एक 180 दिनों का कॉन्ट्रैक्ट... और एक न बुझने वाली आग!" ⛓️❤️
रात का सन्नाटा, हवेली की बालकनी और हाथ में कड़क चाय का प्याला...
अभिमान ने अन्वेषा को घेरे में लेते हुए कहा— "ये चाय सुकून नहीं, आज रात तुम्हारी नींद हराम करने का बहाना है।"अन्वेषा ने आँखों में आँखें डालकर जवाब दिया— "हुकुम, नींद उनकी हराम होती है जिनके इरादे कमज़ोर हों, डीएम की कलम नहीं!"
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