सपना ।वह अपने माता पिता की पाचवी सन्तान थी । उसके चारो भाईयो को जितना प्यार घर वालों से मिलता था उसका एक हिस्सा भी उसे कभी नसीब न होता था। जब वह प...

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शुभमय 2022 - शुभमय हो नया साल By Kamal Bhansali

वर्तमान साल या वर्ष हमसे शीघ्र ही विदा लेगा, इस समझ के साथ कि हमें भी कभी न कभी धरती के जीवन से विदा होना है, अवधि या हमारी आयु के अनुसार। साल के सफर की एक निश्चित अवधि होती परन्तु...

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अन्तिम इच्छा By Pravin Khavda

अन्तिम इच्छा समय के साथ-साथ राजा कॄष्णदेव राय की माता बहुत वॄद्ध हो गई थीं। एक बार वह बहुत बीमार पड गई। उन्हें लगा कि अब वे शीघ्र ही मर जाएँगी। उन्हें आम से बहुत था, इसलिए जीवन क...

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गुरुदेव - 9 - (माली ) By नन्दलाल सुथार राही

गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा ।।साधु असाधु सदन सुक सारीं।सुमिरहिं राम देहिं गनि गारीं ।।पवन के संग से धूल आकाश पर चढ़ जाती है और वही नीच (नीचे की ओर बहने वाले) जल...

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हौसले की उड़ान By Ratna Pandey

शालिनी और शौर्य दोनों बहुत ही प्यार से रहते थे। शालिनी अपने पति के साथ बड़े ही प्यार से शादी की पहली सालगिरह मना रही थी। तभी अचानक शालिनी को चक्कर आने से सभी चिंताग्रस्त हो गए। तब...

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संघर्ष By Ratna Pandey

अत्यंत ही मध्यम वर्ग का रघुवर अपनी छोटी-सी दुकान से होने वाली कमाई से अपना घर परिवार अच्छी तरह से चला रहा था। किराने की छोटी-सी दुकान के दम पर ही अपनी बूढ़ी माँ, पत्नी, दो बच्चे सभ...

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आत्मा का वस्त्र By Chandresh Kumar Chhatlani

“अमोदा, तुमसे दूर नहीं रह सकता । ओ.... तुमने क्यों किया ऐसा? मेरे लिए जीने से आवश्यक तुम हो। और अगर तुम मेरे जीवन में नहीं हो तो मृत्यु का वरण ही सही है।”, अनुराग मन ही मन यह सोचता...

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मैं भी फौजी (देश प्रेम की अनोखी दास्तां) - 3 By Pooja Singh

रुस्तम सेठ की बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आ रही थी पर बेबस अपने गांव से दूर उस विरान से कारखाने में कैद हो चुका था ...कितने साल हो गये थे बाहर की दुनिया न देखे मन तो था बस भाग जाऊं...

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आयशा कि मोहब्बत तारीक से By mim Patel

आयशा कि मोहब्बत तारीक सेे‌शिक्षक और छात्र का संबंध एक ऐसा रिश्ता है, जो कुछ रिश्तों की तरह, दुनिया में नव स्थापित है, लेकिन इतना मजबूत और स्थिर है कि यह जीवन के प्रत्येक मोड पर उप...

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एक प्रश्न By Kishanlal Sharma

सेलिबेटरी कौन बनाता है?जनतालेकिन यह अधूरा सत्य है।बिना मीडिया के केवल जनता कुछ नही है।पहले भी मीडिया ही सेलिबेटरी बन चुके को ऊपर उठाता था।पॉपुलर बनाता था।लेकिन बहुत समय लग जाता थ...

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बैलों की वापसी By Parveen Negi

रात दिन को अपने में समेट चुकी थी | सब कुछ शांत था | पर मेरा मन आज बेचैन था | कुछ घबराहट थी| शायद उसके आतंक ने मुझे बेचैन कर दिया था| बाघ . .हां बाघ . इस शिकारी जानवर का ही आतंक था...

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सहेलियां By Bhanuben Prajapati

सहेलियां*******रेशमा आज खोई हुई सी लग रही थी । उसके आंखों से आंसू बह रहे थे पता नहीं । यह क्यों रो रही थी उसके अंदर से आवाज आई और बोली तुम्हारी सहेली किस काम की है ।तुम उसको बताना...

