लौठ कर मत आना -
सुनो, तुम अब लौठ कर मत आना, ऐसा नहीं कि अब तुमसे प्रेम नहीं है, हां, पर अब इंतज़ार नहीं।
यह विरह मुझे स्वीकार है, पर अब प्रेम तुम्हारा स्वीकार नहीं।
यह भी मत कहना कि तुम्हारे प्रेम में कोई हीनता थी, मैं ही प्रेमरक्षण में असफल रहा
सबको यही बताना,
सुनो,
तुम अब लौठ कर मत आना..!!