hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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यह कैसी विडम्बना है - भाग ६ By Ratna Pandey

"हाँ संध्या यह शालिनी ही है, क्या तुम जानती हो इसे?" "हाँ मैं जानती हूँ बहुत ही घमंडी और एकदम तुनक मिजाज़ लड़की है वह। वैभव जब हम नौवीं कक्षा में थे तब यह लड़की किसी दूसरे स्कूल से...

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मैं गांधारी नहीं By Ratna Pandey

सूरज ढल रहा था अंधेरा पसरने की तैयारी में था। गांव की वह लड़कियां इसी अंधेरे का ही इंतज़ार करती हैं, जिनके घरों में शौचालय नहीं होते। गांव की एक ऐसी ही लड़की हाथ में लोटा लेकर, सून...

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उजाले की ओर --संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर ----संस्मरण ------------------------- नमस्कार स्नेही मित्रों कैसे हैं आप सब ? बहुत अच्छे होंगे | कभी-कभी लगता है कि आप सबसे परिचित हूँ मैं | जैसे किसी अदृश्य रि...

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माँ मुझे माफ़ कर दो By Ratna Pandey

राजीव का घर दुल्हन की तरह सजा हुआ था रंग-बिरंगे फूलों से बने हार, रंगीन बल्बों की सीरीज, बेहद आकर्षक मंडप और कानों को प्रिय लगे ऐसा लाजवाब संगीत चल रहा था। कोई भी राह से गुजरने वाल...

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रक्षक By Kishanlal Sharma

सब कुत्ते मैदान में आकर इकठे हो गए थे।रोज शाम को ऑफिसर कॉलोनी के बंगलो के नौकर कुत्तो को लेकर इस मैदान में आ जाते।फिर वे अपने अपने कुत्तो को खुला छोड़ देते।कुत्ते इस मैदान में इकठे...

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मित्रता और पारिवारिक मामले By धृतराष्ट्र सुमन

जीवन में कभी कभी हम ऐसे फैसले दोस्ती में ले लेते हैं जो नहीं लेने चाहिए, जब तक आप किसी को अच्छे से नहीं जानते तब तक मात्र दोस्ती के नाम पर किसी के पारिवारिक मामलों में न पड़ें! इसी...

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बाज की सीख By Krishna Kant Srivastava

बाज की सीखएक समय की बात है, एक बहेलिया जंगल में पक्षियों का शिकार करने गया। बहेलिया ने दाना डाला और जाल बिछाकर पक्षियों के जाल में फंसने का इंतजार करने लगा। बहुत प्रयास करने के बाद...

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हम कैसे आगे बढे - भाग ५ - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

३७. बाँसुरीवाला मुंबई षहर के पैडर रोड पर अपने मित्र के यहाँ जब भी मैं जाता तो प्रतिदिन सुबह 6 बजे के लगभग एक अंधा वहाँ से बाँसुरी बजाता हुआ निकलता था। व...

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छोटी बहू By Ratna Pandey

घनश्याम अपनी पत्नी शामली के साथ रहते थे। मध्यम वर्ग के घनश्याम के माता-पिता का दुर्घटना होने की वजह से देहांत हो गया था। उनकी पत्नी ने दो वर्ष पूर्व एक बेटे को जन्म दिया था, अब फिर...

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अमानवीयतासे नैतिकता की ओर By Varun Sharma

अमानवीयतासे नैतिकता की ओरCopyright © 2021 by Varun Sharmaकानपुर के एक कसबे में रेती नामक रोड पर नई सफेदी से चमकते हुए घर के आगे एक छोटा बगीचा था। जिसमे कुछ खुशबू बिखेरते फूल और सब्...

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विसर्जन - 5 - अंतिम भाग By Sarvesh Saxena

यह कहते हुए टीटू जोर जोर से रोने लगा और सब उनकी बात से हैरान थे सब को ऐसा लग रहा था जैसे सब ने एक बड़ा पाप किया है तभी पुलिस वाले ने माइक को अपने हाथों में लेकर कहा “ हम सब लोग झूठ...

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एक राज़ By Ratna Pandey

राम सिंह अपने माता-पिता के साथ अपने छोटे से घर में बहुत ख़ुश था। उसके पिता रघुवीर सिंह हमेशा बीमार रहते थे इसलिए उन्होंने राम सिंह की नौकरी लगते ही अपनी नौकरी छोड़ दी। उसकी माँ घर का...

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एक पिता का निर्णय By Saroj Prajapati

संजय ऑफिस से आया तो घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। उसकी मां माथा पकड़े बैठी थी तो पत्नी माला ‌ सुबक रही थी। संजय उन दोनों का यह हाल देख घबरा गया और मां से बोला "सब ठीक है ना! क्या हुआ...

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आख़िर वह कौन था By Ratna Pandey

सोलह वर्ष की हँसती-खेलती सुशीला गुमसुम-सी बहुत उदास रहने लगी थी। कुछ दिनों पहले उसकी माँ इमारत पर काम करते समय, गिरकर स्वर्ग सिधार गई थी। पिता तो पहले ही स्वर्ग सिधार चुके थे। अब उ...