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शाबाश ग़रीबी By Adil Uddin

एक बड़े से हॉल में तालियाँ ही तालियाँ बज रहीं थीं,तालियों की गड़गड़ाहट गूँज-गूँज कर किसी का स्वागत करने को आतुर थीं तभी तालियों की तलाश ख़त्म हुई और वो चेहरा सामने आ ही गया।उसने डेस्क...

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बदलाव By Ratna Pandey

एक ही घर में पल रहे स्वाति और अभय एक दूसरे से बहुत अलग थे, जबकि गर्भ में दोनों एक साथ ही विकसित हुए थे। एक जैसे संस्कार पाकर भी एक ही घर के दो बच्चे इतने अलग हो सकते हैं, स्वाति और...

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तुम्हें लेने वह जरूर आएगा  By Ratna Pandey

अनाया रंग रूप से साधारण थी एक आम लड़की की ही तरह किंतु भगवान ने दिमाग की अमूल्य धरोहर अपने आशीर्वाद स्वरुप उसकी झोली में डाली थी। खाने-पीने की अत्यंत ही शौकीन अनाया बचपन से ही कभी...

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दिवाली के दीये By राज कुमार कांदु

दिवाली करीब होने की वजह से पिछले कई दिनों से घर की साफसफाई में व्यस्त निशा ने आज सुबह ही समीर से कह दिया था कि वह दोनों आज दोपहर का भोजन बाहर जाकर किसी होटल में करेंगे।एक तश्तरी म...

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वो आधा घंटा  By Ratna Pandey

आज सुबह जब पवित्रा टहलने के लिए निकली तब उसे फूल बानो रास्ते में मिल गई। फूल बानो उसका नाम नहीं था किंतु सोसाइटी में फूल बांटती थी इसलिए सब उसे फूल बानो कहकर बुलाते थे। एकदम हंसमुख...

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सेवानिवृति By Shwet Kumar Sinha

आज ऑफिस में सारे स्टाफ की निगाहें बाहर आने-जाने वालों पर टिकी थी। वजह, सुबह से एक-एक करके वहां जमा हो रहा पूरा पुलिस महकमा। पता करने पर मालूम चला कि न्यायपालिका और पुलिस-प्रशासन के...

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प्रवेश परीक्षा By Shwet Kumar Sinha

प्राचीनतम नालंदा विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा विश्व की कठिनतम परीक्षाओ में से एक मानी जाती थी। मेरा निवास स्थान इससे कुछेक किलोमीटर दूरी पर ही स्थित है। आज भी आसपास के इलाकों से...

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बड़े होकर क्या बनोगे? By Shwet Kumar Sinha

प्रार्थना खत्म होते ही स्कुल के सभी बच्चे अपने-अपने क्लास की तरफ भागे। वीना मैम कक्षा वन की क्लास टीचर थी। अटेंडेंस रजिस्टर उठाकर वह भी क्लास की तरफ बढ गई। नवरात्रि का समय चल रहा थ...

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भीतर से सचेत By Kanzariya Hardik

बुद्ध का एक शिष्य था। वह सन्यास लेकर नया-नया दीक्षित हुआ था। उसने बुद्ध से पूछा के मैं आज कहां भिक्षा माँगने जाऊं? बुद्ध ने कहा, मेरी एक श्राविका है, वहाँ चले जाना।शिष्य वहाँ गया।...

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वॉलेट   By Ratna Pandey

अपने बेटे नितिन की शादी के बाद राधा बहुत ही ख़ुश थी, एक बहुत बड़ी जवाबदारी जो निपट गई थी। उसने अपने पति से कहा, "गौरव कितनी प्यारी जोड़ी है ना हमारे नितिन और नेहा की।" "हाँ राधा तुम...

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यह कैसी विडम्बना है - (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

“जी हाँ मैम, मैं इस कॉलेज में इसीलिए आई हूँ ताकि अपने निर्दोष पति को इंसाफ़ दिला सकूँ। यह सच की लड़ाई है मैम और मुझे पूरा विश्वास है कि आप भी सच का ही साथ देंगी। मैम इतने अच्छे लड़क...

