कभी बातों-बातों में कोई अपना सा लगने लगता है,
अनजाना होकर भी दिल के करीब रहने लगता है।
पता ही नहीं चलता कब समझने लगे एक-दूजे को,
बस हर बात में एक सुकून सा मिलने लगता है।
शायद रिश्तों की खूबसूरती यही तो होती है—
बिना कहे भी कोई बहुत कुछ समझने लगता है।
- SARWAT FATMI