नारी प्रेम कर सकती है... तो प्रलय भी ला सकती है।
वह अपने आँचल में पूरा संसार समेट सकती है, तो अपने साहस से साम्राज्य भी हिला सकती है।
वह ममता बनकर जीवन सँवारती है, तो दुर्गा बनकर अन्याय का अंत भी करती है।
प्रेम उसका स्वभाव है, लेकिन स्वाभिमान उसकी पहचान।
उसकी खामोशी को कभी कमजोरी मत समझना, क्योंकि जब वह अपने सम्मान और सत्य के लिए खड़ी होती है, तो सिर्फ़ हालात नहीं... इतिहास बदल जाते हैं।
piyu 7 soul ❤️