hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • उजाले की ओर--संस्मरण

    उजाले की ओर--संस्मरण ---------------------- नमस्कार स्नेही मित्रों मैं...

  • एक जन्म:

    एक बार एक मनुष्य अपने जीवन से तंग होकर ईश्वर से कहता है कि हे भगवान मैं इस रूप स...

  • दो यार और वो - दो यार

    सुनो महेश तुम मेरे साथ आ सकते हो, मुझे थोडा काम है तुम्हराहा चलो चंदू वैसे भी मे...

उजाले की ओर--संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर--संस्मरण ---------------------- नमस्कार स्नेही मित्रों मैं अधिकतर आपसे अपने ज़माने यानि 50/60 वर्ष पूर्व की बातें साझा करती हूँ | वैसे मैं आज भी हूँ तो ये ज़मान...

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तर्ज़नी से अनामिका तक - भाग १२ - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

101. नैतिकता का तालाब यह घटना कई वर्ष पूर्व की है परंतु पीढी दर पीढी वहाँ के आसपास के निवासियों की जुबान पर आज भी रहती है। जबलपुर को तालाबों को षहर भी कहा जात...

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वो चार लोग By Mayank Saxena Honey

वो चार लोग (सत्यता पर आधारित एक प्रेरक दर्शन।) चार लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे? चार लोग सुनेंगे तो क्या कहेंगे? आप सभी ने ये वाक्य अवश्य सुने होंगे। आखिर वो चार लोग हैं कौन? और आखिर...

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एक जन्म: By Naina Yadav

एक बार एक मनुष्य अपने जीवन से तंग होकर ईश्वर से कहता है कि हे भगवान मैं इस रूप से तंग होकर इसका त्याग करना चाहता हूं भगवान बोले तथास्तु उन्होंने पूछा कि तुम क्या बनना चाहते हो उसने...

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वक्त सबसे अच्छा मित्र By Anand M Mishra

वक्त सब सिखा देता है। वक्त की मार जीवन में प्रायः हर किसी को लगती है। चाहे वे श्रीराम, श्रीकृष्ण, तुलसीदास, कालीदास या कोई और हों। जब वक्त की मार पडती है तो बड़े-बड़े धराशायी हो जा...

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दो यार और वो - दो यार By Mehul Pasaya

सुनो महेश तुम मेरे साथ आ सकते हो, मुझे थोडा काम है तुम्हराहा चलो चंदू वैसे भी मे अभी कुच भी काम नही कर रहा हू सो चल सकते हैओके तो चलो, वैसे हमे ना कही घुमने जाना है तो तुम तयार होह...

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सफलता का रहस्य By Krishna Kant Srivastava

एक नौजवान युवक ने अपने जीवन यापन हेतु बड़े उत्साह के साथ एक व्यापार की शुरुआत की, परंतु दुर्भाग्यवश कुछ ही समय में किसी बड़े घाटे की वजह से उसका व्यापार बंदी की कगार पर पहुंच गया।व्य...

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मनीराम तोता By Kamal Maheshwari

मनीराम तोते के पूरे परिवार को किसी शिकारी ने मार डाला था । जब शिकारी ने उसके पूरे परिवार की हत्या की थी , तब वह परिवार के लिए भोजन तलाश में गया था । आकर देखा तो उसकी पत्नी और दो छो...

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गुरू की सीख By Krishna Kant Srivastava

गुरु रामदास विद्यालय में हिंदी शिक्षक के रूप में कार्य करते थे। गुरु रामदास बड़े दिनों बाद आज शाम को घर लौटते वक़्त अपने दोस्त गोपाल जी से मिलने उसकी दुकान पर गए। गोपाल जी शहर में कप...

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राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक By Anand M Mishra

हर देश के लिए यह जरूरी है कि उसका एक झंडा हो, जिसके तले पूरा राष्ट्र एक हो जाए जो त्याग, शांति और एकता का प्रतीक हो। ऐसे में देश को एक सूत्र में बाँधने का कार्य हमारा राष्ट्रीय ध...

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जीवन की सच्ची पूंजी By Krishna Kant Srivastava

एक बार एक शक्तिशाली राजा दुष्यंत घने वन में शिकार खेल रहा थे। अचानक मौसम बिगड़ गया। आकाश में काले बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। धीरे-धीरे सूर्य अस्त हो गया और घना अंधेरा छ...

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साला फटीचर By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

साला फटीचर आज काम का बोझ बहुत ज्यादा था, आलोक को मानो साँस लेने की भी फुर्सत नहीं थी। ऐसे में जब पियून ने किसी विजय कुमार का कार्ड लाकर सामने रखा तो उसने मना ही कर दिया... एक तो...

