बहुत समय से टिकी है पवन
पृथ्वी पर,
बहुत समय से टिके हैं वृक्ष
पृथ्वी पर,
बहुत समय से टिकी हैं नदियां
पृथ्वी पर,
बहुत समय से टिके हैं पहाड़
पृथ्वी पर,
बहुत समय से टिका है समुद्र
पृथ्वी पर,
महाभारत से पहले और महाभारत के बाद
बहुत समय से टिका है मनुष्य
पृथ्वी पर।
*** महेश रौतेला