जब कान्हा आएँगे 🦚💙
जब कान्हा आएँगे,
तो मन में फिर से उजाला होगा,
सूनी पड़ी उम्मीदों के आँगन में,
मुरली का मधुर निवाला होगा।
जहाँ दर्द ने घर बना लिया है,
वहाँ प्रेम की बारिश होगी,
जिस दिल ने हार मान ली है,
उसमें फिर जीने की ख्वाहिश होगी।
न मुकुट की चाह होगी,
न महलों का अभिमान,
बस अधरों पर मुस्कान होगी,
और हृदय में राधे-कृष्ण का नाम।
कान्हा से बस इतना कहना है—
“मेरे हिस्से में खुशियाँ कम ही सही,
पर जब भी मन टूटने लगे,
मेरी उँगली थाम लेना कहीं।”
क्योंकि कृष्ण का जन्म केवल
एक युग की कहानी नहीं…
वो हर उस दिल में जन्म लेते हैं,
जहाँ प्रेम अभी बाकी है। 💙
राधे राधे।
जय श्री कृष्ण। 🦚✨
Happy janmashtami to matrubharti family