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हंसना- गुण या दोष? By Anand M Mishra

हंसी के कई प्रकार होते हैं – अट्टहास, मुस्कुराना, खिलखिलाना, मंद मुस्कान आदि। सभी में मनोभाव अलग-अलग तरह के होते हैं। दांत निपोरकर हंसने वाली मुद्रा अलग होती है, वह एक प्रकार से शा...

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कृष्णा By Vijay Tiwari Kislay

कृष्णा कृष्णा था तो पिछड़े वर्ग से किंतु ईश्वर ने उसके दिमाग में बुद्धि कूट कूट कर भरी थी। वह जितना बुद्धिमान था उतना ही सहृदयी और परोपकारी भी था। धर्मपरायणता, सुसंस्का...

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आधार - 24 - भगवत कृपा, जीवन की दिव्य शक्ति है। By Krishna Kant Srivastava

भगवत कृपा, जीवन की दिव्य शक्ति है।कभी आप रास्ते में पड़े पत्थर से टकराकर लड़खड़ाते हैं फिर संभल जाते हैं और चोट खाने से बच जाते हैं। कभी आपके नजदीक से एक तेज रफ्तार कार गुजर जाती ह...

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पुस्तकों की दुनिया By Anand M Mishra

पुस्तकों का संसार! आज के डिजिटल युग से बिल्कुल अलग! पुस्तकें इतिहास, साहित्य, विज्ञान और सभ्यता की संवाहक हैं। दुनिया में परिवर्तन के इंजन हैं। दुनिया को देखने की खिड़कियां हैं।...

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बिनु पानी सब सून By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

प्रिय दीदीचौंक गई न? तुमने तो कभी सोंचा तक नहीं होगा कि मैं तुम्हें पत्र लिखूँगी। पर एक बात शायद भूल गई तुम, या शायद जान-बूझ कर भुला दिया कि मैं सदा की स्वार्थी रही हूँ... आज भी मे...

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हिंदुस्तान की कथा By Anand Tripathi

एक ऐसा देश जिसकी चाहत समस्त पृथ्वी के धुरंधर ने की। शायद इस पर उनका ही राज हो जाए। लेकिन हिंदुस्तान में वही लोग राज किए। जिनको हिंदुस्तान ने चाहा और उसको पूजा भी। इसलिए हिंदुस्तान...

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जुनून By Anand M Mishra

जुनून शब्द का अर्थ कुछ लोग पागलपन से लगाते हैं। बात सही भी लगती है। जब तक किसी कार्य के प्रति पागलपन नहीं आएगा तब तक वह कार्य नहीं हो सकता। जुनून अंदर से ही आता है, इसका हुनर से को...

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मैं अकेला ही काफी हूँ By Mohit Rajak

दोस्तों हमारे साथ अक्सर ऐसा है, होता जब हमे कोई नहीं समझता है । हमारे साथ कोई भी नहीं होता है, हमे हमारी मंजिलो तक खुद ही चलना पड़ता है कोई साथ नहीं देता है , ऐसे में जब कोई भी हमे...

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पापा By Keval Makvana

"गुड मॉर्निंग डैड।" विशाल अपने पिता विराटभाई के पास गया और बोला। विराटभाई ने कहा, "सुप्रभात, बेटा। तो आज से उसकी स्कूल की छुट्टी है?" विशाल ने क...

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एक नया सफ़र रेगिस्तान की ओर By Priyanka Patel

नई जगह नए लोग,खामोश हूं में बोल रही खामोशियाँ।चार दीवालों से निकलकर चली जैसलमेर के रेगिस्तान में,चार दिन के इस सफर में जाने पूरा जहा जी आई में।।रेगिस्तान की इस जमी पर रेत के सिवा न...

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थैंक यू By Bhavna Shekhar

आज उमा बहुत उदास है। पति के जाने के बाद दो ही सहारे थे ज़िन्दगी का सूनापन काटने के -- कॉलेज की नौकरी और नेहा। नेहा अब बारहवीं पास करके मुम्बई चली गयी। अब तो उसके कॉलेज का एक सेमेस्...

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त्रिजटा बोली By अंजु पी केशव अना

रावण के जाने का आभास होते ही सीता की आँखों से अश्रुधारा प्रवाहित होने लगी। अभी तक जिस संयम और दृढ़ता से अपने मन को सम्भाल कर रखा था, एकान्त मिलते ही वह आँस...

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लक्ष्मी का वरदान By Kamal Maheshwari

किसी नगर में एक धनलाल नाम का सेठ था । धन के देवता कुबेर जी उनसे बहुत प्रसन्न थे। घर मे किसी भी चीज की कोई कमी नही थी। दूध,घी,धन्य एवं धान सभी भरपूर था। इतना सबक कुछ होने के बाद भी...