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वो माँ By Naina Yadav

जिंदगी में कई गम मिलते हैं और खुशी भी मिलती है आज मैं उसी गम से हारी औरत की दास्तां बताने जा रही हूं |जिसे अपने आप से ज्यादा अपने परिवार की पड़ी रहती थी पर फिर भी उसके परिवार के...

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दूसरा मायका   By Ratna Pandey

संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी लता बहुत ही संस्कारी थी।   सबकी चहेती थी वह, भगवान ने भी रंग रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। दादा-दादी, चाचा-चाची, ताऊ-ताई, छह बहन, पाँच भाई इतना बड...

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बापासदाराम -टोटाणा ता. कांकरेज By वात्सल्य

एक अद्भुत महात्मा : - "बापा सदाराम " गुजरात राज्य, बनासकांठा जिल्ला एवम कांकरेज तहसीलका जाने-माने एक "टोटाणा" (totana ) नामक छोटा गाँव है l जहाँ से नजदीक बनास नदी एवम "थरा"...

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नीतिशास्त्र की दुविधा By Anand M Mishra

नीतिशास्त्र की दुविधा मानव कभी-कभी दुविधा वाली स्थिति में फंस जाता है। मन कुछ सोच नहीं सकता है। नीतिशास्त्र सामने आ जाता है। ऐसे ही एक घटना का जिक्र करना आवश्यक है। विद्यालय में...

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आत्मसम्मान  By Ratna Pandey

रोज-रोज अपने आत्मसम्मान पर चोट सहन करती उर्मिला अपने मन में सोच रही थी कि आख़िर क्यों वह अपने आत्मसम्मान को प्रतिदिन तार-तार होने देती है? क्यों बात-बात पर ताने सुनती है? क्या इस प...

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 33 By Nirav Vanshavalya

वेद मार्ग में कहा बीओबी के मिस्टर शर्मा कुछ फीमेल करेंसी के बारे में कह रहे थे तो उसका क्या चैप्टर है.?अदैन्य ने पूछा लास्ट जनरेशन कितने की थी करेंसी की! वेद मरगी ने पहला पे...

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उजाले की ओर ---संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर ---संस्मरण ------------------------- स्नेही साथियों सस्नेह नमस्कार हमारी दुनिया इतने भिन्न प्रकार ले लोगों से भरी पड़ी है | कोई पैसे से अमीर है तो दिल से गरी...

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सपना का सपना ? By Priya Maurya

एक सत्रह वर्षीय लड़की जिसका नाम था सपना ।वह अपने माता पिता की पाचवी सन्तान थी । उसके चारो भाईयो को जितना प्यार घर वालों से मिलता था उसका एक हिस्सा भी उसे कभी नसीब न होता था। जब वह प...

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शुभमय 2022 - शुभमय हो नया साल By Kamal Bhansali

वर्तमान साल या वर्ष हमसे शीघ्र ही विदा लेगा, इस समझ के साथ कि हमें भी कभी न कभी धरती के जीवन से विदा होना है, अवधि या हमारी आयु के अनुसार। साल के सफर की एक निश्चित अवधि होती परन्तु...

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अन्तिम इच्छा By Pravin Khavda

अन्तिम इच्छा समय के साथ-साथ राजा कॄष्णदेव राय की माता बहुत वॄद्ध हो गई थीं। एक बार वह बहुत बीमार पड गई। उन्हें लगा कि अब वे शीघ्र ही मर जाएँगी। उन्हें आम से बहुत था, इसलिए जीवन क...

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गुरुदेव - 9 - (माली ) By नन्दलाल सुथार राही

गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा ।।साधु असाधु सदन सुक सारीं।सुमिरहिं राम देहिं गनि गारीं ।।पवन के संग से धूल आकाश पर चढ़ जाती है और वही नीच (नीचे की ओर बहने वाले) जल...

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हौसले की उड़ान By Ratna Pandey

शालिनी और शौर्य दोनों बहुत ही प्यार से रहते थे। शालिनी अपने पति के साथ बड़े ही प्यार से शादी की पहली सालगिरह मना रही थी। तभी अचानक शालिनी को चक्कर आने से सभी चिंताग्रस्त हो गए। तब...

