बड़े अंजान लगते हो इस फरेबी दुनिया से
बड़े अंजान लगते हो इस फरेबी दुनिया से।
लगता है कदम रखा है अभी तुमने मोहब्बत की दुनिया में
कदम रखा है अभी मोहब्बत की दुनिया में
पुराने होते तो तुम्हे पता होता कि यहां अपने भी छोड़ जाते है राह में। थोड़ी मासूमियत कम ही रखना कलियाँ रौंद दी जाती है तितलियों की चाह में।
मन के अल्फ़ाज शब्दों में
krishna singh