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भविष्य By Nidhi Makwana

हम सोचते है हमारे भविष्य के बारे में ओर फिर हम उस भविष्य को सच करने के लिए हम मेहनत करते है।लेकिन जब हम अपनेे करियर केे बारे में सोचते है और उसे सच करने में लग जाते है।तब हमे बहोत...

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उजाले की ओर--संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर--संस्मरण ---------------------- नमस्कार स्नेही मित्रों मैं अधिकतर आपसे अपने ज़माने यानि 50/60 वर्ष पूर्व की बातें साझा करती हूँ | वैसे मैं आज भी हूँ तो ये ज़मान...

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तर्ज़नी से अनामिका तक - भाग १२ - अंतिम भाग By Rajesh Maheshwari

101. नैतिकता का तालाब यह घटना कई वर्ष पूर्व की है परंतु पीढी दर पीढी वहाँ के आसपास के निवासियों की जुबान पर आज भी रहती है। जबलपुर को तालाबों को षहर भी कहा जात...

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वो चार लोग By Mayank Saxena Honey

वो चार लोग (सत्यता पर आधारित एक प्रेरक दर्शन।) चार लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे? चार लोग सुनेंगे तो क्या कहेंगे? आप सभी ने ये वाक्य अवश्य सुने होंगे। आखिर वो चार लोग हैं कौन? और आखिर...

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एक जन्म: By Naina Yadav

एक बार एक मनुष्य अपने जीवन से तंग होकर ईश्वर से कहता है कि हे भगवान मैं इस रूप से तंग होकर इसका त्याग करना चाहता हूं भगवान बोले तथास्तु उन्होंने पूछा कि तुम क्या बनना चाहते हो उसने...

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वक्त सबसे अच्छा मित्र By Anand M Mishra

वक्त सब सिखा देता है। वक्त की मार जीवन में प्रायः हर किसी को लगती है। चाहे वे श्रीराम, श्रीकृष्ण, तुलसीदास, कालीदास या कोई और हों। जब वक्त की मार पडती है तो बड़े-बड़े धराशायी हो जा...

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दो यार और वो - दो यार By Mehul Pasaya

सुनो महेश तुम मेरे साथ आ सकते हो, मुझे थोडा काम है तुम्हराहा चलो चंदू वैसे भी मे अभी कुच भी काम नही कर रहा हू सो चल सकते हैओके तो चलो, वैसे हमे ना कही घुमने जाना है तो तुम तयार होह...

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सफलता का रहस्य By Krishna Kant Srivastava

एक नौजवान युवक ने अपने जीवन यापन हेतु बड़े उत्साह के साथ एक व्यापार की शुरुआत की, परंतु दुर्भाग्यवश कुछ ही समय में किसी बड़े घाटे की वजह से उसका व्यापार बंदी की कगार पर पहुंच गया।व्य...

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मनीराम तोता By Kamal Maheshwari

मनीराम तोते के पूरे परिवार को किसी शिकारी ने मार डाला था । जब शिकारी ने उसके पूरे परिवार की हत्या की थी , तब वह परिवार के लिए भोजन तलाश में गया था । आकर देखा तो उसकी पत्नी और दो छो...

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गुरू की सीख By Krishna Kant Srivastava

गुरु रामदास विद्यालय में हिंदी शिक्षक के रूप में कार्य करते थे। गुरु रामदास बड़े दिनों बाद आज शाम को घर लौटते वक़्त अपने दोस्त गोपाल जी से मिलने उसकी दुकान पर गए। गोपाल जी शहर में कप...

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राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक By Anand M Mishra

हर देश के लिए यह जरूरी है कि उसका एक झंडा हो, जिसके तले पूरा राष्ट्र एक हो जाए जो त्याग, शांति और एकता का प्रतीक हो। ऐसे में देश को एक सूत्र में बाँधने का कार्य हमारा राष्ट्रीय ध...

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जीवन की सच्ची पूंजी By Krishna Kant Srivastava

एक बार एक शक्तिशाली राजा दुष्यंत घने वन में शिकार खेल रहा थे। अचानक मौसम बिगड़ गया। आकाश में काले बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। धीरे-धीरे सूर्य अस्त हो गया और घना अंधेरा छ...

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साला फटीचर By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

साला फटीचर आज काम का बोझ बहुत ज्यादा था, आलोक को मानो साँस लेने की भी फुर्सत नहीं थी। ऐसे में जब पियून ने किसी विजय कुमार का कार्ड लाकर सामने रखा तो उसने मना ही कर दिया... एक तो...

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हंसना- गुण या दोष? By Anand M Mishra

हंसी के कई प्रकार होते हैं – अट्टहास, मुस्कुराना, खिलखिलाना, मंद मुस्कान आदि। सभी में मनोभाव अलग-अलग तरह के होते हैं। दांत निपोरकर हंसने वाली मुद्रा अलग होती है, वह एक प्रकार से शा...