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संघर्ष By Ratna Pandey

अत्यंत ही मध्यम वर्ग का रघुवर अपनी छोटी-सी दुकान से होने वाली कमाई से अपना घर परिवार अच्छी तरह से चला रहा था। किराने की छोटी-सी दुकान के दम पर ही अपनी बूढ़ी माँ, पत्नी, दो बच्चे सभ...

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आत्मा का वस्त्र By Chandresh Kumar Chhatlani

“अमोदा, तुमसे दूर नहीं रह सकता । ओ.... तुमने क्यों किया ऐसा? मेरे लिए जीने से आवश्यक तुम हो। और अगर तुम मेरे जीवन में नहीं हो तो मृत्यु का वरण ही सही है।”, अनुराग मन ही मन यह सोचता...

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मैं भी फौजी (देश प्रेम की अनोखी दास्तां) - 3 By Pooja Singh

रुस्तम सेठ की बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आ रही थी पर बेबस अपने गांव से दूर उस विरान से कारखाने में कैद हो चुका था ...कितने साल हो गये थे बाहर की दुनिया न देखे मन तो था बस भाग जाऊं...

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आयशा कि मोहब्बत तारीक से By mim Patel

आयशा कि मोहब्बत तारीक सेे‌शिक्षक और छात्र का संबंध एक ऐसा रिश्ता है, जो कुछ रिश्तों की तरह, दुनिया में नव स्थापित है, लेकिन इतना मजबूत और स्थिर है कि यह जीवन के प्रत्येक मोड पर उप...

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एक प्रश्न By Kishanlal Sharma

सेलिबेटरी कौन बनाता है?जनतालेकिन यह अधूरा सत्य है।बिना मीडिया के केवल जनता कुछ नही है।पहले भी मीडिया ही सेलिबेटरी बन चुके को ऊपर उठाता था।पॉपुलर बनाता था।लेकिन बहुत समय लग जाता थ...

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बैलों की वापसी By Parveen Negi

रात दिन को अपने में समेट चुकी थी | सब कुछ शांत था | पर मेरा मन आज बेचैन था | कुछ घबराहट थी| शायद उसके आतंक ने मुझे बेचैन कर दिया था| बाघ . .हां बाघ . इस शिकारी जानवर का ही आतंक था...

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सहेलियां By Bhanuben Prajapati

सहेलियां*******रेशमा आज खोई हुई सी लग रही थी । उसके आंखों से आंसू बह रहे थे पता नहीं । यह क्यों रो रही थी उसके अंदर से आवाज आई और बोली तुम्हारी सहेली किस काम की है ।तुम उसको बताना...

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शाबाश ग़रीबी By Adil Uddin

एक बड़े से हॉल में तालियाँ ही तालियाँ बज रहीं थीं,तालियों की गड़गड़ाहट गूँज-गूँज कर किसी का स्वागत करने को आतुर थीं तभी तालियों की तलाश ख़त्म हुई और वो चेहरा सामने आ ही गया।उसने डेस्क...

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बदलाव By Ratna Pandey

एक ही घर में पल रहे स्वाति और अभय एक दूसरे से बहुत अलग थे, जबकि गर्भ में दोनों एक साथ ही विकसित हुए थे। एक जैसे संस्कार पाकर भी एक ही घर के दो बच्चे इतने अलग हो सकते हैं, स्वाति और...

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तुम्हें लेने वह जरूर आएगा  By Ratna Pandey

अनाया रंग रूप से साधारण थी एक आम लड़की की ही तरह किंतु भगवान ने दिमाग की अमूल्य धरोहर अपने आशीर्वाद स्वरुप उसकी झोली में डाली थी। खाने-पीने की अत्यंत ही शौकीन अनाया बचपन से ही कभी...

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दिवाली के दीये By राज कुमार कांदु

दिवाली करीब होने की वजह से पिछले कई दिनों से घर की साफसफाई में व्यस्त निशा ने आज सुबह ही समीर से कह दिया था कि वह दोनों आज दोपहर का भोजन बाहर जाकर किसी होटल में करेंगे।एक तश्तरी म...

