तुम अकेले तो नहीं पार्ट 1
सच कहते हैं
खतरनाक वह लोग नहीं जो सचमुच में खतरनाक दिखते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक वह लोग होते हैं
जो हम आम इंसानों की तरह रहते हैं
जिस मे उसकी ही टूटन भारी होती है
और उसे जब भी मौका मिलता है
किसी और पर उतरने की कोशिश करता है
अपने दर्द अपने फर्स्टशन को
अपने गमों को समझने की वजह वह अपनी तकलीफों की वजह किसी और को ठहर आता है
वे अपने दर्द को समझने और संभालने के बजाय
वो किसी और को चोट पहुँचाकर हल्का करने लगते हैं
उसका दर्द तब किसी और की तकलीफ बन जाता है
हम किसी टूटे हुए इंसान के लिए सहानुभूति रख सकते हैं
लेकिन उसके उस व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकते
यह नैतिक नहीं है
कोई भी यह नहीं मान सकते कि
वह अपने दर्द की वजह से किसी
और चोट पहुंचा
हां
मैं जानती हूं कि लोग अपने तकलीफों से ऊभर नहीं सकते
पर और साथ में जरूरी यह भी है कि
धीरे-धीरे उसे दर्द को खुद की जिंदगी से निकाल कर दूर फेंकना सीखे
अपने दर्द के लिए अपने आय हुई जिंदगी में दूसरे इंसान को तकलीफ नहीं दे सकते
ऐ कहे के की मुझे भी दर्द हुआ है
दर्द सबको होता है उसे इंसान को भी
जो खुद टूट जाते हैं
पर दूसरों को तकलीफ नहीं देता
इस दुनिया में तुम अकेला विक्टिम नहीं हो
बात को समझो
जिंदगी सचमुच में खूबसूरत है
अपने दर्द से बाहर निकाल कर दुनिया की तरफ देखो
वह पार्टनर जो तुम्हारे प्यार से बातें करने के इंतजार कर रही है
जरा उसकी तरफ देखो
क्या सचमुच में तुम्हें लगता है कि
दुनिया में कहीं भी प्यार नहीं है