Hindi Quote in Thought by Priyanka Singh

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कभी-कभी लगता है, मैं सबकी जरूरत हूँ,
पर किसी की आदत नहीं।

जब किसी को मेरी जरूरत होती है,
तो मैं हर हाल में उनके साथ होती हूं -
बिना सवाल, बिना किसी शर्त।,
लेकिन जब मुझे किसी की जरूरत होती है,
तो लोग साथ तो होते हैं...
मगर साथ होकर भी साथ नहीं होते।,😔

लोगों को अपना छोटा दुःख भी पहाड़ लगता है,,
और दूसरों का बड़ा दुःख भी... बस एक बात।,
कभी कोई नहीं पूछता -
तुम ठीक हो ना ?
जैसे मेरा दुःख , मेरी थकान, मेरा अकेलापन -
कोई मायने ही नहीं रखता।,🥺

मैं अक्सर मुस्कुराती हूं...
क्योंकि मुझे रोते हुए देखना कोई नहीं चाहता।,
और जब सच में टूट जाती हूँ,
तब यही लोग कहते हैं :
तुम तो strong हो, ना!😥

पर मेरा strong होना , मेरी choice नहीं,
मजबूरी है...
क्योंकि मेरा दर्द सुनने वाला कोई नहीं होता।,

मैं सबके लिए हूँ...
पर कोई मेरा नहीं होता।
शायद इसलिए अब खुद से बातें करना,
सबसे सच्चा साथ लगता है।।, 🌼🌿😊

Hindi Thought by Priyanka Singh : 111989328
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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