"दिल की राहत"
कदम थम गए मेरे जब उस पर नजर मेरी गई,
वो मुस्कुराए दूर से मुझे देख कर फिर धड़कने ठहर सी गई।
फिर एक खुशी झलक उठी आंखों के दरमिया से,
एक अरसा बाद आज इस दिल को राहत मिल गई।
मैं ठहरा नहीं इस दफा बस दौड़ पड़ा उसकी तरफ,
बाहों में समेट कर उसे, मेरी दुनिया मुकम्मल हो गई।
-MASHAALLHA