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प्रेरणा पथ - भाग 6 - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

41 पागल कौन एक अर्द्धविक्षिप्त वृद्ध महिला मैले कुचैले कपड़े पहने किसी तरह अपने शरीर को ढके हुये सड़क पर जा रही थी। उसे देखकर बच्चे पागल पागल कहकर उसे...

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मेरी पहली कहानी  By Prashant Soni

मेरी पहली कहानी असल में यह कहानी मेरी नहीं है । और मेरी ही है जी हां मैं सच बोल रहा हु । अब आप सोच रहे हो गए की यह क्या पागल की तरह बात कर रहा है चलो अब छोड़ो...

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यात्रा तम से प्रकाश की By Rudra S. Sharma

मैं जिस तंत्र का हिस्सा हूँ; कोई भी उसमें मुझसे या मेरे होने से संतुष्ट नहीं था। अधिकतर सभी मुझे और मुझसे संबंधित को महत्व नहीं देते थे; मुझे मेरे लिये सभी की कुछ अभिव्यक्ति से तो...

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काश लौट आये अब वो पल By निखिल ठाकुर

..... .....: काश लौट आये अब वो पल -1 ====================================================================== जब जब देखता हूं बचपन से संघर्ष मे लगे छोटे बच्चों को.... कितना दर्द और...

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तू इस मन का दास ना बन By Mohit Rajak

तू इस मन का दास ना बन इस मन को अपना दास बना ले देखो मन के खेल निराले नित्य नित्य नव डेरा डाले नए अश्व के जैसा चंचल, किसी के संभले ना आए संभाले इंद्रियों के विषयों में फस कर, ज...

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कोई शाम उदास ना हों By swati tiwari

पिछले दो माह से घर आ गया हूं | लॉकडाउन के बाद दो महीने उसी शहर में रहकर ऑनलाइन काम करता रहा बाद में पता चला मैनेजमेंट ने उन दिनों 70% सैलरी काट ली थी , यह कहकर कि कंपनी का सारा बिज...

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Situation By shivani

एक पुरानी कहानी है जरुर सुनाती हूँ और बड़ी शानदार है ! वो एक कौवा था और कोवै को तकलीफ क्या थी जानते है ! कोवै का रंग क्या होता है ? ( काला ) तो कौवा काला था वहा एक साधु थे , साधु...

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बस तुम खुद को पहचान लो By Mohit Rajak

प्रिय मित्रों इस संसार में जो कुछ भी है वह सब हमारे अंदर निहित है सब कुछ हमारे अंदर है यह संसार तो मात्र प्रतिबिंब है जैसा हम देखते हैं जैसी हम दृष्टि रखते हैं यह संसार हमें वैसा ह...

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सिरफिरा हाथी By Krishna Kant Srivastava

बहुत समय पहले की बात है। गांव में एक अध्यापक रहते थे। उनके अनेकों विद्यार्थी थे। एक दिन अध्यापक ने अपने सभी विद्यार्थियों को अपने पास बुलाया और बड़े प्यार से समझाया, विद्यार्थियों...

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पद्मा सचदेव के सफ़र की समाप्ति By Anand M Mishra

“तुम्हें मालूम था, यह राह नहीं निकलती, जहाँ पहुँचना मैंने, तुम उस तरफ जा भी नहीं रहे थे ,फिर भी तुम चलते रहे मेरे साथ-साथ…” इन पंक्तियों के रचयिता पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित ड...

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जीवन की प्राथमिकताएं By Krishna Kant Srivastava

शिक्षक ने आज कक्षा में प्रवेश करते ही मेज पर एक बड़ा सा खाली शीशे का जार रख दिया। शिक्षक ने जार को पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़ों से भर दिया। जार को पूरा भरने के बाद उन्होंने छात्रों स...

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भारतीय हॉकी की वापसी By Anand M Mishra

5 अगस्त! कुछ विशेष महत्वपूर्ण दिन! मन में उत्सुकता! क्या विशेष होगा इस वर्ष! भारतीय हॉकी के लिए यादगार दिन का गवाह बना! चार दशकों के ऐतिहासिक दर्द के बोझ को पार किया! निश्चित ही...

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यह कैसी विडम्बना है - भाग ६ By Ratna Pandey

"हाँ संध्या यह शालिनी ही है, क्या तुम जानती हो इसे?" "हाँ मैं जानती हूँ बहुत ही घमंडी और एकदम तुनक मिजाज़ लड़की है वह। वैभव जब हम नौवीं कक्षा में थे तब यह लड़की किसी दूसरे स्कूल से...

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मैं गांधारी नहीं By Ratna Pandey

सूरज ढल रहा था अंधेरा पसरने की तैयारी में था। गांव की वह लड़कियां इसी अंधेरे का ही इंतज़ार करती हैं, जिनके घरों में शौचालय नहीं होते। गांव की एक ऐसी ही लड़की हाथ में लोटा लेकर, सून...

