किसी से जब इश्क हो जाये
किसी से जब प्यार करना तुम
जरा पहले परख लेना
कदम तभी बढ़ाना तुम
चोट मिल जायें ना राहों में
दिल का ख्याल रखना तुम
गर हो जायें और किसी का वो
न जरा भी मलाल रखना तुम
तन्हा रहने की नौबत गर आये
इश्क की सौगात समझ लेना तुम
तारों भरी रातों में
चांद बे- दाग समझ लेना तुम
इसी को इश्क कहते हैं
इसी को प्यार समझना तुम
बिछड़ना इश्क का दस्तूर है शायद
मिलन को ही न चाह समझना तुम