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कृष्णा By Vijay Tiwari Kislay

कृष्णा कृष्णा था तो पिछड़े वर्ग से किंतु ईश्वर ने उसके दिमाग में बुद्धि कूट कूट कर भरी थी। वह जितना बुद्धिमान था उतना ही सहृदयी और परोपकारी भी था। धर्मपरायणता, सुसंस्का...

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आधार - 24 - भगवत कृपा, जीवन की दिव्य शक्ति है। By Krishna Kant Srivastava

भगवत कृपा, जीवन की दिव्य शक्ति है।कभी आप रास्ते में पड़े पत्थर से टकराकर लड़खड़ाते हैं फिर संभल जाते हैं और चोट खाने से बच जाते हैं। कभी आपके नजदीक से एक तेज रफ्तार कार गुजर जाती ह...

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पुस्तकों की दुनिया By Anand M Mishra

पुस्तकों का संसार! आज के डिजिटल युग से बिल्कुल अलग! पुस्तकें इतिहास, साहित्य, विज्ञान और सभ्यता की संवाहक हैं। दुनिया में परिवर्तन के इंजन हैं। दुनिया को देखने की खिड़कियां हैं।...

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बिनु पानी सब सून By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

प्रिय दीदीचौंक गई न? तुमने तो कभी सोंचा तक नहीं होगा कि मैं तुम्हें पत्र लिखूँगी। पर एक बात शायद भूल गई तुम, या शायद जान-बूझ कर भुला दिया कि मैं सदा की स्वार्थी रही हूँ... आज भी मे...

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हिंदुस्तान की कथा By Anand Tripathi

एक ऐसा देश जिसकी चाहत समस्त पृथ्वी के धुरंधर ने की। शायद इस पर उनका ही राज हो जाए। लेकिन हिंदुस्तान में वही लोग राज किए। जिनको हिंदुस्तान ने चाहा और उसको पूजा भी। इसलिए हिंदुस्तान...

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जुनून By Anand M Mishra

जुनून शब्द का अर्थ कुछ लोग पागलपन से लगाते हैं। बात सही भी लगती है। जब तक किसी कार्य के प्रति पागलपन नहीं आएगा तब तक वह कार्य नहीं हो सकता। जुनून अंदर से ही आता है, इसका हुनर से को...

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मैं अकेला ही काफी हूँ By Mohit Rajak

दोस्तों हमारे साथ अक्सर ऐसा है, होता जब हमे कोई नहीं समझता है । हमारे साथ कोई भी नहीं होता है, हमे हमारी मंजिलो तक खुद ही चलना पड़ता है कोई साथ नहीं देता है , ऐसे में जब कोई भी हमे...

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पापा By Keval Makvana

"गुड मॉर्निंग डैड।" विशाल अपने पिता विराटभाई के पास गया और बोला। विराटभाई ने कहा, "सुप्रभात, बेटा। तो आज से उसकी स्कूल की छुट्टी है?" विशाल ने क...

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एक नया सफ़र रेगिस्तान की ओर By Priyanka Patel

नई जगह नए लोग,खामोश हूं में बोल रही खामोशियाँ।चार दीवालों से निकलकर चली जैसलमेर के रेगिस्तान में,चार दिन के इस सफर में जाने पूरा जहा जी आई में।।रेगिस्तान की इस जमी पर रेत के सिवा न...

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थैंक यू By Bhavna Shekhar

आज उमा बहुत उदास है। पति के जाने के बाद दो ही सहारे थे ज़िन्दगी का सूनापन काटने के -- कॉलेज की नौकरी और नेहा। नेहा अब बारहवीं पास करके मुम्बई चली गयी। अब तो उसके कॉलेज का एक सेमेस्...

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त्रिजटा बोली By अंजु पी केशव अना

रावण के जाने का आभास होते ही सीता की आँखों से अश्रुधारा प्रवाहित होने लगी। अभी तक जिस संयम और दृढ़ता से अपने मन को सम्भाल कर रखा था, एकान्त मिलते ही वह आँस...

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लक्ष्मी का वरदान By Kamal Maheshwari

किसी नगर में एक धनलाल नाम का सेठ था । धन के देवता कुबेर जी उनसे बहुत प्रसन्न थे। घर मे किसी भी चीज की कोई कमी नही थी। दूध,घी,धन्य एवं धान सभी भरपूर था। इतना सबक कुछ होने के बाद भी...

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भविष्य By Nidhi Makwana

हम सोचते है हमारे भविष्य के बारे में ओर फिर हम उस भविष्य को सच करने के लिए हम मेहनत करते है।लेकिन जब हम अपनेे करियर केे बारे में सोचते है और उसे सच करने में लग जाते है।तब हमे बहोत...

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