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वो आधा घंटा  By Ratna Pandey

आज सुबह जब पवित्रा टहलने के लिए निकली तब उसे फूल बानो रास्ते में मिल गई। फूल बानो उसका नाम नहीं था किंतु सोसाइटी में फूल बांटती थी इसलिए सब उसे फूल बानो कहकर बुलाते थे। एकदम हंसमुख...

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सेवानिवृति By Shwet Kumar Sinha

आज ऑफिस में सारे स्टाफ की निगाहें बाहर आने-जाने वालों पर टिकी थी। वजह, सुबह से एक-एक करके वहां जमा हो रहा पूरा पुलिस महकमा। पता करने पर मालूम चला कि न्यायपालिका और पुलिस-प्रशासन के...

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प्रवेश परीक्षा By Shwet Kumar Sinha

प्राचीनतम नालंदा विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा विश्व की कठिनतम परीक्षाओ में से एक मानी जाती थी। मेरा निवास स्थान इससे कुछेक किलोमीटर दूरी पर ही स्थित है। आज भी आसपास के इलाकों से...

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बड़े होकर क्या बनोगे? By Shwet Kumar Sinha

प्रार्थना खत्म होते ही स्कुल के सभी बच्चे अपने-अपने क्लास की तरफ भागे। वीना मैम कक्षा वन की क्लास टीचर थी। अटेंडेंस रजिस्टर उठाकर वह भी क्लास की तरफ बढ गई। नवरात्रि का समय चल रहा थ...

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भीतर से सचेत By Kanzariya Hardik

बुद्ध का एक शिष्य था। वह सन्यास लेकर नया-नया दीक्षित हुआ था। उसने बुद्ध से पूछा के मैं आज कहां भिक्षा माँगने जाऊं? बुद्ध ने कहा, मेरी एक श्राविका है, वहाँ चले जाना।शिष्य वहाँ गया।...

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वॉलेट   By Ratna Pandey

अपने बेटे नितिन की शादी के बाद राधा बहुत ही ख़ुश थी, एक बहुत बड़ी जवाबदारी जो निपट गई थी। उसने अपने पति से कहा, "गौरव कितनी प्यारी जोड़ी है ना हमारे नितिन और नेहा की।" "हाँ राधा तुम...

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यह कैसी विडम्बना है - (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

“जी हाँ मैम, मैं इस कॉलेज में इसीलिए आई हूँ ताकि अपने निर्दोष पति को इंसाफ़ दिला सकूँ। यह सच की लड़ाई है मैम और मुझे पूरा विश्वास है कि आप भी सच का ही साथ देंगी। मैम इतने अच्छे लड़क...

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वो माँ By Naina Yadav

जिंदगी में कई गम मिलते हैं और खुशी भी मिलती है आज मैं उसी गम से हारी औरत की दास्तां बताने जा रही हूं |जिसे अपने आप से ज्यादा अपने परिवार की पड़ी रहती थी पर फिर भी उसके परिवार के...

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दूसरा मायका   By Ratna Pandey

संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी लता बहुत ही संस्कारी थी।   सबकी चहेती थी वह, भगवान ने भी रंग रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। दादा-दादी, चाचा-चाची, ताऊ-ताई, छह बहन, पाँच भाई इतना बड...

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बापासदाराम -टोटाणा ता. कांकरेज By वात्सल्य

एक अद्भुत महात्मा : - "बापा सदाराम " गुजरात राज्य, बनासकांठा जिल्ला एवम कांकरेज तहसीलका जाने-माने एक "टोटाणा" (totana ) नामक छोटा गाँव है l जहाँ से नजदीक बनास नदी एवम "थरा"...

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नीतिशास्त्र की दुविधा By Anand M Mishra

नीतिशास्त्र की दुविधा मानव कभी-कभी दुविधा वाली स्थिति में फंस जाता है। मन कुछ सोच नहीं सकता है। नीतिशास्त्र सामने आ जाता है। ऐसे ही एक घटना का जिक्र करना आवश्यक है। विद्यालय में...

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आत्मसम्मान  By Ratna Pandey

रोज-रोज अपने आत्मसम्मान पर चोट सहन करती उर्मिला अपने मन में सोच रही थी कि आख़िर क्यों वह अपने आत्मसम्मान को प्रतिदिन तार-तार होने देती है? क्यों बात-बात पर ताने सुनती है? क्या इस प...

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