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उजाले की ओर --संस्मरण By Pranava Bharti

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माँ मुझे माफ़ कर दो By Ratna Pandey

राजीव का घर दुल्हन की तरह सजा हुआ था रंग-बिरंगे फूलों से बने हार, रंगीन बल्बों की सीरीज, बेहद आकर्षक मंडप और कानों को प्रिय लगे ऐसा लाजवाब संगीत चल रहा था। कोई भी राह से गुजरने वाल...

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रक्षक By Kishanlal Sharma

सब कुत्ते मैदान में आकर इकठे हो गए थे।रोज शाम को ऑफिसर कॉलोनी के बंगलो के नौकर कुत्तो को लेकर इस मैदान में आ जाते।फिर वे अपने अपने कुत्तो को खुला छोड़ देते।कुत्ते इस मैदान में इकठे...

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मित्रता और पारिवारिक मामले By धृतराष्ट्र सुमन

जीवन में कभी कभी हम ऐसे फैसले दोस्ती में ले लेते हैं जो नहीं लेने चाहिए, जब तक आप किसी को अच्छे से नहीं जानते तब तक मात्र दोस्ती के नाम पर किसी के पारिवारिक मामलों में न पड़ें! इसी...

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बाज की सीख By Krishna Kant Srivastava

बाज की सीखएक समय की बात है, एक बहेलिया जंगल में पक्षियों का शिकार करने गया। बहेलिया ने दाना डाला और जाल बिछाकर पक्षियों के जाल में फंसने का इंतजार करने लगा। बहुत प्रयास करने के बाद...

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हम कैसे आगे बढे - भाग ५ - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

३७. बाँसुरीवाला मुंबई षहर के पैडर रोड पर अपने मित्र के यहाँ जब भी मैं जाता तो प्रतिदिन सुबह 6 बजे के लगभग एक अंधा वहाँ से बाँसुरी बजाता हुआ निकलता था। व...

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घनश्याम अपनी पत्नी शामली के साथ रहते थे। मध्यम वर्ग के घनश्याम के माता-पिता का दुर्घटना होने की वजह से देहांत हो गया था। उनकी पत्नी ने दो वर्ष पूर्व एक बेटे को जन्म दिया था, अब फिर...

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अमानवीयतासे नैतिकता की ओर By Varun Sharma

अमानवीयतासे नैतिकता की ओरCopyright © 2021 by Varun Sharmaकानपुर के एक कसबे में रेती नामक रोड पर नई सफेदी से चमकते हुए घर के आगे एक छोटा बगीचा था। जिसमे कुछ खुशबू बिखेरते फूल और सब्...

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विसर्जन - 5 - अंतिम भाग By Sarvesh Saxena

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एक राज़ By Ratna Pandey

राम सिंह अपने माता-पिता के साथ अपने छोटे से घर में बहुत ख़ुश था। उसके पिता रघुवीर सिंह हमेशा बीमार रहते थे इसलिए उन्होंने राम सिंह की नौकरी लगते ही अपनी नौकरी छोड़ दी। उसकी माँ घर का...

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संजय ऑफिस से आया तो घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। उसकी मां माथा पकड़े बैठी थी तो पत्नी माला ‌ सुबक रही थी। संजय उन दोनों का यह हाल देख घबरा गया और मां से बोला "सब ठीक है ना! क्या हुआ...

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प्रेरणा पथ - भाग 6 - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

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काश लौट आये अब वो पल By निखिल ठाकुर

..... .....: काश लौट आये अब वो पल -1 ====================================================================== जब जब देखता हूं बचपन से संघर्ष मे लगे छोटे बच्चों को.... कितना दर्द और...

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एक पुरानी कहानी है जरुर सुनाती हूँ और बड़ी शानदार है ! वो एक कौवा था और कोवै को तकलीफ क्या थी जानते है ! कोवै का रंग क्या होता है ? ( काला ) तो कौवा काला था वहा एक साधु थे , साधु...

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सिरफिरा हाथी By Krishna Kant Srivastava

बहुत समय पहले की बात है। गांव में एक अध्यापक रहते थे। उनके अनेकों विद्यार्थी थे। एक दिन अध्यापक ने अपने सभी विद्यार्थियों को अपने पास बुलाया और बड़े प्यार से समझाया, विद्यार्थियों...

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“तुम्हें मालूम था, यह राह नहीं निकलती, जहाँ पहुँचना मैंने, तुम उस तरफ जा भी नहीं रहे थे ,फिर भी तुम चलते रहे मेरे साथ-साथ…” इन पंक्तियों के रचयिता पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित ड...

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जीवन की प्राथमिकताएं By Krishna Kant Srivastava

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भारतीय हॉकी की वापसी By Anand M Mishra

5 अगस्त! कुछ विशेष महत्वपूर्ण दिन! मन में उत्सुकता! क्या विशेष होगा इस वर्ष! भारतीय हॉकी के लिए यादगार दिन का गवाह बना! चार दशकों के ऐतिहासिक दर्द के बोझ को पार किया! निश्चित ही...

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