मां का प्यार दुनिया का अनमोल तौफा है इस प्यार को पाने के लिए भगवान भी धरती पर आए है और देवता धरती पर आने के लिए तरसते है
मां शब्द अपने आप में ही पूर्ण है हर किसी का स्थान ले सकती है हर किसी के जैसा प्रेम दे सकती है पर मां का स्थान न कोई ले सकता है और न ही उसके जैसा प्यार कोई दे सकता है।
अपने बच्चों की तकलीफ को सबसे पहले महसूस करने वाली औरत मां है
दुनियां में फरिश्ते नहीं होते है लेकिन हजारों फरिश्तों की तरह ख्वाहिश पूरा करती है मां।
मां से ही संतान का अस्तित्व है मां के बिना व्यक्ति का जीवन सभी सुविधाओं सुखो से पूर्ण होने के बाद भी अधूरा ही रहता है।
छोटा बच्चा हो या बूढ़ा व्यक्ति सभी को मां की जरूरत महसूस होती है।
हम जब भी घर में कदम रखते है चाहे कोई काम हो या न हो सबसे पहले मां को ही ढूंढते है थोड़ी देर ना दिखे तो मन बेचैन होने लगता है। मां का दिख जाना मात्र ही पर्याप्त होता है।
मां तू जननी जगद जननी है तुझसे पूर्ण मेरा आकर है तेरे बिन में यू हु बिना खुशबू का पुष्प हो।
मां तू मेरी कहानी की लेखिका है तेरे होने से ही मेरा जीवन सुखद है।